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लोकसभा चुनाव 2019: आरा, जहानाबाद समेत बिहार की इन छह सीटों पर लेफ्ट ने ठोंक रखा है दावा

सांकेतिक चित्र
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वाम दल के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार की 6 सीटों पर सीपीआई माले की दावेदारी अभी भी बरकरार है. हम बिहार की आरा, सीवान और जहानाबाद की सीट हर हाल में माले के लिए चाहते हैं.

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बिहार में महागठबंधन की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं. एक तरफ जहां एनडीए ने संख्या से साथ ही सीटों के बंटवारें का ऐलान कर दिया है वहीं दूसरी ओर महागठबंधन में अभी तक सीटों के बंटवारे को लेकर ही स्थिति साफ नहीं हो सकी है यानी इस बात का भी पता नहीं लग सका है कि कौन सा दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा.

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इस कड़ी में अब लेफ्ट ने बिहार की छह सीटों पर अपना दावा ठोंक दिया है. पार्टी ने लोकसभा की जिन छह सीटों पर अपना दावा ठोंका है उनमें आरा, सीवान, जहानाबाद के अलावा पाटलिपुत्रा, काराकाट और कटिहार भी शामिल है. पार्टी का अहम कन्वेंशन सोमवार को आरा में होना है जिसके बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दे.



इससे पहले पटना में सीपीआई एमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने साफ कर दिया कि लेफ्ट को छह सीटों से कम मंजूर नहीं हैं.  दीपंकर भट्टाचार्यने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि बिहार के सीटों का बंटवारा दिल्ली में बैठकर संभव नहीं हो सकता.
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उन्होंने कहा कि महागठबन्धन की बड़ी पार्टियां छोटी पार्टियों को कम आंकने की भूल ना करें और इस बात का ध्यान रखें कि महागठबन्धन के किसी सहयोगी के साथ कोई धोखा नहीं हो. भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार की 6 सीटों पर सीपीआई माले की दावेदारी अभी भी बरकरार है. हम बिहार की आरा, सीवान और जहानाबाद की सीट हर हाल में माले के लिए चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वामदलों को अलग रखकर महागठबन्धन एनडीए को शिकस्त नहीं दे सकता.

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दीपंकर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को सीरियस बातों पर चर्चा करनी चाहिए क्योंकि उत्तरप्रदेश और दिल्ली में अलग चुनाव लड़कर बीजेपी को परास्त करना असंभव सा है लेकिन अब बिहार में भी कांग्रेस उसी रास्ते पर चल रही है. मालूम हो कि बिहार की 40 सीटों के लिए लेफ्ट भी महागठबंधन का हिस्सा है. ऐसे में सीटों के बंटवारे से ठीक पहले लेफ्ट की दावेदारी ने एक बार फिर से महागठबंधन के अन्य घटकों के लिए परेशानी बढ़ा दी है.

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