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तेजस्वी के धरने पर बोले सुशील मोदी- नरसंहार-अपहरण को बढ़ावा देने वालों को अब गांधी क्यों याद आने लगे?

सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)
सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

Kisaan Aandolan: सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने लिखा, लालू-राबड़ी राज में गांधी ही नहीं, जेपी, लोहिया, कर्पूरी ठाकुर (Karpoori Thakur) तक अनेक महापुरुषों के आदर्शों को रौंद कर सम्पत्ति बनायी गई और वंशवादी राजनीति को मजबूत किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 8:22 AM IST
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पटना. बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए बिहार के किसानों को भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) व उनकी पार्टी के नेता व समर्थकों एवं महागठबंधन में शामिल कांग्रेस व वाम दल पटना के गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा (Statue of mahatma gandhi) के सामने इस कानून के विरोध में धरने पर बैठेंगे. शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए राजद नेता ने कहा था कि गांधी मूर्ति के पास इसलिए धरना देगी क्योंकि ये गांधी जी के विचारों से जुड़ा मसला है. अब तेजस्वी यादव के इसी बयान के आधार पर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने निशाना साधा है.

भाजपा नेता ने इसको लेकर ट्वीट किया और लिखा, राजद के 15 साल के राज में दलितों के सामूहिक संहार, फिरौती के लिए 17000 लोगों का अपहरण और पंचायत से संसद तक के लिए हुए कुल नौ चुनावों में 641 हत्याएं हुईं, लेकिन तब उन्हें गांधीजी के सिद्धांत की याद नहीं आयी. लालू- राबड़ी राज में गांधी ही नहीं, जेपी, लोहिया, कर्पूरी ठाकुर तक अनेक महापुरुषों के आदर्शों को रौंद कर सम्पत्ति बनायी गई और वंशवादी राजनीति को मजबूत किया गया.

उन्होंने आगे लिखा, आज जिनके मन में गांधी जी की प्रतिमा के सामने धरना देने का विचार आ रहा है, वे सत्ता में रहते हुए गांधी को बहुत पहले भूल चुके हैं. गांधीवाद से उन्हें यदि सचमुच कोई लगाव होता तो माओ-लेनिन के हिंसक सिद्धातों में भरोसा रखने वाले वामदलों से गठबंधन नहीं करते.



सुशील मोदी ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा, लालू प्रसाद ने नोटबंदी और जीएसटी का विरोध किया, लेकिन संसदीय चुनाव में गरीबों ने उन्हें खारिज कर दिया. उनकी पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के चलते नागरिकता कानून के खिलाफ भ्रम फैलाने वालों का भी साथ दिया.  इसके बावजूद सीमांचल में उन्हें निराशा मिली. अब राजद, कांग्रेस और वामदल कृषि कानून पर भ्रम फैला रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि एनडीए सरकार ने कुछ फसलों की एमएसपी ढाई गुना तक बढ़ाकर इस व्यवस्था को मजबूत किया, जबकि विपक्ष इसके खत्म होने का झूठ प्रचारित कर रहा है. उनका झूठ फिर बेनकाब होगा.
बता दें कि तेजस्वी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना देने को लेकर तर्क दिया था कि यह गांधी जी से विचारों से जुड़ा मसला है. उन्होंने कहा था कि गांधी जी को महात्मा चम्पारण की धरती ने बनाया. नील की खेती वाली और अंग्रेज वाली ही स्थिति है. हर किसी को मजदूर बनाकर छोड़ा जाएगा.

तेजस्वी ने इसे नीतीश सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार के सीएम ने कोरोना को लेकर कमिटी बनाने की बात कही थी. सदन को गुमराह कर सिर्फ मीडिया में बातों की हवा बनायी जाती है. ऐसी सरकार जो झूठी सरकार हो. पहली बार एनडीए सरकार में परम्परा चल रही. झूठ बोलो, शानदार बोलो और बारबार बोलो. जो अधिकारी दिया उसे पढ़कर बोल दिया.
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