बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश की नैया पार लगाएगी ये तिकड़ी, जानिए खासियत
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बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश की नैया पार लगाएगी ये तिकड़ी, जानिए खासियत
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर अपनी तिकड़ी के भरोसे बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.

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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर अपनी तिकड़ी के भरोसे मैदान में उतरने की तैयारी में है. नीतीश की ये तिकड़ी वो तिकड़ी है जो उनकी राजनीति को परवान चढ़ाने में शुरुआती दौर से साथ में थी और आज भी यह उनकी राजनीति को मजबूत करने की कवायद में लगी हुई है.

तिकड़ी के पहले खिलाड़ी हैं ललन सिंह
जब जेडीयू नहीं बना था उसके पहले समता पार्टी के गठन के समय नीतीश कुमार के खास सलाहकार के रूप में ललन सिंह थे. यही नहीं, वह तब से लेकर आज तक नीतीश के बेहद ख़ास सहयोगी माने जाते हैं. जब नीतीश लालू यादव से अलग होने के बाद राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे थे,उसमें सिंह की भूमिका काफ़ी महत्वपूर्ण थी. जब लालू पर जब चारा घोटाला का मामला लगा तो उसे कोर्ट में ले जाने वाले भी ललन सिंह ही थे. हालांकि बीच में एक समय ऐसा भी आया जब कुछ विवाद होने की वजह से नीतीश से ललन सिंह अलग हो गए थे, लेकिन इसके बाद भी दोनों की दोस्‍ती बरकरार रही.

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ललन सिंह, आरसीपी सिंह और वशिष्ठ नारायण सिंह की तिकड़ी पर नीतीश को जबरदस्‍त भरोसा है.




इसके अलावा जीतन राम मांझी का खेल बिगाड़ कर फिर से नीतीश को सीएम की कुर्सी दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही. यही नहीं, महागठबंधन से अलग होने का फ़ैसला हो या फिर बीजेपी साथ फिर से जाने का सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. वह जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं इसलिए पार्टी पर भी अच्छी पकड़ है. वहीं, सांसद बनने बाद ललन सिंह जेडीयू का चेहरा माने जाते हैं और दिल्ली की राजनीति में पार्टी की भूमिका रखते हैं. यही वजह है कि  इस बार विधान सभा चुनाव में भी ललन सिंह की भूमिका काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ख़ासकर दूसरी पार्टी के कई नेता भी जेडीयू के सम्पर्क में है और वह ( ललन सिंह) पर्दे के पीछे से काम भी कर रहे हैं.



तिकड़ी के दूसरे खिलाड़ी हैंआरसीपी सिंह
रामचंद्र प्रसाद सिंह पूरा नाम यही है, लेकिन बिहार के साथ-साथ देश की सियासत में इन्हें आरसीपी सिंह के नाम से जाना जाता है. आरसीपी सिंह UP कैडर के IAS अधिकारी थे. नीतीश कुमार जब केंद्र में मंत्री हुए, उसी समय आरसीपी उनसे जुड़े. फिर यह नजदीकी गहरी होती गई. कहा जाता है कि नीतीश के बिहार के शासनकाल के दौरान अफसरों से आरसीपी की नजदीकी की वजह से ही राज्य में ‘विकास की गंगा’ बही. नीतीश से नजदीकियां ही थीं कि आरसीपी ने उनके लिए IAS की नौकरी छोड़ दी और नीतीश ने उन्हें पहले राज्यसभा भेजा, फिर पार्टी संगठन की जिम्मेदारी भी दी. आज जेडीयू संगठन के मामले में जितना मजबूत दिखता है, उसके पीछे आरसीपी की ही मेहनत है. आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भी आरसीपी सिंह अभी से मेहनत-मशक्कत में जुट गए हैं.

वशिष्ठ नारायण सिंह भी हैं दमदार
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष को बिहार में लोग प्यार से ‘दादा’ कहकर बुलाते हैं. नीतीश के इस ‘दादा’ की अहमियत को इससे समझा जा सकता है कि आज तक पार्टी में प्रदेश हो या राष्ट्रीय, किसी भी अध्यक्ष को दो बार से ज्यादा मौका नहीं मिला. लेकिन नीतीश ने अपने वशिष्ठ भाई, वे उन्हें इसी नाम से बुलाते हैं, को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है. जेडीयू में किसी भी गंभीर फैसले के पीछे दादा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. ‘ऑपरेशन मांझी’ में भी उनका रोल अहम था. जेडीयू कार्यकर्ताओं के लिए सर्वसुलभ हैं, इसलिए वे नीतीश और पार्टी संगठन के बीच सेतु का काम करते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि नीतीश कुमार आज राजनीति के जिस मोड़ पर हैं, उसमें इस तिकड़ी का रोल खास है. आगे भी इनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है, क्योंकि अनुभव, पार्टी और दूसरे दलों के साथ इस तिकड़ी का तालमेल महत्वपूर्ण है. आने वाले विधानसभा चुनाव जेडीयू और नीतीश कुमार दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं, ऐसे में इस तिकड़ी का रोल अहम होगा.

जेडीयू के वरिष्ठ नेता, मंत्री और नीतीश कुमार के खास माने जाने वाले नीरज कुमार कहते हैं कि पार्टी को इस ऊंचाई तक लाने में इन तीनों की बेहद अहम भूमिका रही है. इनके योगदान को पार्टी भी बहुत अच्छे से समझती है. साथ ही ये नेतृत्व के भी बेहद विश्वस्त रहे हैं. वहीं, राजद के विधायक शक्ति यादव कहते हैं कि जेडीयू में इन तीन नेताओं के योगदान को कौन नकार सकता है. नीतीश कुमार समय-समय पर अपने करीबी बदलते रहते हैं, लेकिन उनके लिए ये तीनों खास हैं, इससे कोई इंकार नहीं कर सकता.

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First published: May 27, 2020, 10:15 PM IST
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