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Kurhani Result: कुढ़नी में कांटे की टक्कर से मिला संकेत! लोकसभा चुनाव में आसान नहीं होगी किसी पार्टी की राह

कुढ़नी उपचुनाव परिणाम के ट्रेंड के अनुसार यह साफ पता चल रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी की राह आसान नहीं होने वाली है.

कुढ़नी उपचुनाव परिणाम के ट्रेंड के अनुसार यह साफ पता चल रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी की राह आसान नहीं होने वाली है.

Bihar Politics: महागठबंधन के लिए राहत की बात है कि मुस्लिम वोट पूरी तरह से उसके पाले में आया क्योंकि एएमआईएम वोट नहीं क ...अधिक पढ़ें

मुजफ्फरपुर/पटना. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. अभी तक जो ट्रेंड सामने आ रहा है उससे साफ है कि मुकाबला कोई भी जीते, लेकिन जीत और हार का अंतर कुछ हज़ार वोट का ही रहने वाला है. ऐसे में राजनीतिक जानकारों के अनुसार रिजल्ट का यह ट्रेंड दोनों गठबंधन के लिए अलर्ट करने वाली बात है. खास तौर पर आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में गठबंधन के सभी दलों को यह समझ लेना चाहिए कि अब पारंपरिक वोट बैंक भी किसी खास पार्टी नही होने वाली है. सभी दलों को अपने कोर वोट बैंक को बचाने के किए काफी मेहनत करनी पड़ेगी.

दरअसल कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में जब महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर मनोज कुशवाहा मैदान में उतरे थे, तब महागठबंधन ने दावा किया था कि उसके पास एक मजबूत जातिगत समीकरण है जो बीजेपी पर भारी पड़ेगी. माना जा रहा था कि इस समीकरण में MY और लव कुश के साथ-साथ महागठबंधन के साथ-साथ दलित और अति पिछड़ा वोटर साथ में हैं.
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बीजेपी ने दिया बड़ा संदेश 

लेकिन, अभी तक के चुनाव परिणाम के अनुसार जेडीयू के इस वोट बैंक में सेंघ लगती दिख रही है क्योंकि जिस तरह से मुकाबला बेहद कड़ा है उससे साफ है कि बीजेपी ने महागठबंधन के वोट बैंक दलित और अति पिछड़ा वोट बैंक में सेंघ लगा दिया है. जो जदयू के लिए चिंता का विषय है. लेकिन, महागठबंधन के लिए राहत की बात है कि मुस्लिम वोट पूरी तरह से उसके पाले में आया क्योंकि एएमआईएम वोट नहीं काट पाया. वहीं बीजेपी के लिए कुढ़नी उपचुनाव प्रतिष्ठा की सीट बन गई है क्योंकि इस सीट को जीतकर वो ये मैसेज देने की कोशिश में है कि बगैर नीतीश कुमार भी वो अपने दम पर बिहार में सरकार बना सकती है.

40 सीट जीतने के दावे पर भी सवाल 

बीजेपी ने इस कड़े मुकाबले से यह भी संकेत दिया है कि आप राजनीति में कुछ भी तय नहीं मान सकते हैं. लेकिन बीजेपी के लिए चिंता की बात ये है कि कड़े मुक़ाबले से उसके लोकसभा में चालीस में चालीस सीट जितने के दावे पर सवाल खड़ा हो सकता है, क्योंकि बिहार में संयुक्त महागठबंधन उसके मंसूबे पर पानी फेर सकता है. बीजेपी को लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने के लिए तमाम जातियों का वोट लेना होगा जो फिलहाल इतना आसान नहीं दिख रहा है.

Tags: Bihar News, BJP, By election, JDU news, Muzaffarpur news

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