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यहां पान खाने के लिए लालू यादव रोक देते थे अपना काफिला, जानें क्या था उनका पसंदीदा पान...

यहां पान खाने के लिए लालू यादव रोक देते थे अपना काफिला, जानें क्या था उनका पसंदीदा पान...

लालू यादव अपने छात्र जीवन से ही पान खाने के शौकीन रहे हैं, जब भी मौका मिलता वो पटना के डाकबंगला चौराहे पर स्थित पान के इकलौते दुकान पर पहुंच जाते थे

लालू यादव अपने छात्र जीवन से ही पान खाने के शौकीन रहे हैं, जब भी मौका मिलता वो पटना के डाकबंगला चौराहे पर स्थित पान के इकलौते दुकान पर पहुंच जाते थे

Bihar News: लालू यादव छात्र जीवन से ही पान खाने के शौकीन थे. पटना के बी.एन कॉलेज में छात्र नेता के तौर पर भी जब भी वो डाकबंगला चौराहा पर पहुचंते, वहां के इकलौते बनारसी पान की दुकान पर रुकते और पान खाने के बाद ही घर वापस लौटते. पान की दुकान चलाने वाले रिंकू बताते हैं कि लालू यादव को बनारसी और मगही पान सबसे ज्यादा पसंद है. वो कुछ बनारसी पान खाते थे और मगही पान के कुछ बंडल बंधवा कर साथ ले जाते थे

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पटना. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव (Lalu Yadav) का सियासत में अंदाज अनोखा है. उनकी राजनीति और निजी जिंदगी रोचकता से भरपूर रही है. लालू चाहे जेल में हों या बाहर, हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं. अब चारा घोटाले में डोरंडा कोषागार (Doranada Treasury Case) से 139 करोड़ रुपये के अवैध निकासी के मामले में सीबीआई की विशेष अदाल (CBI Special Court ने लालू यादव को दोषी करार दिया है, उनके चाहने वालों में मायूसी छा गई है. बिहार की राजधानी पटना (Patna) के उस दुकान, जहां लालू अक्सर रुक कर अपना पसंदीदा पान खाते थे, वहां सन्नाटा पसरा है. पान दुकान (Paan Shop) के मालिक लालू के दोषी करार दिए जाने से दुखी हैं, और उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं.

यहां पान खाने के लिए लालू रोक देते थे अपना काफिला
लालू यादव छात्र जीवन से ही पान खाने के शौकीन थे. पटना के बी.एन कॉलेज में छात्र नेता के तौर पर भी जब भी वो डाकबंगला चौराहा पर पहुचंते, वहां के इकलौते बनारसी पान की दुकान पर रुकते और पान खाने के बाद ही घर वापस लौटते. पान की दुकान चलाने वाले रिंकू कुमार ने बताया कि वो अपने पिता केदार प्रसाद के साथ इस दुकान पर पिछले 25 वर्षों से बैठ रहे हैं. पिताजी के हाथों का लगाया पान लालू यादव को इतना पसंद आता था कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वो सीधा दुकान पर पहुंचे और पान लगवा कर खाये. रिंकू के मुताबिक छोटे उम्र से देख रहा हूं कि लालू यादव सीएम पद पर रहते हुए जब भी इस रास्ते से गुजरते तो काफिला रोक कर अपना पसंदीदा पान खाना नहीं भूलते थे.

रिंकू बताते हैं कि लालू यादव को बनारसी और मगही पान सबसे ज्यादा पसंद है. वो कुछ बनारसी पान खाते थे और मगही पान के कुछ बंडल बंधवा कर साथ ले जाते थे. जब रिंकू ने पूछा गया कि लालू यादव पान के पैसे देते थे या नहीं तब रिंकू ने भावुक होते हुए कहा कि लालू यादव ने सिर्फ पैसे ही नहीं दिए. बल्कि काफी मान-सम्मान और पहचान भी दी, जितना शायद ही कभी मिलता. उन्होंने कहा कि लालू जब केंद्र में रेल मंत्री थे तब भी यहां आकर पान खाते थे. पिताजी के देहांत के बाद लालू यादव उनसे पिता के बारे में और परिवार के बारे भी पूछते थे.

बीमारी के कारण पान खाना हुआ बंद
पान बनाते हुए अफसोस जाहिर करते हुए रिंकू बताते है कि जबसे उन्हें (लालू यादव) बीमारी हुई है तबसे पान खाने पर पाबंदी लग गई है इसलिए अब पान खाने नहीं आते. वर्ना जब जेल के लिए भी निकल रहे थे तो रांची जाने वाले नेताओं से यहां के कई बीड़ा पान बंधवा कर मंगाया था. रिंकू ने कहा कि वो भगवान से मनाते हैं कि लालू यादव जल्द ठीक हो जाएं और वापस आएं.

लालू यादव के दोषी करार दिए जाने से सन्नाटा
दिन भर पान लगाने में व्यस्त रिंकू आज (बुधवार) दुकान पर मर्माहत और उदास बैठे थे. लालू के दोषी करार दिये जाने की बात पूछने पर उन्होंने कहा कि यह बहुत बुरा हुआ है. उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए जमानत दे देनी चाहिए. मुझे पूरा विश्वास है कि लालू यादव जल्द जेल से बाहर आएंगे और एक बार फिर हमारी दुकान पर जरूर पहुचेंगे.

Tags: Bihar News in hindi, Lalu Prasad Yadav, Lalu Yadav, Paan Farming, PATNA NEWS

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