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लालू ने फिर से छेड़ा जातिगत जनगणना का राग, लिखा- मुस्लिम तो बहाना है, ये हैं असल निशाना
Patna News in Hindi

Anand Amrit Raj | News18 Bihar
Updated: December 29, 2019, 10:37 AM IST
लालू ने फिर से छेड़ा जातिगत जनगणना का राग, लिखा- मुस्लिम तो बहाना है, ये हैं असल निशाना
लालू यादव ने जातिगत जनगणना का राग छेड़ा है. (फाइल फोटो)

लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि आप जनगणना में कुत्ता-बिल्ली, हाथी-घोड़ा, सुअर-चीता सब गिनते हैं, लेकिन पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदुओं को नहीं गिनते? ऐसा क्यों?

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  • Last Updated: December 29, 2019, 10:37 AM IST
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पटना. NPR और नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच बिहार की सियासत में जातिगत जनगणना (Caste Based Census) का राग फिर से छिड़ गया है. जेडीयू नेता श्याम रज़क ने न्यूज 18 से बात करते हुए जातिगत जनगणना की मांग की है. इसे लेकर अभी राजनीति गर्म थी ही कि लालू यादव ने अपने फ़ेसबुक पेज पर जातिगत जनगणना की मांग उठाकर सियासत को और हवा दे दी. लालू यादव के अपने फ़ेसबुक पेज पर जातिगत जनगणना को लेकर टिप्‍पणी की है.

लालू ने लिखा
कथित NPR, NRC और वर्ष 2021 की भारतीय जनगणना पर लाखों करोड़ खर्च होंगे. सुना है NPR में अनेकों अलग-अलग कॉलम जोड़ रहे हैं, लेकिन इसमें जातिगत जनगणना का एक कॉलम और जोड़ने में क्या दिक्कत है?‬



उन्‍होंने आगे लिखा, '‪क्या 5000 से अधिक जातियों वाले 60% अनगिनत पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदू नहीं हैं जो आप उनकी गणना नहीं चाहते?‬ अगर पिछड़ों-अतिपिछड़ों की जातीय जनगणना नहीं होगी तो उन वर्गों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक उत्थान एवं कल्याण के लिए योजनाएं कैसे बनेगी? बजट का प्रावधान कैसे होगा?'

RSS पर साधा निशाना

लालू यादव ने लिखा, 'आप जनगणना में कुत्ता-बिल्ली, हाथी-घोड़ा, सुअर-चीता सब गिनते हैं. सभी धर्मों के लोगों को गिनते हैं, लेकिन पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदुओं को नहीं गिनते? क्यों? क्योंकि पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदू संख्याबल में सबसे ज़्यादा हैं? उन्हें डर है कि अगर पिछड़े हिंदुओं की आबादी के सही आंकड़े आ गए तो लोग उनके आधार पर जागरूक होकर अपना हक़ मांगने लगेंगे. बहुसंख्यक हिंदुओं को पता लग जाएगा कि आरएसएस का नागपुरिया गैंग उन बहुसंख्यक हिंदुओं के सभी हक़-अधिकारों का हनन कर पिछड़े हिंदुओं का सारा हिस्सा खा रहा है.''दलित-पिछड़ा निशाना है'

राजद सुप्रीमो लालू यादव यहीं नहीं रुके. उन्‍होंने आगे लिखा, 'साथियों, मुस्लिम तो बहाना है, दलित-पिछड़ा असल निशाना है. हमने तत्कालीन मनमोहन सरकार से साल 2010 में जातीय जनगणना को स्वीकृति दिलवाई थी, लेकिन उसपर हज़ारों करोड़ खर्च करने के बाद वर्तमान सरकार ने वे सारे आंकड़े छिपा लिए और उन्हें कभी सार्वजनिक नहीं किया. हमारी पार्टी सड़क से संसद तक यह लड़ाई लड़ती रहेगी.'

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First published: December 29, 2019, 9:47 AM IST
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