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हाजीपुर को लेकर परेशान रामविलास पासवान, बदल सकता है चुनाव नहीं लड़ने का फैसला

रामविलास पासवान (फाइल फोटो)

रामविलास पासवान (फाइल फोटो)

जानकारी के मुताबिक बीजेपी ने एक सर्वे कराया है उसमें हाजीपुर सीट से रामविलास पासवान को ही जितने वाला उम्मीदवार माना जा ...अधिक पढ़ें

    चुनावी बिगुल बज चुका है और बिसातें बिछने लगी हैं. अगर इस खेल में दुश्मन की चाल को नहीं समझ पाए तो चुनाव में चित होने में वक्त नही लगता. यही वजह है कि केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष रामविलास पासवान अपनी परंपरागत सीट पर यह तय नहीं कर पाए हैं कि वो खुद किस्मत आजमाएंगे या फिर अपने भाई एलजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री पशुपति कुमार पारस को चुनाव लड़वाएंगे.

    दरअसल यह संकट भी इसलिए खड़ा हो गया है क्योंकि एनडीए में लोकसभा सीट बंटवारे के वक्त जो फॉर्मूला तय हुआ था, उसमें एक राज्यसभा की सीट एलजेपी को देने के लिए बीजेपी सहमत हुई थी. उस वक्त यह बात साफ हो गया था कि पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान चुनाव नहीं लड़ेंगे और राज्यसभा की जो सबसे पहले सीट खाली होगी, उससे उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा. इसके अलावा एलजेपी को छह लोकसभा सीटें दी जाएंगी. सीट बंटवारे के वक्त भी वही हुआ. एलजेपी को चुनाव लड़ने के लिए छह सीट मिल गई. लेकिन अब बीजेपी ने रामविलास पासवान पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है.

    जानकारी के मुताबिक बीजेपी ने एक सर्वे कराया है उसमें हाजीपुर सीट से रामविलास पासवान को ही जीतने वाला उम्मीदवार माना जा रहा है. इसके अलावा भले ही पासवान के परिवार का कोई और क्यों ना एलजेपी से खड़ा हो जाए, यह परंपरागत सीट एलजेपी के हाथ से निकल सकती है. इस सीट से कभी पासवान रिकॉर्ड मत से जीत चुके हैं. ऐसे में हाजीपुर सीट को खोने का डर पासवान को सताने लगा और ऐसे आलम में बीजेपी के शीर्ष नेताओं उन पर हाजीपुर से चुनाव लड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है.

    लिहाजा रामविलास पासवान यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वो खुद लड़ें या अपने भाई को मैदान में उतारें. सर्वे के आने के बाद पशुपति कुमार पारस के अंदर भी खौफ हो गया है कि अगर चुनाव लड़े और हाजीपुर से हार गए तो बिहार सरकार में बैठे मंत्री पद पर भी खतरा आ सकता है. ऐसे में वो भी खुल कर कुछ बोल नहीं पा रहे हैं. वैसे मौके की नजाकत को देखते हुए रामविलास पासवान अपने छोटे भाई पर दांव फेंक सकते हैं. लेकिन इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता है कि बीजेपी का दबाव बढ़ा तो रामविलास चुनाव मैदान में आ जाएं और वायदे के हिसाब से राज्यसभा के एक सीट से वह अपनी पार्टी या परिवार के किसी सदस्य को राज्यसभा भेज दें.

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    Tags: Bihar News, BJP, NDA, Ram vilas paswan

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