हाथ में पट्टी, कलाई पर कैनुला लगाकर चाचा पशुपति से मिलने पहुंचे चिराग, 20 मिनट इंतजार के बाद मिली एंट्री

चिराग पासवान अपने चाचा से मिलने पहुंचे हैं.

LJP News: एलजेपी में टूट के बाद डैमेज कंट्रोल की कवायद में जुटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मिलने उनके घर पहुंचे हैं. काफी इंतजार के बाद पशुपति ने दरवाजा खोला.

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पटना. बिहार की राजनीति में एलजेपी नेता पशुपति कुमार पारस (LJP MP Pashupati Kumar Paras) समेत पांच सांसदों की बगावत के कारण सियासी तूफान आ गया है. इस बीच चिराग पासवान के चाचा पशुपति ने कहा कि हमारी पार्टी में 6 सांसद हैं. 5 सांसदों की इच्छा थी कि पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है, इसलिए पार्टी को बचाया जाए. मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं हूं बल्कि बचाया है. इस उथल-पुथल के बाद चिराग पासवान (Chirag Paswan) भी डैमेज कंट्रोल की कवायद में जुट गए हैं. यही नहीं, पार्टी में टूट की खबरों के बाद चिराग अपने चाचा से उनके घर मिलने पहुंचे, लेकिन काफी देर तक गाड़ी का हॉर्न बजाने के बाद दरवाजा खुला है. इस दौरान चिराग को चाचा पशुपति के घर में प्रवेश के लिए तकरीबन 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा.

हैरानी की बात है कि चाचा पशुपति कुमार पारस के घर का मुख्‍य दरवाजा तो चिराग पासवान के लिए जल्‍दी खुल गया था, लेकिन उन्‍हें करीब 20 मिनट बाद घर में एंट्री मिली. जानकारी के मुताबिक, इस दौरान चिराग अपने चाचा का गाडी के अंदर बैठकर इंतजार करते रहे.



लोजपा प्रवक्ता ने कही ये बात
इस बीच लोजपा प्रवक्ता श्रवण कुमार ने कहा कि सांसद पशुपति कुमार पारस को चिराग के आने की जानकारी नहीं थी और स्टाफ भी नहीं था, इसीलिए पता नहीं चल सका. अब गेट खुल गया है और चिराग पासवान अंदर आ गए हैं. वो घर के सम्मानित सदस्य हैं, परिवार के सदस्य हैं. हालांकि जो भी फैसले लिए गए वो सब एक तरफा हो रहे थे. बचपने में जो पार्टी बर्बाद हो रही थी उससे बचाने के लिए ऐसा किया गया है.

पशुपति ने चिराग पर लगाए ये आरोप
बिहार के हाजीपुर से एलजेपी के लोकसभा सांसद पशुपति कुमार पारस ने कहा कि मैं अकेला महसूस कर रहा हूं. पार्टी की बागडोर जिनके हांथ में गई. पार्टी के 99 फीसदी कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी की इच्छा थी कि हम 2014 में एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनें और इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा बने रहें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. उन्‍होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी. कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारी पार्टी में सेंध लगा डाली और 99 फीसदी कार्यकर्ताओं के भावना की अनदेखी करके गठबंधन को तोड़ दिया. यही नहीं, पशुपति कुमार पारस ने आगे कहा कि हमारी पार्टी में 6 सांसद हैं. 5 सांसदों की इच्छा थी कि पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है, इसलिए पार्टी को बचाया जाए. मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं हूं बल्कि बचाया है.

मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं चिराग पासवान
लोक जनशक्ति पार्टी में बड़ी फूट के बाद सांसद चिराग पासवान फिलहाल मीडिया से बात नहीं कर रहे हैं. जबकि उनके स्टाफ का कहना है कि अभी उनकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वह मीडिया से बात नहीं करेंगे. हालांकि पार्टी में टूट के बाद चिराग पासवान के आवास पर सन्नाटा है.

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