Kisan Aandolan: तेजस्वी ने मानव श्रृंखला को सफल बनाने का किया आह्वान, बोले- बिहार में लागू हो मंडी सिस्टम

30 जनवरी को बिहार में आयोजित होने वाली मानव श्रृंखला को लेकर महागठबंधन की प्रेस कॉंफ्रेंस.

30 जनवरी को बिहार में आयोजित होने वाली मानव श्रृंखला को लेकर महागठबंधन की प्रेस कॉंफ्रेंस.

Kisan Aandolan: तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि उन्‍हें लगता नहीं है कि नीतीश कुमार कभी समाजवादी नेता रहे हैं. इस समय छात्र नाराज हैं, किसान नाराज हैं, शिक्षक नाराज हैं और महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं, वह फिर भी सत्ता से चिपके हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2021, 1:20 PM IST
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पटना. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के समर्थन में महागठबंधन (Grand Alliance) की ओर से बिहार में 30 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाई जाएगी. इसको लेकर महागठबंधन में शामिल दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक राबड़ी आवास पर बुलाई गई. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए बिहार के लोगों का आह्वान किया. उन्होंने दावा किया कि बिहार के लोग इसे सफल बनाएंगे.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में भी जल्द से जल्द बाजार समिति और मंडी की व्यवस्था लागू होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि बिहार के किसान भी उसी धारा में आएंगे जिस तरीके से हरियाणा, पंजाब व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं.

तेजस्‍वी यादव ने बिहार की नीतीश सरकार को भी कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की और कहा कि MSP से भी आधी कीमतों पर फसलों की खरीद हो रही है. डीजल का दाम बढ़ाया जा रहा है और मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आखिर किसान जाएगा तो कहां जाएगा? क्या करेगा किसान? इसलिए हमलोगों का दायित्व बनता है कि किसानों का साथ दें और उनकी आवाज बनें.

आरजेडी नेता ने कहा कि नीतीश सरकार झूठे वादे करती है. सैट निश्चय वन हो या सात निश्चय दो; सब में घपला और घोटाला है. सीएम सिर्फ अपनी कुर्सी के बचाव में लगे हुए हैं. मुख्यमंत्री का जनता से कोई संपर्क नहीं है. मुख्यमंत्री का एक ही अभियान है कि जोड़-तोड़; किसी भी प्रकार से कुर्सी उनके हाथ से नहीं जानी चाहिए.
तेजस्वी ने कहा कि हमको तो नहीं लगता कि सीएम नीतीश की कोई विचारधारा भी है. उन्होंने कहा कि जिनकी कोई नीति नहीं, कोई सिद्धांत नहीं उनपर क्या कहा जा सकता है. मुझे तो संदेह है कि नीतीश जी कभी समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर को खत्म किया जा रहा है, उसको बंद कराया जा रहा है, लेकिन नीतीश जी ने एक भी शब्द नहीं कहा और न ही कोई ट्वीट किया. राजद नेता ने कहा कि हमें तो यह लगता ही नहीं कि नीतीश कुमार कभी समाजवादी नेता भी रहे हैं. छात्र नाराज हैं, किसान नाराज हैं, शिक्षक नाराज हैं और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे है. फिर भी वे सत्ता से चिपके हुए हैं.
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