लालू यादव की गैरहाजिरी तेजस्‍वी के लिए बनी चुनौती, कांग्रेस को ‘स्पेस’ की तलाश

आरजेडी की सबसे पुरानी सहयोगी और बुरे दिनों की साथी कांग्रेस के नजरिए में आए परिवर्तन से तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि लालू यादव के सक्रिय रहते कांग्रेस हमेशा उनके पीछे-पीछे चलने को मजबूर रही है.

Amitesh | News18 Bihar
Updated: September 5, 2019, 7:35 PM IST
लालू यादव की गैरहाजिरी तेजस्‍वी के लिए बनी चुनौती, कांग्रेस को ‘स्पेस’ की तलाश
लोकसभा चुनाव के बाद तेजस्‍वी यादव की परेशानी बढ़ गई है.
Amitesh | News18 Bihar
Updated: September 5, 2019, 7:35 PM IST
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Legislative Assembly) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को उनकी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार (Chief Minister Candidate) बनाने को लेकर तमाम कवायद चल रही है. सच कहा जाए तो उनकी पार्टी आरजेडी (RJD) ने तय भी कर लिया है कि तेजस्वी के चेहरे पर अगला विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा, लेकिन दो महीने तक सक्रिय नहीं रहने के बाद वापस राजनीति में सक्रिय होने वाले तेजस्वी के सामने कई तरह की चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं.

लालू की गैरहाजिरी तेजस्‍वी पर पड़ी भारी
पिता लालू यादव की गैरहाजिरी में तेजस्वी के कंधों पर लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी थी. चुनाव नतीजे आने के बाद तेजस्वी यादव के लिए परेशानी काफी बढ़ गई. वैसे ऐसा पहली बार हुआ कि लालू चुनाव प्रचार में नहीं थे. ऐसे में तेजस्वी पर सारा दारोमदार था, लेकिन चुनाव परिणाम ने उनके नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए.

सहयोगियों ने खड़े किए सवाल

मौका सहयोगियों को भी मिल गया. हम सेक्युलर के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सबसे पहले सवाल खड़ा किया और फिर कांग्रेस को भी लगने लगा कि लालू यादव की गैर मौजूदगी में इस वक्त उसके लिए बिहार में ‘स्पेस’ और ‘स्कोप’ दोनों हो सकता है.

न्यूज़ 18 से बात करते हुए कांग्रेस के बिहार के सह प्रभारी वीरेंद्र राठौड़ कहते हैं, ‘भले ही आरजेडी ने तेजस्वी यादव को प्रोजेक्ट किया है, लेकिन महागठबंधन का चेहरा सोनिया गांधी और राहुल गांधी की सलाह से तय होगा.’

कांग्रेस बढ़ा सकती है तेजस्वी की मुश्किलें
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कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी से भी वीरेंद्र राठौड़ इनकार नहीं कर रहे हैं. आरजेडी की सबसे पुरानी सहयोगी और बुरे दिनों की साथी कांग्रेस के नजरिए में आए परिवर्तन से तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि लालू यादव के सक्रिय रहते कांग्रेस हमेशा उनके पीछे-पीछे चलने को मजबूर रही है. अब लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद आरजेडी के लिए वही कांग्रेस उसकी हैसियत बताने की कोशिश कर रही है. इसका कारण भी है क्योंकि कांग्रेस को एक सीट पर कामयाबी भी मिल गई है. जबकि दूसरी तरफ आरजेडी का लेकसभा चुनाव में खाता तक नहीं खुला.

आरएलएसपी का मिला साथ
तेजस्वी यादव के नाम पर आनाकानी करने वालों में मांझी के अलावा कांग्रेस भी है, लेकिन महागठबंधन में मुकेश सहनी की पार्टी चुप है. दूसरी तरफ उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी भी सबसे बड़ी पार्टी होने के चलते आरजेडी के नेता तेजस्वी के चेहरे को सबसे आगे करने की बात कर रही है. हालांकि खुलकर मुख्यमंत्री पद पर तेजस्वी की दावेदारी का समर्थन भी नहीं कर रही है. जब आरजेडी के सहयोगियों का यह हाल है तो विरोधी तो खुलकर तेजस्वी की क्षमता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं.

जेडीयू ने तेजस्‍वी पर साधा निशाना
जेडीयू की तरफ से मोर्चा संभाला है प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने. उन्‍होंने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा, 'तेजस्वी यादव का आचरण परिपक्व नेता का नहीं है, जो सहयोगियों को साथ लेकर चल सके.'

जबकि जेडीयू के एमएलसी गुलाम रसूल वलियावी एक कदम और आगे बढ़ कर बोल रहे हैं. जेडीयू के बड़े मुस्लिम चेहरे वलियावी ने पूरी आरजेडी और लालू कुनबे पर ही हमला बोल दिया. उन्‍होंने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा, 'विरासत में मिली हुई संपत्ति में वो मजा नहीं है, जो संघर्ष में है.' वलियावी ने लालू यादव के एमवाई समीकरण पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अब वक्त बदल गया है. एमवाई नहीं, अब पूरा ए से जेड तक नीतीश कुमार के साथ है.

पप्‍पू यादव ने बोला बड़ा हमला
तेजस्वी यादव पर सबसे बड़ा हमला बोला है आरजेडी के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने. यादव ने तेजस्वी को मिले पद को अनुकंपा के आधार पर मिली विरासत बताकर उनकी क्षमता पर सवाल खड़े किए है.

बहरहाल, विरोधियों की तरफ से तो विरोध की बात समझ में आती है, लेकिन आरजेडी के अपने सहयोगी दलों की तरफ से दिया गया बयान उसे परेशान करने वाला हो सकता है. अब देखना है कि यह बयान केवल विधानसभा चुनाव से पहले मोल-भाव की कोशिश भर है या फिर लालू यादव की गैर मौजूदगी में खाली हुए विपक्ष के स्पेस को भरने की कांग्रेस समेत दूसरे दलों की बड़ी कोशिश की शुरुआत है.

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First published: September 5, 2019, 6:32 PM IST
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