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ग्राउंड रिपोर्ट : इन 5 प्वाइंट्स के जरिए जानिए पटना नाव हादसे के रियल 'विलेन'

ग्राउंड रिपोर्ट : इन 5 प्वाइंट्स के जरिए जानिए पटना नाव हादसे के रियल 'विलेन'

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जांच रिपोर्ट आने से पहले पहले न्यूज़ 18 ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए आपको बता रहा है कि आखिर 24 लोगों की मौत का असली विलेन कौन है?

मकर संक्राति के दिन पटना में नाव हादसे की जांच के आदेश दे दिये गए हैं. जांच की दो सदस्यीय टीम मंगलवार को दियारा जाकर जायजा लिया. इस टीम में आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और डीआईजी शालिन शामिल हैं. दियारा के लौटने के बाद एनआईटी घाट पर मीडिया से बात करते हुए कुछ भी पुख्ता जानकारी नहीं दी सिर्फ इतना कहा जांच चल रही है. जांच रिपोर्ट आने से पहले पहले न्यूज़ 18 ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए आपको बता रहा है कि आखिर 24 लोगों की मौत का असली 'विलेन' कौन है?

बिहार सरकार का पर्यटन विभाग

पटना नाव हादसे की सबसे ज्यादा लापरवाही बिहार सरकार के पर्यटन विभाग की दिख रही है. विभाग ने मकर संक्रांति के मौके पर दियाारा में  पतंग उत्सव के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों को आमंत्रित किया.  विज्ञापन में लोगों को फ्री में बोट, दही-चुड़ा और पतंग के साथ में कैमल राइडिंग का भी ऑफर दिया  .

पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर (news18)

अखबार में विज्ञापन देखकर करीब 25 से 30 हजार की संख्या में लोग दियारा पहुंच गये. प्रयर्टन विभाग ने बकायदा इसके लिए भारत सरकार के गायघाट पर खड़ी एमवी कस्तूरबा बोट का सहारा लिया. इस वोट से लोगों को फ्री में  दियारा पहुंचाया गया लेकिन उधर से लोगों को वापस लाने की बारी आई तो भारत सरकार की बोट गायब हो गई.

दियारा के जीतेंद्र कुमार सिंह राठौड़ ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन पर्यटन विभाग ने सबकुछ फ्री कर दिया. यहां तक की कैमल राइडिंग भी. दियारा में सिर्फ एक  ही मेरी कैमल थी लेकिन बगैर मुझसे पूछे अखबारों में फ्री कैमल राइडिंग का इश्तेहार दे दिया गया.

दियारा के ही रंजीत कुमार का कहना है कि पर्यटन विभाग का फ्री दही-चूड़ा और पंतग की बात बकवास थी. फ्री का मजा सिर्फ पर्यटन विभाग के अधिकारियों के रिश्तेदारों ने लिया. किसी आम लोगों को पूछा तक नहीं गया.

वहीं रामनाथ राय ने बताया कि पूरी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की थी. बड़ी बोट नहीं आने के कारण 24 लोगों ने अपनी जान गंवानी पड़ी. हमलोगों ने लोगों को उस पार पहुंचाने की पूरी कोशिश की लेकिन लोगों की तादाद बहुत ज्यादा थी.

भारत सरकार का भारतीय अन्तदेर्शीय जलमार्ग प्राधिकरण

बिहार के पर्यटन विभाग के बाद इस हादसे के लिए पटना के गायघाट पर स्थित भारत सरकार के पोत परिवहन मंत्रालय का भारतीय अन्तदेर्शीय जलमार्ग प्राधिकरण जिम्मेदार है. आखिर किसने कहने पर प्रधाकिरण की बोट कस्तूरबा से हजारों लोगों को दियारा में पहुंचाया. इससे भी बड़ी बात है कि भारत सरकार के इस बोट से लोगों को फ्री में उस पार पहुंचाया गया. आखिर यह किसके आदेश पर किया गया है?. अगर पोत परिवहन मंत्रालय की बोट से लोगों को दियारा पहुंचाया गया तो लाने की जिम्मेदारी किसकी थी. दिन में तीन बजे के बाद बोट को वापस क्यों बुला लिया गया है.

भारतीय अन्तदेर्शीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को यह अहसास क्यों नहीं हुआ है  दियारा गए लोग वापस कैसे आएंगे. न्यूज18 ने इस संबंध में प्राधिकरण के गायघाट दफ्तर जाकर जानने की कोशिश की लेकिन बताया गया कि डायरेक्टर रविकांत छुट्टी पर हैं और इंचार्ज आपसे बात नहीं सकते हैं क्योंकि वो व्यस्त हैं.

भारत सरकार की बोट (news18)

प्राप्त जानकारी के मतुाबकि भारतीय अन्तदेर्शीय जलमार्ग प्राधिकरण की कस्तूरबा बोट से 15-20  हजार से ज्यादा लोगों को दियारा पार पहुंचाया गया था लेकिन वापस लाने के दौरान बोट गायब हो गई लिहाजा लोग परेशान हो गए.

माइक से घोषणा के बाद स्थिति हुई खतरनाक

भारत सरकार और बिहार सरकार के पर्यटन विभाग की बोट से लोगों से सुबह से उस पार दियारा फ्री में पहुंचाया गया था.  पंतग उत्सव में अखबार के विज्ञापन के बारे करीब 25 हजार लोग दियारा पहुंच गए .

दोपहर करीब तीन बजे दियारा में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे तभी माइक से घोषणा की गई कि चार बजे के बाद  बोट नहीं चलेगी. इस घोषणा के बाद लोग परेशान हो गये. इस दौरान भारत सरकार की बड़ी कस्तूरबा बोट गायब हो गई.

भारत सरकार की  बोट के गायब होने के बाद  लोगों को वापस लाने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के एक छोटी बोट और वहां खड़ी प्राइवेट 10-12 नावों पर आ  गई. इन नावों  के जरिए लोगों को धीरे-धीरे लाया जा रहा है लेकिन लोगों की तादाद को देखते हुए काफी देर होने लगी.

हादसे की शिकार नाव (news18)

लोग दियाारा में फंसे रहे लेकिन इसके बावजूद  भारत सरकार की जिस कस्तूरबा बोट से लोगों को वहां पहुंचाया गया था वो नहीं आई. इस दौरान पर्यटन विभाग की एक और बोट गंगा के दूसरी छोर पर लोगों को सैर कराता रहा और लोग दियारे में फंसे रहे.

बिहार पुलिस की लापरवाही

मंकर संक्रांति के मौके पर पर्यटन विभाग के निमंत्रण पर हजारों की तादाद में लोग गांगा पार पहुंच गये लेकिन पुलिस की तैनाती नाकाफी थी. यह इलाका सारण जिले के सोनपुर थाना में आता है लेकिन इस मेले के बारे में सारण पुलिस को सूचित नहीं किया गया था.  सारण जिले में होने के बावजूद यहांं पर पटना पुलिस को तैनात किया गया था.

ड्यटी के दौरान पुलिसकर्मी सेल्फी लेते और बालू पर घूप सेंकते दिख रहे थे. शाम चार बजे के बाद हालात खराब हुए तो पुलिस अपने अंदाज में थी. भारत सरकार की बोट बंद होने के कारण लोगों को लाइन में कड़ा कराकर नाव से उस पार भेजा जाने लगा. इस दौरान लाठीचार्ज की भी खबरें आई.

सेल्फी लेते पुलिसकर्मी (news18)

ज्यादा भीड़ होने के बाद कुछ लोग मेला स्थल से एक किमी पूरब की ओर चले गये जहां भारत सरकार के बोट कस्तूरबा ने उन्हें उतारा था. वहां बोट नहीं थी लेकिन उनलोगों की नजर एक छोटी खड़ी नाव पर पड़ गई.

खड़ी नाव को देखकर लोग उसमें सवार हो गये. ज्यादा सवारी होने के कारण नाव खुद अपने आप नदी में 10 फीट अंदर आ गई.  स्थानीय  लोगों के मतुाबिक वो सब्जी ढो़ने वाली नाव थी और उसकी बमुश्किल 20-25 लोगों  की कैपिसिटी थी लेकिन 60 से ज्यादा लोग सवार हो गए.

पतंग उत्सव के दौरान पुलिसकर्मी (etv pic.)

लोगों के अनुसार नाव पर चालक नहीं था लिहाजा जैसी ही नाव नदीं में 10 मीटर की दूरी पर आई तो डगमगाने लगी और देखते ही देखते पानी में डूब गई.

अम्यूजमेंट पार्क के माालिक और नाव चालक  के खिलाफ गलत एफआईआर

इस हादसे के बाद  सरकार और अपनी गलती को छिपाने के लिए  सारण पुलिस ने निर्माणाधीन अम्यूजमेंट पार्क के मालिक राहुल वर्मा और उस नाव के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया जो हादसे की शिकार हुई थी.

news18

लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है. अम्युजमेंट पार्क का 14 जनवरी तक उद्घाटन ही नहीं हुआ था. सिर्फ इसकी तैयारी चल रही थी.  ये भी कहा जा रहा है कि इस अम्यूजमेंट पार्क को लाइसेंस नहीं था लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार अम्यूजमेंट  मालिक के पास लाइसेंस पिछले कई सालों से हैं. कुछ साल पहले उसने अम्यूजमेंट पार्क शुरू किया था लेकिन नहीं चला तो बंद कर दिया था.

इसके अलावा जिस नाव चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है वो वहां मौजूद नहीं था. केवल उसकी नाव खड़ी थी. लेकिन लौटने की हड़बड़ाहट में लोग खड़ी नाव में चढ़ गये थे.

 

Tags: Bihar News, PATNA NEWS

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