बिहार चुनाव: कन्हैया ने कही ऐसी बात कि बरबस ही याद आ गए लालू! आप भी जानें दिलचस्प कहानी

कन्हैया कुमार और लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)
कन्हैया कुमार और लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

वर्ष 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग (Election commission) ने पूरी तरह ईवीएम से चुनाव कराने की बात कही थी. यह प्रयोग नया था और गांवों में लोग ईवीएम (EVM) का प्रयोग करना नहीं जानते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 12:48 PM IST
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पटना/बेगूसराय. बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार (Bihar Assembly Election Campaign) के लिए जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाकपा नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) भी मैदान में आ गए हैं. इसी क्रम में सोमवार को बेगूसराय की 2 विधानसभा सीट बखरी और तेघड़ा में कन्हैया ने ऐसी बात कह दी, जिससे RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की याद आ गई.

दरअसल, लालू यादव ने वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में पहली बार ईवीएम (EVM) का प्रयोग होने पर मतदाताओं से एक बात कही थी. कन्हैया ने अपने भाषण में कहा कि पिछले चुनाव में जनता ने बीजेपी के विरोध में वोट किया था और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की सरकार बनी थी, लेकिन कुछ ही महीनों के बाद बीजेपी ने सीएम को ही हैक कर लिया और पूरी तरह बाजी पलट दी. इसका परिणाम यह हुआ कि जनता ठगी की ठगी रह गई. इसलिए जनता को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है. बता दें कि कुछ ऐसी ही बात लालू ने अपने मतदाताओं को कही थी कि ईवीएम पर बटन दबाते समय कैसे सतर्क रहना है.

गौरतलब है कि वर्ष 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग (Election commission) ने पूरी तरह ईवीएम से चुनाव कराने की बात कही थी. हालांकि, यह प्रयोग नया था और गांवों में लोग ईवीएम का प्रयोग करना नहीं जानते थे. खासकर कम पढ़े-लिखे लोग और ग्रामीण महिलाओं में ईवीएम को लेकर हिचक थी. तब आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने इसके लिए अलग रास्ता खोज निकाला और अपने वोटर्स को अपने ही अंदाज में जागरूक किया.



राजनीतिक जानकार बताते हैं कि लालू यादव जब चुनाव प्रचार में निकलते थे तो मतदाताओं से ईवीएम के प्रयोग की जानकारी अपने ही अंदाज में देते. राजद अध्यक्ष मंच पर चढ़ कर आते थे तो ईवीएम का एक नमूना उनके हाथ में होता और वो दिखाते हुए लोगों से बताते कि जब बटन दबाने के बाद 'पीं' की आवाज निकले तो समझ जाना वोट पड़ गया. 'पीं' के पहले मशीन के सामने से हटना नहीं है. लालू का 'पीं' कहना लोगों को खूब भाता था. लोग आज भी उसे याद करते हैं.
लालू का यह यह 'पीं' वाला अंदाज तब मीडिया में भी सुर्खियां बनी थीं. तकरीबन सभी सभाओं में वह अपने अंदाज में पीं की बोली निकालते और लोगों को वोट देने का तरीका भी बताते. अनेकों बार ऐसे वाकये हुए कि कई जगहों पर लालू जब अपनी यह बात कहना भूल जाते तो, लोग टोक देते थे. बोटवा कैसे डालेम और लालू शुरू हो जाते कि अइसे दबाईं आउर आवाज आई 'पीं'.
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