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...तो रघुवंश की चिट्ठी पर लालू ने लिया एक्शन! पढ़ें RJD में घमासान की इनसाइड स्टोरी

Amit Singh | News18 Bihar
Updated: January 16, 2020, 10:52 AM IST
...तो रघुवंश की चिट्ठी पर लालू ने लिया एक्शन! पढ़ें RJD में घमासान की इनसाइड स्टोरी
रघुवंश प्रसाद सिंह की चिट्ठी के बाद लालू ने शुरू की कार्रवाई. (फाइल फोटो)

रघुवंश सिंह की चिट्ठी को लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) ने पार्टी हित में माना है. विश्वस्त सूत्रों की मानें तो लालू ने संगठन की मजबूती पर आए सुझाव पर अमल करने का निर्देश दिया है.

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पटना. बीते दिनों आरजेडी के दो दिग्गज नेताओं राघुवंश प्रसाद सिंह और जगदानंद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh and Jagdanand singh) के बीच तनातनी की खबरें सामने आई थीं. इसकी वजह वो चिट्ठी मानी जा रही थी जो रघुवंश प्रसाद सिंह ने आरजेडी चीफ लालू प्रसाद (Lalu Prasad) को लिखी थी. इसमें उन्होंने पार्टी में सांगठनिक विस्तार और आंतरिक लोकतंत्र के मुद्दे उठाए थे. इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव को भी अधिक एक्टिव रहने की भी सलाह दी थी. अब खबर है कि तल्ख अंदाज में लिखी गई रघुवंश प्रसाद सिंह की चिट्ठी को पार्टी हाईकमान यानि लालू प्रसाद न सिर्फ स्वीकार कर लिया है, बल्कि कार्रवाई भी शुरू कर दी है.

न्यूज 18 के पास विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर है कि लालू यादव को जैसे ही इस चिठ्ठी की जानकारी मिली वे तुरंत एक्शन में आए. पहले तो लालू ने आरजेडी के प्रदेश कमिटी को यह निर्देश दे दिया है कि संगठन मजबूती को लेकर जो सुझाव आए हैं, उस दिशा में न सिर्फ मजबूती से काम हो, बल्कि पहले चरण में जिलास्तरीय कमिटी का गठन भी किया जाए. सूत्र बताते हैं कि तेजस्वी को लेकर भी लालू का फरमान आया है.

निर्देश के बाद पटना पहुंचे तेजस्‍वी
सूत्रों की मानें तो लालू के एक्शन में आते ही दिल्ली से पटना तक हड़कंप मच गया. दरअसल, चिट्ठी लिखे जाने के दौरान तेजस्वी यादव दिल्ली में ही थे. इस बीच, लालू यादव का संदेश मिला कि आप फौरन पटना पहुंचें और SC-ST के आरक्षण को लेकर जो बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, उसमें जरूर शामिल हों. आनन-फानन में तेजस्वी 13 जनवरी को सुबह की फ्लाइट से पटना पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे अपने बड़े भाई तेजप्रताप के साथ सदन की कार्यवाही में शामिल भी हुए. अगले दिन यानि 14 जनवरी को राबड़ी आवास पर जगदानन्द और तेजस्वी की मुलाकात हुई. करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद तेजस्वी गया के लिए रवाना हो गए. जहां वह NRC/CAA को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए.

रघुवंश की चिट्ठी का असर!
दरअसल, रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गया में काउंटर करना था. बहुत हद तक ये सब कुछ हुआ भी. कहा जा रहा है कि ये सब रघुवंश की चिट्ठी का ही असर है, क्योंकि उनकी चिट्ठी में इस बात का मजबूती से जिक्र था कि विरोधी लगातार हम पर हमले करते हैं, लेकिन पार्टी की तरफ से न तो कभी जवाबी हमला होता है और न ही पार्टी के भीतर विचार-विमर्श.

तेजस्‍वी की भी शिकायततेजस्वी के लगातार गायब रहने को लेकर रघुवंश सिंह ने कई बार लालू यादव से शिकायत भी की है. इस बात से लालू भी बेहद नाराज बताए जाते हैं. यही नहीं जगदानंद सिंह के बयान को लेकर जो महागठबन्धन के सहयोगी दलों के बीच मनभेद और मतभेद उभरे हैं, उसे पाटने या डैमेज कंट्रोल करने के लिए ही लालू के निर्देश पर तेजस्वी कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज में भी शामिल भी हुए.

इस बार सब पर भारी पड़े रघुवंश बाबू 
रघुवंश प्रसाद की चिट्ठी में जो मुद्दे उठाए गए हैं, लालू के एक्शन में आने के बाद उसमें और तेजी आ गई है. दरअसल, रघुवंश प्रसाद के उठाए मुद्दों से पार्टी के कई बड़े नेता और विधायक भी इत्तेफाक रखते हैं. हालांकि, कोई खुलकर रघुवंश सिंह की तरह आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करता. बहरहाल, लालू यादव को इस बात की जानकारी भी हो गई है तो माना जा रहा है कि पार्टी के दो दिग्गजों की आपसी अदावत भी वे दूर कर देंगे.

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First published: January 16, 2020, 10:31 AM IST
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