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चुनाव में हार के बाद अपरिपक्व और अगंभीर नेता जैसा तेजस्वी यादव का आचरण: केसी त्यागी

केसी त्यागी ने तेजस्वी यादव को अपरिपक्व और अगंभीर नेता करार दिया है. (फाइल फोटो)
केसी त्यागी ने तेजस्वी यादव को अपरिपक्व और अगंभीर नेता करार दिया है. (फाइल फोटो)

केसी त्यागी ने तेजस्वी को एक अगंभीर नेता बताते हुए कहा, सत्ता से हटने के बाद उनका आचरण एक गंभीर प्रवृति का नेतृत्व करने वाले नेता का नहीं है. न परिवार, न सहयोगी को साथ लेने में सक्षम हैं और न ही तेजस्वी के पास एक परिपक्व नेता का आचरण है.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janta Dal)की कमान तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) को सौंपे जाने की खबरों के बीच बिहार में सियासी बयानबाजियों (Political Statements) का दौर भी शुरू हो गया है. एक ओर जहां जेडीयू  (JDU) उन्हें परिपक्व और गंभीर नेता नहीं मानती वहीं कांग्रेस (Congress) उनके बचाव में खड़ी दिखती है. हालांकि वह अभी भी महागठबंधन  (Grand Alliance) का नेता मानने को तैयार नहीं है.

जेडीयू ने तेजस्वी को अगंभीर नेता कहा
जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने तेजस्वी को एक अगंभीर नेता बताते हुए कहा, वे मेरी पीढ़ी के नहीं हैं, लेकिन उनको अभी बहुत कुछ सीखना है.  सत्ता से हटने के बाद उनका आचरण एक गंभीर प्रवृति का नेतृत्व करने वाले नेता का नहीं है. न परिवार, न सहयोगी को साथ लेने में सक्षम  हैं और न ही तेजस्वी के पास एक परिपक्व नेता का आचरण है.

आरजेडी नेता के तौर पर कांग्रेस ने किया समर्थन  
वहीं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने आरजेडी में तेजस्वी को कमान दिए जाने की बात का इशारों में समर्थन किया है. उन्होंने कहा, जब आदमी सोचने का मन बना लेता है तो ख़ुद नेता भी खोज लेता है. जब विकल्प की बात होती है तो छोटा बड़ा नहीं होता. उन्होंने आगे कहा कि जब चुनाव आएगा तो अपने आप विकल्प आ जाएगा.



महागठबंधन का नेता मानने से कांग्रेस का इनकार
हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें महागठबंधन का नेता मानने के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया. अलबत्ता ये जरूर कहा कि जब महागठबंधन के लोग बैठे थे तो इस मुद्दे पर कोई विचार ही नहीं हुआ. तेजस्वी को आरजेडी का नेता चुन लिया गया है, लेकिन यह पांच दल का गठबंधन है.  जब सभी बैठेंगे और जो उसमें निकल कर आएगा वही फाइनल होगा.

वहीं, जेडीयू के एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि विरासत से मिली हुई संपत्ति में वो मजा नहीं है जो संघर्ष में है. उन्होंने कहा कि अब मौजूदा पीढ़ी अपना भविष्य संजीदगी से तलाश रहा है उसमें नहीं है.

इनपुट- अमितेश

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