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नेताजी रिटायर हों! CM नीतीश के मंत्री की अनोखी मांग से बिहार में मची हलचल
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Anand Amrit Raj | News18 Bihar
Updated: January 7, 2020, 6:25 PM IST
नेताजी रिटायर हों! CM नीतीश के मंत्री की अनोखी मांग से बिहार में मची हलचल
सीएम नीतीश कुमार

बिहार के कैबिनेट मंत्री खुर्शीद आलम (Minister Khurshid Alam) ने एक आनोखी मांग उठाई है. उन्‍होंने कहा है कि जिस प्रकार सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र होती है, उसी तरह नेताओं के मामले में भी होना चाहिए.

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पटना. बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री खुर्शीद आलम (Cabinet Minister Khurshid Alam) ने चुनावी साल में एक ऐसी मांग उठाई है जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के मंत्री ने मांग की है कि जैसे सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र होती है, वैसे ही नेताओं के मामले में भी होना चाहिए. हालांकि आलम की इस मांग पर बिहार की सियासत में समर्थन के साथ-साथ विरोध भी होने लगा है.

ये है मंत्री का मकसद
दरअसल, नेताओं के रिटायरमेंट की मांग को उठाने वाले कैबिनेट मंत्री खुर्शीद आलम को लगता है कि युवाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए बुजुर्ग नेताओं को राजनीति से रिटायर हो जाना चाहिए क्योंकि बुजुर्ग नेता जनता की उतनी सेवा नहीं कर सकते, जितना कोई युवा कर सकता है. वैसे भी आज की राजनीति में जनता के बीच रहने वाला नेता चाहिए, जो हर सुख दुख में जनता के साथ रहे. इसके लिए नेता का चुस्त दुरुस्त होना भी बहुत जरूरी है. साथ ही आलम ने कहा कि पार्टियों युवाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाए उन्‍हें जगह भी दें तो अच्‍छा रहेगा.

रिटायरमेंट को लेकर सियासत



मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्री की इस मांग को लेकर सियासत भी शुरू हो गई. बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी के अलावा आरजेडी के दिग्‍गज नेता रघुवंश सिंह ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. मांझी ने कहा कि नेताओं के रिटायरमेंट की उम्र होनी ही चाहिए, तभी राजनीति में नए चेहरे आ सकते हैं. जबकि आज की राजनीति में इसकी सख़्त जरूरत भी है. वहीं आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश सिंह इस मांग से इत्तेफाक नहीं रखते हैं. उन्‍होंने कहा कि जब तक शरीर चले जनता की सेवा करते रहना चाहिए और जब शरीर नहीं चलेगा तब तो नेता ख़ुद ही रिटायर हो जाता है.

60 पार हो चुके हैं बिहार के ये नेता
बिहार की सियासत में इस वक्‍त जितने भी महत्वपूर्ण लीडर हैं उनकी उम्र लगभग 60 के पार हो चुकी है. इस लिस्‍ट में लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, सुशील कुमार मोदी, जीतन राम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा आदि लोग शामिल हैं.

जेडीयू और कांग्रेस ने कही ये बात
जेडीयू नेता और मंत्री जय कुमार सिंह कहते हैं कि नेताओं के रिटायरमेंट की उम्र नहीं होनी चाहिए. जब हम कोई परीक्षा देकर नहीं आए है तो भला रिटायरमेंट क्‍यों. जबकि कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि ये मांग स्वागतयोग्य है. नेताओं के रिटायरमेंट की उम्र होनी ही चाहिए. यकीनन कांग्रेस ने भी अपना नेतृत्व युवा नेताओं के हाथो में सौंप दिया है.

बहरहाल, बिहार की सियासत में नए उम्र के नेता भी तेजी से पहचान बना रहे हैं, जिनमें तेजस्वी यादव और चिराग पासवान चर्चित नाम हैं. हालांकि खुर्शीद आलम की इस नई मांग ने बिहार की सियासत में नई बहस को जन्‍म तो दे ही दिया है.

 

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First published: January 7, 2020, 4:55 PM IST
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