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बिहार में आनंद मोहन की वजह से बढ़ा लॉकडाउन? जानें किसने लगाया सीएम पर यह आरोप

बिहार में आनंद मोहन की वजह से बढ़ा लॉकडाउन? जानें किसने लगाया सीएम पर यह आरोप

लवली आनंद ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई को लेकर 29 जनवरी को होने वाली सिंह गर्जना रैली अब 23 अप्रैल को होगी.

लवली आनंद ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई को लेकर 29 जनवरी को होने वाली सिंह गर्जना रैली अब 23 अप्रैल को होगी.

23 April Singh Garjana Rally: लवली आनंद के मुताबिक, हमने तय कर लिया है कि आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है. भले ही अभी बिहार सरकार ने लॉकडाउन लगाकर रैली स्थगित करा दी है, लेकिन अब पहले से भी दोगुनी ताकत से रैली को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है और अब 23 अप्रैल को सिंह गर्जना रैली पटना में की जाएगी, इसी दिन कुंवर सिंह विजयोत्सव दिवस भी मनाया जाता है.

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पटना. क्या बिहार में लॉकडाउन बढ़ाने की वजह राजनीतिक है? डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में आजीवन जेल की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन की वजह से लॉकडाउन की मियाद बढ़ाई गई? दरअसल, आनंद मोहन का परिवार और उनके समर्थक इस तरह का दावा कर रहे हैं कि राजनीतिक वजहों से लॉकडाउन लगाई गई है.

बता दें कि गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में पूर्व सांसद आनंद मोहन आजीवन जेल की सजा काट रहे हैं. इस बीच उनके रिहाई की मांग को लेकर उनके परिवार वालों ने मुहिम छेड़ रखी है. आनंद मोहन की पत्नी पूर्व सांसद लवली आनंद, आनंद मोहन के पुत्र राजद विधायक चेतन आनंद और आनंद मोहन के छोटे बेटे अंशुमन सिंह विदेश से आकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. आनंद मोहन के समर्थकों ने 29 जनवरी को पटना में सिंह गर्जना रैली की घोषणा कर दी थी और इसे सफल बनाने के लिए बिहार-झारखंड सहित देश के कई राज्यों में जाकर लोगों से पटना आने का आग्रह भी कर रहे थे. इसी बीच, बिहार सरकार ने 6 फरवरी तक बिहार में रात्रि कर्फ्यू और लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी. इस घोषणा के बाद आनंद मोहन का परिवार और उनके समर्थकों ने नीतीश कुमार पर रैली न होने देने के मकसद से जानबूझकर लॉकडाउन लगाने का आरोप लगा दिया है.

लवली आनंद का कहना है कि आनंद मोहन निर्दोष हैं और उनकी सजा की मियाद भी पूरी हो चुकी है. बावजूद, बिहार सरकार एक षड्यंत्र के तहत आनंद मोहन को जेल से बाहर नहीं आने दे रही है. लवली आनंद के मुताबिक नीतीश कुमार ने भी महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के मौके पर सार्वजनिक तौर पर कहा था कि आनंद मोहन उनके मित्र हैं और उनकी रिहाई के लिए वो हरसंभव प्रयास करेंगे. लेकिन उनका वादा सिर्फ वादा ही रह गया .

विधायक चेतन आनंद कहते है कि विधानसभा सत्र में दो दर्जन से अधिक विधायकों ने बिहार विधानसभा में आनंद मोहन की रिहाई की मांग को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया, लेकिन उस वक्त भी सदन में मंत्री विजेंद्र यादव ने बयान देकर साफ कर दिया कि सरकार की मंशा क्या है. लवली आनंद कहती हैं कि अब कोई रास्ता न देख हमने तय कर लिया है कि आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है. भले ही अभी बिहार सरकार ने लॉकडाउन लगा कर रैली स्थगित करा दी है, लेकिन अब पहले से भी दोगुनी ताकत से रैली को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है और अब 23 अप्रैल को सिंह गर्जना रैली पटना में की जाएगी, इसी दिन कुंवर सिंह विजयोत्सव दिवस भी मनाया जाता है.

लवली आनंद ने कहा कि इन सब से पहले पूर्व सांसद आनंद मोहन के जन्मदिन 28 जनवरी के मौके पर उनकी रिहाई को लेकर सोशल साइट पर मुहिम छेड़ी जाएगी और शाम में गरीबों के बीच कंबल और गर्म वस्त्र बांटे जाएंगे. 29 जनवरी को पटना के मुख्य चौराहे पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की मांग के साथ-साथ जयंती या पुण्यतिथि पर अवकाश की घोषणा की मांग की जाएगी. पूर्व सांसद को रिहा करने के लिए वर्चुअल रैली भी होगी.

Tags: Bihar lockdown SOP, Bihar politics, CM Nitish Kumar

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