ASI को पीटने के बाद शराब माफियाओं ने मारी गोली, मुंह ताकती रही पटना पुलिस
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ASI को पीटने के बाद शराब माफियाओं ने मारी गोली, मुंह ताकती रही पटना पुलिस
पटना पुलिस पर हमला (फाइल फोटो)

पटना (Patna) में बीते शनिवार को हुई इस घटना का वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में जख्मी एएसआई (ASI) मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उग्र भीड़ उन्‍हें पीट और घसीट रही है.

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पटना. अगर आप आपराधिक तत्वों से घिर गए हों और वो आप पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा हो तो आप पुलिस से ही उम्‍मीद करते हैं. लेकिन, पटना में इसके उलट एक मामला सामने आया है. पटना पुलिस (Patna Police) पर ऐसे ही संकट में फंसे एक शख्‍स की मदद न करने का आरोप लगा है. दरअसल, शनिवार को पटना के आर ब्लॉक चौराहे पर शराब तस्करों ने पुलिस के साथ हुई भिड़ंत के बाद न केवल जक्कनपुर थाने के एएसआई (ASI) को घेरकर बर्बरता से उनकी पिटाई की, बल्कि गोली भी मार दी. इस दौरान असामाजिक तत्वों के सामने घिरे एएसआई को बचाने के लिए उनके सहकर्मी पुलिसकर्मी भी आगे नहीं आए.

हथियारों से लैस उनके साथी तमाशा देखते रहे वो भी बगल में खड़े होकर. मानो जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो. असामाजिक तत्वों की पिटाई से लहूलुहान हुए जक्कनपुर के एसआई को आर ब्लॉक स्थित पुलिस चौकी ले जाया गया. वहां पर कई पुलिसकर्मी हथियारों से लैस खड़े थे, पुलिस जिप्सी भी थी, जिस पर सचिवालय थाना की पुलिस ड्यूटी दे रही थी. लेकिन, किसी ने इतनी हिम्मत नहीं जुटाई की असामाजिक तत्वों का विरोध कर सके. इस घटना के बाद मौके पर पटना की जक्कनपुर थाना सहित सचिवालय, कोतवाली और गर्दनीबाग पुलिस पहुंची तब जाकर स्थिति नियंत्रित हो सकी.

गुंडा तत्व जो चाहे करता रहा, लेकिन पटना पुलिस केवल और केवल तमाशबीन बनी रही. ऐसे में सवाल यह है कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे भले ही लंबे चौड़े दावे करते हों, लेकिन क्या उनकी पटना पुलिस की हकीकत डरावनी नहीं है? डरावनी इस लिहाज से क्योंकि आम लोग पुलिस पर अपनी सुरक्षा को लेकर भरोसा करते हैं, लेकिन अगर पटना पुलिस दूसरे पुलिस वाले को पीटते देख गोली मारते देख खामोश बनी रहे तो फिर पुलिस क्यों है यह बात समझ से परे है.
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