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PFI बैन पर बोले लालू यादव- एकरूपता हो, पीएफआई के साथ आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगे

लालू यादव ने आरएसएस पर बैन की मांग की. (ANI)

लालू यादव ने आरएसएस पर बैन की मांग की. (ANI)

PFI Ban News: राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पीएफआई के साथ ही आरएसएस पर भी बैन लगने की मांग की है. वहीं, भाजपा ने पीए ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

लालू यादव ने पीएफआई के साथ-साथ आरएसएस पर भी बैन लगाने की मांग की.
आरएसएस पर सरदार वल्लभ भाई पटेल ने लगाया था प्रतिबंध-लालू प्रसाद यादव.
लालू यादव ने कहा-सभी विपक्षी दलों को साथ लाकर बीजेपी को उखाड़ फेंकना है.

दिल्ली/पटना. केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को आतंकी गतिविधियों में लिप्त मानते हुए इस पर पांच साल का बैन लगा दिया है. बिहार बीजेपी के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है वहीं, राजद और जदयू ने पीएफआई के साथ ही आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी है. विशेषकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने इस मांग को मुखरता से उठाते हुए मांग की है कि पीएफआई के साथ-साथ आरएसएस पर पहले प्रतिबंध लगे. इसके बाद इन जैसे अन्य संगठनों पर भी बैन लगाया जाए.

लालू प्रसाद यादव ने राजद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, मुस्लिमों के साथ गलत हो रहा है. एकरूपता लाने की जरूरत है और पीएफआई के साथ-साथ आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए. आरएसएस पर पहले भी प्रतिबंध लग चुका है. लालू यादव ने आगे कहा, याद रहे, आरएसएस पर सबसे पहले लौह पुरुष सरदार पटेल ने प्रतिबंध लगाया था. इन्हीं लोगों ने दुर्गा वाहिनी बनाया था. आरएसएस और इस तरह के सभी संगठनों पर प्रतिबंध लगे. सबसे पहले RSS को बैन करो, यह पीएफआई से भी बुरा संगठन है.

लालू यादव ने कहा, देश में गरीबी है, भ्रष्ट्राचार है, और ये लोग हिंदू-मुस्लिम कर देश को तोड़ना चाहते हैं. मस्जिद पर चढ़कर झंडा फहराना, ये क्या है. ये दंगा फसाद कर शासन में बने रहना चाहते हैं. आरएसएस पर बैन लगना चाहिए क्योंकि देश में दंगा फसाद कर शासन में बना रहना चाहता है लोग. मगर अब इनके दिन लद गए हैं. सभी विपक्षी दलों को साथ लाना है और बीजेपी को उखाड़ फेंकना है. इस बार बीजेपी का पताका नहीं फहरेगा.

बता दें कि इससे पहले राजद के बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसके लिए अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि देश को सोचना पड़ेगा आखिर ये संस्थाएं पांच-सात साल से क्यों पैदा हो रही हैं? जगदानंद सिंह ने कहा, इस पूरे मामले के जड़ में जाना होगा कि आखिर ये भाईचारा क्यों खत्म हुआ, गांधी का देश गोडसे का कैसे हुआ?

जगदानंद सिंह ने आगे कहा, आज कुर्सी पर बैठे लोग समझ रहे हैं हथियार के बल पर चला लेंगे, लेकिन लोगों का हृदय परिवर्तन करना होगा. परिस्थितियों को ठीक करो नहीं तो नाम बदल जाते हैं और दूसरी संस्थाएं खड़ी हो जाती हैं. समस्या पर क्यों नहीं जा रहे हो? भारत को भारत रहने दो. हालांकि, यहां यह बता दें कि भाजपा ने पीएफआई जैसे संगठनों के विस्तार के लिए लालू यादव और नीतीश कुमार जैसे नेताओं द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है.

Tags: Bihar News, Lalu Prasad Yadav, PFI, RSS

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