सारण में आसान हुई चंद्रिका राय की राह, बोले- दामाद तेजप्रताप ने आपलोगों को अप्रैल फूल बनाया

चंद्रिका राय
चंद्रिका राय

मंगलवार को पर्चा दाखिल करने के बाद चंद्रिका राय ने अपनी जीत का दावा करने के साथ ही तेजप्रताप यादव पर भी चुटकी ली और पत्रकारों से यहां तक कह दिया कि मेरे दामाद ने आपलोगों को 1 अप्रैल के दिन मूर्ख बनाया है.

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लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार की जिन सीटों पर सबकी नजरें हैं उनमें सारण सीट भी है. लालू की पुश्तैनी सीट कही जाने वाले सारण में इस बार भी मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन है. इस लड़ाई में एनडीए ने जहां सीटिंग सांसद राजीव प्रताप रूडी को टिकट दिया है तो वहीं लालू ने जीत का दांव अपने समधी यानी चंद्रिका राय पर लगाया है.

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इस सीट को इस लिहाज से भी अहम माना जा रहा है क्योंकि घर और पार्टी में बगावती तेवर अपना चुके तेजप्रताप यादव ने भी इस सीट से अपनी मां यानी राबड़ी देवी को चुनाव लड़ाने की मांग की है लेकिन अब तक उनका प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है. यादव और राजपूत बाहुल्य इस सीट में निर्णायक इन्हीं दो बिरादरी के वोटर होते हैं.



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सारण सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर चंद्रिका राय और राजीव प्रताप रूड़ी दोनों ने पर्चा भर दिया है लेकिन इस बात को लेकर अभी भी कन्फ्यूजन है कि तेजप्रताप इस सीट से भीतरघात यानी अपने ससुर चंद्रिका राय के लिए वोट मांगेंगे या उनका गणित बिगाड़ेंगे. मंगलवार को पर्चा दाखिल करने के बाद चंद्रिका राय ने अपनी जीत का दावा करने के साथ ही तेजप्रताप यादव पर भी चुटकी ली और पत्रकारों से यहां तक कह दिया कि मेरे दामाद ने आपलोगों को 1 अप्रैल के दिन मूर्ख बनाया है.

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चंद्रिका राय का इशारा साफ है कि उनको उनकी पार्टी राजद के साथ ही महागठबंधन का भी सपोर्ट मिला है. मंगलवार को ही तेजप्रताप यादव के जन्मदिन था इस मौके पर उनको विश करने पूरा परिवार भी पहुंचा था. सूत्रों के मुताबिक तेजप्रताप को मनाने की कोशिश में उनका परिवार काफी हद तक कामयाब भी हो गया है इसका इशारा तेजस्वी के उस बयान से भी जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा कि हमने अपने कृष्ण यानी तेजप्रताप यादव को बर्थ डे पर सीक्रेट गिफ्ट दिया है.

तेजस्वी ने कहा कि जन्मदिन के मौके पर हम दोनों साथ आए हैं और विवाद को हमारे बीच था ही नहीं. हम अपने बड़े भाई को बधाई देने साथ ही आशीर्वाद भी लेने आए क्योंकि हमें ये लड़ाई मिलजुल कर ही लड़नी है. तेजस्वी ने अपने बड़े भाई को गार्जियन और मार्गदर्शक बताया. सारण सीट पर नामांकन की अंतिम तारीख कल यानी 18 अप्रैल तक है ऐसे में कल तक अगर तेजप्रताप के खेमे से किसी ने नामांकन नहीं किया तो माना जाएगा कि पुश्तैनी सीट की लड़ाई में पहली जंग लालू और उनके परिवार ने जीत ली है.
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