LJP में नया नहीं है पारिवारिक झगड़ा, लालू-मुलायम परिवार में भी कुर्सी के लिए छिड़ चुकी है जंग

लालू प्रसाद के साथ मुलायम सिंह यादव और रामविलास पासवान की फाइल फोटो

LJP Leadership Change: बिहार के दिग्गज दलित राजनेता रामविलास के निधन के महज एक साल के अंदर ही उनकी पार्टी लोजपा और परिवार टूट के कगार पर हैं. इसकी वजह सत्ता में दखल और पॉवर हथियाना है.

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    सुमित झा

    पटना. जब भी किसी पार्टी की स्थापना होती है, तो किसी विचारधारा, किसी नारे, किसी मकसद के आधार पर और सबसे बड़ा मकसद होता है लोकतंत्र को मजबूत करना. इसी मकसद से कार्यकर्ता भी जुड़ते हैं, लेकिन जब वही पार्टी महज एक परिवार बन कर रह जाए तो फिर तमाशा और परिवार की मारामारी के अलावा कुछ नहीं होता है. परिवार की यही मारामारी लोकतंत्र पर भारी पड़ने लगती है और यही बार-बार होता आया है. कुछ ऐसा ही दिख रहा है बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी में, जहां परिवार में ही पॉवर की लड़ाई छिड़ी है और नतीजा तख्ता पलट के तौर पर सामने आया है.

    याद कीजिए 5 साल पहले 24 अक्टूबर 2016 की तस्वीर, जब यूपी के लखनऊ में पार्टी ऑफिस में मंच पर समाजवादी परिवार के चाचा और भतीजे की लड़ाई सरेआम हुई और कार्यकर्ता देखते रह गए. सुलह के लिए बुलाई गई बैठक में शिवापल यादव और अखिलेश यादव कहासुनी होती रही और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव देखते रह गए. तब भी चाचा भतीजे की लड़ाई हुई थी और तब भी परिवार की मारामारी लोकतंत्र पर भारी पड़ी थी. पांच साल बाद 14 जून 2021 को भी फिर एक तस्वीर नज़र आई.

    अब चाचा-भतीजे की लड़ाई सड़क पर
    यूपी के समाजवादी परिवार की तर्ज पर एलजेपी में भी चाचा-भतीजे की लड़ाई का तमाशा दिल्ली की सड़क पर दिखा. चाचा पशुपति पारस ने अपने साथ चार सांसदों को लेकर पूरी पार्टी हाइजैक कर ली और भतीजे चिराग पासवान चाचा के बंगले के बाहर मुंह ताकते रह गए. शाम होते-होते पशुपति एलजेपी संसदीय दल के नेता बन गए और एक बार फिर लोकतंत्र पर एक परिवार की मारामारी भारी पड़ी, लेकिन ये दरअसल बानगी भर है. जरा देखिए कैसे परिवार की मारामारी बार-बार लोकतंत्र पर भारी पड़ती रही है.



    एलजेपी में लोकतंत्र पर भारी परिवार की मारामारी

    स्व. रामविलास पासवान-बेटा- चिराग पासवान-सांसद
    भाई--स्व. रामचंद्र पासवान
    बेटा-- प्रिंस राज- सांसद,
    भाई--पशुपति पारस, सांसद
    एलजेपी में पशुपति पारस (चाचा) और चिराग पासवान (भतीजे) की लड़ाई

    रामविलास पासवान के परिवार का राजनीतिक ओहदा


    आरजेडी में लोकतंत्र पर भारी परिवार की मारामारी

    लालू यादव--पत्नी- राबड़ी देवी--पूर्व सीएम
    बेटा- तेजस्वी यादव- नेता प्रतिपक्ष
    बेटा- तेजप्रताप यादव-विधायक और पूर्व मंत्री
    बेटी- मीसा भारती- राज्यसभा सांसद
    तेजस्वी और तेजप्रताप के बीच 2019 चुनाव में सरेआम खींचतान हुई थी. अंदरखाने दोनो भाईयों के बीच विवाद माना जाता है.

    लालू परिवार का राजनीतिक कुनबा


    समाजवादी पार्टी में लोकतंत्र पर भारी परिवार की मारामारी

    मालती देवी (पत्नी) मुलायम सिंह यादव- पत्नी--साधना गुप्ता
    अखिलेश यादव (बेटा), पूर्व सीएम प्रतीक यादव (बेटा)
    डिंपल यादव (बहू), पूर्व सांसद अपर्णा यादव (बहू)
    शिवपाल यादव भाई
    रामगोपाल यादव (भाई)
    शिवपाल यादव (चाचा) और अखिलेश यादव (भतीजे) की लड़ाई सरेआम हुई.

    उत्तर प्रदेश के मुलायम परिवार का राजनीतिक कुनबा


    ठाकरे परिवार भी अछूता नहीं
    इसके अलावा महाराष्ट्र में शिवसेना में भी चाचा स्व. बाल ठाकरे और भतीजे राज ठाकरे में नहीं बनी. तो उदाहरण दक्षिण के राज्य तमिलनाडु और तेलंगाना में परिवार की मारामारी के हैं. जाहिर है पार्टी के नाम पर नेता परिवार को बढ़ाते हैं और कार्यकर्ता सिर्फ झंडा ढोते रह जाते हैं और परिवार का तमाशा जब होता है, तो वहीं कार्यकर्ता सिर्फ तमाशा देखते रह जाते हैं और परिवार की मारामारी लोकतंत्र पर भारी पड़ जाती है.

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