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भाजपा से गठबंधन नहीं, ललन सिंह-उपेंद्र कुशवाहा ने छोड़ा 'तीर', क्या आरसीपी सिंह को लगा?

भाजपा से गठबंधन नहीं, ललन सिंह-उपेंद्र कुशवाहा ने छोड़ा 'तीर', क्या आरसीपी सिंह को लगा?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का गठबंधन नहीं हो पाया. इसे लेकर आरसीपी सिंह को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का गठबंधन नहीं हो पाया. इसे लेकर आरसीपी सिंह को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

Bihar Politics: यूपी विधान सभा चुनाव में भाजपा और जेडीयू के बीच गठबंधन नहीं हो पाया है. इसके लिए जेडीयू के वर्तमान अध्यक्ष ललन सिंह ने इशारों में केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार में मंत्री आरसीपी सिंह को जिम्मेदार ठहराया है.ललन सिंह के आरोप के बाद जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी इशारों में उतर प्रदेश में गठबंधन नहीं होने पर आरसीपी सिंह पर सवाल खड़ा कर दिया है.

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पटना. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का गठबंधन नहीं हो पाया. अब इस बात को लेकर बिहार में जेडीयू के भीतर की राजनीति गर्म हो गई है. दरअसल, जेडीयू के वर्तमान अध्यक्ष ललन सिंह  (Lalan Singh) ने इशारों में इसके लिए जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार में मंत्री आरसीपी सिंह (RCP Singh) को जिम्मेदार ठहराया है. उनपर इशारों में ही यह भी आरोप लगा दिया कि पार्टी को उन्होंने अंधकार में रखा. इसके बाद से ही जेडीयू (JDU) की अंदरुनी राजनीति में फिर उबाल है. ललन सिंह के आरोप के बाद जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी इशारों में उतर प्रदेश में गठबंधन नहीं होने पर आरसीपी सिंह पर सवाल खड़ा कर दिया है.

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उतर प्रदेश में भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत की पूरी कमान आरसीपी सिंह को दी गई थी. केसी त्यागी भी उतर प्रदेश के प्रभारी है वो भी बातचीत कर रहे थे. जो भी बातचीत होती थी वो राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताया जाता था. फिर आरसीपी सिंह को पार्टी की ओर से अधिकृत किया गया था और यही लोग सब कुछ कर रहे थे. इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने गठबंधन नही होने पर अपनी बात इस संदर्भ में कह दी है. कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने बिल्कुल अपने अनुभव के आधार पर कही है.

क्या भाजपा से गठबंधन नहीं होने को लेकर आरसीपी सिंह पर जिम्मेवारी फिक्स करने जैसा कोई मामला है क्या? इस सवाल के जवाब में कुशवाहा ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, लेकिन स्वाभाविक रूप से पहले से अगर यह हम लोग मान कर चले होते कि गठबंधन नहीं होना है, तो तैयारी निश्चित रूप से ज्यादा जगहों पर कर सकते थे. गठबंधन को ध्यान में रखते हुए एक जगह पर तैयारी कर रहे थे. अब उनको उम्मीद रही होगी, किस रूप में क्या उम्मीद थी अब वही जवाब दे पाएंगे. उपेन्द्र कुशवाहा ने ये साफ कर दिया कि भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होने से भाजपा के साथ रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

बहरहाल, जेडीयू के भीतर की जारी सियासत के बीच अब सारी निगाहे टिक गई हैं आरसीपी सिंह पर कि JDU के अंधेरे में रखने का और उतर प्रदेश में गठबंधन नहीं होने का आरोप जो उन पर लग रहा है, उसका जवाब वे क्या देते हैं. सियासत के जानकार मानते हैं कि उनके जवाब पर पार्टी के भीतर की बिहार जदयू की राजनीति के पेच समझे जा सकते हैं. अगर उन्होंने ललन सिंह के आरोप का कोई बड़ा जवाब दे दिया तो न सिर्फ ये जेडीयू के लिए बल्कि बिहार में भाजपा और JDU के संबंध पर भी गहरा असर डाल सकता है. ये भी माना जाता है कि आरसीपी सिंह के साथ भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के संबंध बहुत बेहतर है.

Tags: JDU BJP Alliance, RCP Singh, Upendra kushwaha

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