बिहार में शराबबंदी: किसी को मिली फांसी, किसी पर पुलिस मेहरबान

Liquor Ban in Bihar: बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीति चरम पर है.

Liquor Ban in Bihar: बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीति चरम पर है.

Liquor Ban in Bihar: गोपालगंज के चर्चित खजूरबनी कांड का फैसला आने के बाद बीजेपी कोटे से सरकार में मंत्री के रिश्तेदार के यहां शराब मिलने के मामले पर विपक्ष हुआ हमलावर. शराबबंदी कानून को लेकर सरकार की मंशा पर भी उठ रहे सवाल.

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पटना. बिहार में शराबबंदी पर बवाल मचा है. पुलिसिया कार्रवाई पर हाईकोर्ट और विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए हैं. इसकी वजह से सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रदेश सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री राम सूरत राय के भाई की जमीन पर मिले शराब की बड़ी खेप मामले में विपक्ष सरकार से कार्रवाई की मांग कर रही है. विपक्ष का कहना है कि जिस जमीन पर शराब मिले हैं, उस पर पुलिस चौकी बनाई जाए. विपक्ष ने पुलिस पर पूरे मामले को रफा-दफा करने का भी आरोप लगाया है. इधर, पटना हाईकोर्ट ने भी 450 लीटर शराब जब्ती के आरोपी के बिना नियमित जमानत छूटने पर हैरानी जाहिर करते पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की है.

बिहार के चर्चित खजूरबनी शराबकांड के 9 दोषियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई और इसी मामले में 4 महिलाओं को उम्रकैद की सजा. यह मामला बिहार के गोपालगंज से जुड़ा है. गोपालगंज के ADJ-2 की कोर्ट ने जहरीली शराब मामले में 26 फरवरी 2021 को 13 लोगों को दोषी करार दिया था. इनमें से 11 अभी जेल में हैं, जबकि दो फरार चल रहे हैं. फरार चल रहे दोषियों की गिरफ्तारी के लिए नए सिरे से वारंट जारी किए गए. गौरतलब है कि 16 अगस्त, 2016 को कच्ची शराब पीने से 19 लोगों की मौत हुई थी. यह घटना थाने से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर हुई थी. खजूरबनी में बड़े पैमाने पर देसी शराब बनाई जा रही थी. पुलिस पर इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगा था. इसके बाद 12 जून 2020 को बिहार के DGP ने इस मामले में 21 पुलिसवालों को बर्खास्त कर दिया था. लेकिन, इसी साल 14 जनवरी को हाईकोर्ट ने इनमें से एक सब इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट के इस आदेश से बाकी 16 पुलिसवालों की बर्खास्तगी का आदेश भी निरस्त हो गया था.

पुलिसया कार्रवाई पर उठे सवाल

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