बिहार में नई गाइडलाइन के साथ लगेगा लॉकडाउन-3, इस बार ग्रामीण क्षेत्रों पर होगा फोकस

नीतीश कुमार सरकार बिहार में लॉकडाउन 3 लगाने पर विचार कर रही है और इस बार फोकस ग्रामीण क्षेत्र होगा. (File)

नीतीश कुमार सरकार बिहार में लॉकडाउन 3 लगाने पर विचार कर रही है और इस बार फोकस ग्रामीण क्षेत्र होगा. (File)

बिहार में कोरोना की संक्रमण दर में लगातार गिरावट आ रही है. लॉकडाउन का असर देखने को मिल रहा है. ऐसे में नीतीश सरकार लॉकडाउन को और आगे बढ़ाने की सोच रही है. इसलिए लॉकडाउन-3 की अवधि 31 मई या जून के पहले हफ्ते तक बढ़ाया जा सकता है.

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पटना. बिहार में कोरोना संक्रमण की दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. आंकड़े बता रहे हैं कि लॉकडाउन का अच्छा असर हुआ है. ऐसे में नीतीश सरकार लॉकडाउन को और आगे बढ़ाने की सोच रही है लॉकडाउन-3 की अवधि 31 मई या जून के पहले हफ्ते तक बढ़ाने का फैसला कर सकती है. मिली जानकारी के अनुसार, दो दिनों के अंदर कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक होने जा रही है. इस बैठक में लॉकडाउन बढ़ाने पर भी फैसला लिया जाएगा. हालांकि इस बार राज्य सरकार कुछ नई छूट दे सकती है. वहीं, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की इस बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा. वहां के हालातों को लेकर रिपोर्ट भी मांगी जाएगी. राज्य सरकार तीसरे चरण के लॉकडाउन में ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर फैसला करेगी.

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए बिहार सरकार ने 5 मई से लेकर 15 मई तक पहला लॉकडाउन लगाया गया था. इसके बाद 16 मई से 25 मई तक दूसरा लॉकडाउन लगा था. लॉकडाउन के बाद संक्रमण दर में काफी कमी आई है. वहीं अब तीसरे लॉकडाउन में की गाइडलाइन में और बदलाव किए जाएंगे.

25 मई तक जारी रहेंगी ये पाबंदियां

आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी प्राइवेट ऑफिस 25 मई तक रहेंगे बंद. सभी स्कूल/कॉलेज/कोचिंग संस्थान/ ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे. सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क बंद रहेंगे.
सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होगा कोई आयोजन

25 मई तक बिना किसी काम के सड़क पर पैदल निकलना भी प्रतिबंधित है. हालांकि इनमें से कई प्रतिबंध पर 26 मई से छूट मिलने के संकेत मिले है. इसकी रणनीति तैयार की जा रही है खाका तैयार भी कर लिया गया है. इंतजार क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में अंतरिम निर्णय पर मोहर लगने का है.

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