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लोग जुटते गए और कारवां बनता गया..., मुहिम जो बनी जनता की आवाज़

लोग जुटते गए और कारवां बनता गया..., मुहिम जो बनी जनता की आवाज़

News 18 ने बिहार में बाढ़ के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर मानवता का धर्म निभाया.

News 18 ने बिहार में बाढ़ के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर मानवता का धर्म निभाया.

जब चारों तरफ बाढ़ से हाहाकार था और लोग उफनते पानी के बीच फंसे थे तब हर तरफ मदद की दरकार थी. ऐसे में न्यूज़ 18 की मुहिम 'बाढ़ में आपके साथ' से ना सिर्फ सरकारी अमला, बल्कि आमजन भी जुड़ता चला गया और लाखों लोगों तक मदद पहुंच पाई.

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    मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर…, लोग साथ आते गये और कारवां बनता गया. किसी भी मुहिम की सफलता इसी बात से तय होती है कि उसमें आमलोगों की कितनी भागीदारी रही और कितने लोगों तक मदद पहुंच पाई. न्यूज़ 18 की मुहिम ‘बाढ़ में आपके साथ’ से ना सिर्फ सरकारी अमला बल्कि आमजन भी जुड़ता चला गया और लाखों लोगों तक मदद पहुंच पाई. न्यूज़ 18 के फ्लड रिपोर्टर जब बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे तो कोई अपनी जान की परवाह ना करते नाव पर बच्चों को पढ़ा रहा था तो कुछ स्वास्थ्यकर्मी नाव पर वैक्सीनेशन ड्राइव चला रहे थे. जल संसाधन विभाग की एक बड़ी टीम न्यूज़ 18 के हेल्पलाइन के साथ साथ कंधे से कंधा मिलकार 24×7 अपडेट लेती रही और लोगों को राहत पहुंचाने का काम चलता रहा. आपदा प्रबंधन विभाग लगातार बाढ़ पीड़ितों की मदद करता रहा और लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाता रहा.

    हर साल की तरह इस बार भी बिहार में बर्बादी की बाढ़ आई. बाढ़ से बिहार की बड़ी आबादी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए. इस दौरान सरकार ने अपने स्तर से लोगों को राहत पहुंचाने की हर मुमकिन कोशिश की. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. जल संसाधन मंत्रालय बांधों की स्थिति पर नजर बनाये रहा जिसकी वजह से जान माल की कोई बड़ी हानि नहीं हुई. सरकार ने कम्युनिटी किचन चलाया ताकि लोग भूखे ना रहें. बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के अकाउंट में सहायता राशि भेजी गई. सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया और हालात पर नजर बनाये रहे. आपदा की इस घड़ी में हमेशा की तरह इस बार भी न्यूज़ 18 आगे आया और हमने तय किया कि हम सिर्फ खबर नहीं दिखाएंगे बल्कि हम मदद का हाथ भी बढ़ाएंगे

    न्यूज़ 18 बिहार झारखंड ने शुरू किया 24 घंटे का हेल्पलाइन नंबर
    आपदा की इस घड़ी में न्यूज़ 18 ने मदद का हाथ बढ़ाया. न्यूज़ 18 ने बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों के लिए एक खास मुहिम की शुरुआत की. ‘बाढ़ की बेबसी में मदद का हाथ, न्यूज़ 18 आपके साथ’ नाम की यह मुहिम करीब दो महीने तक चली. इस खास कैंपेन के जरिए न्यूज़ 18 पीड़ित और प्रशासन के बीच पुल बन गया. हमने लोगों की समस्याओं से सरकार और प्रशासन को अवगत कराया और लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने की कोशिश की. हमने लोगों तक पहुंचने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर- 6281280636 की शुरुआत की. रोजाना सैकड़ों फोन कॉल्स आये और हमने प्रशासन को बाखबर किया. हम लगातार आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन मंत्रालय के संपर्क में रहे और जहां भी जरूरत हुई तुरंत मदद पहुंचाई गई. ये हमारी ही कोशिशों का असर था कि सरकार की तरफ से एक नहीं बल्कि दो-दो टोल फ्री नंबर जारी किया गया और लाखों लोगों तक मदद पहुंच सकी. कहीं बांध में दरार आई हो या फिर कोई पानी के बीच फंसा हो. किसी को खाने-पीने के सामान की जरूरत हो या फिर किसी इलाके में बाढ़ राहत की राशि नहीं पहुंची हो. हम हर एक फोन कॉल को ध्यान से सुनते थे. नोट करते थे और और फिर संबंधित विभाग को इसकी सूचना देते थे. इतना ही नहीं हम फॉलो भी करते थे कि संबंधित व्यक्ति तक मदद पहुंची या नहीं. आपदा प्रबंधन विभाग के साथ साथ जल संसाधन विभाग ने भी टोल फ्री नंबर जारी किए…, जिनके जरिए लोगों तक मदद पहुंचाई गई.

    कोई दाने-दाने को मोहताज था तो किसी को जान बचाने के पड़ गए लाले
    जब चारों तरफ बाढ़ से हाहाकार था और लोग उफनते पानी के बीच फंसे थे तब हर तरफ मदद की दरकार थी. बाढ़ पीड़ितों को छोटी-छोटी चीजों की जरूरत थी. किसी को खाने-पीने का सामान चाहिए था तो किसी को सर छुपाने के लिए बस एक पॉलीथीन सीट की जरूरत थी. ऐसे हर एक कॉल को हमने ध्यान से सुना और लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की. खगड़िया की नीतू देवी और लक्ष्मी देवी ने फोन पर बताया कि उनका घर चारों तरफ पानी से डूब गया है और आने जाने का कोई साधन नहीं है. हमने जिला प्रशासन से मदद मांगी. नाव के सहारे नीतू और लक्ष्मी के परिवार को बाढ़ राहत शिविर तक पहुंचाया गया. मुंगेर के शिवराज और अरुण महतो ने बांध पर शरण ले रखी थी और उन्हें कुछ जरूरी सामान की जरूरत थी. न्यूज़ 18 के हेल्पलाइन नंबर पर फोन आने के बाद हमारी टीम वहां तक पहुंची और उनकी मदद की गई. लखीसराय के बड़हिया, सदर और सूर्यगढ़ा में बाढ़ ने काफी तबाही मचाई थी. हेल्पलाइन पर फोन आने के बाद हमने प्रशासन से मदद मांगी. हमारी कोशिशों के बाद पीड़ित तक ना केवल राशन और दवाएं पहुंची बल्कि पशुओं का चारा भी पहुंचाया गया. बाढ़ पीड़ित हरीश कुमार और कौशलेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचे हमारे संवाददाता को बताया कि हालात कितने मुश्किल भरे थे.

    टीवी चैनल के इतिहास में पहली बार बाढ़ में फंसे लोगों के बीच था फ्लड रिपोर्टर
    पिछले दो महीने तक बाढ़ से जुड़ी हर छोटी बड़ी ख़बर हमने दिखाई. न्यूज़ 18 के तीन संवाददाता ‘फ्लड रिपोर्टर’ बनकर पूरे एक महीने तक बाढ़ प्रभावित इलाके में घूमते रहे और अपनी रिपोर्ट के जरिए बताते रहे कि बिहार के किस हिस्से में बाढ़ की क्या स्थिति है. जान की परवाह ना करते हुए हमारे फ्लड रिपोर्टर पानी में फंस लोगों तक पहुंचे और उनको हो रही परेशानी से प्रशासन को रूबरू कराया. कई जगह सड़कें बह गई थी और हालात बहुत मुश्किल हो गये थे. हर तरफ पानी ही पानी था. हमारे रिपोर्टर नाव से आप तक पहुंचे. कई किलोमीटर पैदल घूमे ताकि सच्चाई सामने आ सके. हमने लगातार बताया कि कितने लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं और उनको किस तरह की मदद की दरकार है. बाढ़ की रिपोर्टिंग के दौरान हमने रिपोर्टर और कैमरामैन की सुरक्षा के साथ-साथ कोविड प्रोटोकॉल का भी पूरा ख्याल रखा. अपने इस खास मुहिम के जरिए न्यूज़ 18 लोगों को जागरूक करने का भी काम किया. हम दर्शकों को बताते रहे कि बाढ़ जैसे हालात में कैसे अपना ख्याल रखें. बाढ़ की विभीषिका में कैसे अपने मवेशियों की रक्षा करें. बाढ़ के बाद आने वाली बीमारियों से कैसे खुद को स्वस्थ रखें. इसके लिए चैनल पर कई एक्सपर्ट को आमंत्रित किया गया. बाढ़ में डूबने से कैसे बचें इसकी जानकारी देने के लिए एक्सपर्ट ने डेमो दिया. कैंपन के दौरान हमारी मुलाकात बाढ़ के ऐसे बहादुरों से हुई जो अपनी जान की परवाह ना करते हुए समाज की सेवा में लगातार जुटे रहे.

    मदद को बढ़े हाथ, नाव पर चलने लगे स्कूल और वैक्सीनेशन सेंटर
    जब हर तरफ पानी ही पानी था और लोग अपने घरों में कैद हो गये थे तो तीन शिक्षकों ने किराये पर नाव ली और घूम-घूम कर बच्चों को नाव पर इकट्ठा किया और उन्हें पढ़ाया ताकि बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित ना हो. शिक्षक कुंदन कुमार शाह, पंकज कुमार शाह और रबिन कुमार मंडल ने बाढ़ के बीच बच्चों को नाव पर बैठकर पढ़ाया. कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए जब पूरे बिहार में जोर शोर से वैक्सीनेशन ड्राइव चल रहा था तभी बाढ़ की वजह से इसपर ब्रेक लग गया लेकिन बिहार के बहादुर डॉक्टरों और नर्सों ने ये तय किया कि हम किसी भी कीमत में वैक्सीनेशन की मुहिम जारी रखेंगे. डॉक्टर और नर्स नाव पर बैठकर बाढ़ के बीच गये और लोगों को वैक्सीन दी. ऐसे ही दो बहादुर डॉक्टर शुभ्रा और नर्स संगीता को हम स्मानित करेंगे जो पानी के तेज प्रवाह की परवाह ना करते हुए वैक्सीन देने नाव से गई. बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी चिंता बांधों की होती है. कहां बांध में दरार आ गई है या फिर कहां दबाव बढ़ रहा है. लोगों कहां फंसे हैं और उन तक कैसे मदद पहुंचाई जाए. इस काम में सबसे बडी मदद बनकर आया जल संसाधन मंत्रालय का फ्लड कंट्रोल रूम. 24 घंटे की हेल्पलाइन नंबर में हजारों लोगों के फोन कॉल्स अटेंड किये गये और उन्हें मदद पहुंचाई गई. खास बात ये थी कि सभी कॉल्स की डिटेल्स रखी गई और उन्हें फॉलो किया गया. इसकी कंप्लाइंस रिपोर्ट भी बनाई गई.

    डॉक्टर वीणा झा लंदन में रहती है लेकिन उनका दिल भारत में बसता है. बाढ़ के दौरान वीणा झा लगातार लोगों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श देती रही. वैक्सीनेशन पर भी उन्होंने फ्री में कन्सलटेशन दिया और लोगों को प्रेरित किया. खासकर प्रेगनेंट महिलाओं और शुगर-बीपी के मरीजों में वैक्सीनेशन को लेकर जो भ्रांतियां थी उसे वीणा झा ने दूर किया. जान पर खेलकर बचाई जान- बाढ़ के दौरान जब हमारे फ्लड रिपोर्टर अमित कुमार एक बाढ़ग्रस्त इलाके में कवरेज कर रहे थे तो एक बड़ा हादसा न्यूज़ 18 के कैमरे में कैद हो गया. बाढ़ की तेज लहरों में एक शख्स बह गया. वहां मौजूद नाविक महेश सहनी ने पानी की तेज धार में छलांग लगा दी और उस युवक की जान बचाई.

    बाढ़ के दौरान मदद का हाथ बढ़ाने वालों का न्यूज़18 ने किया सम्मान
    बिहार में जब हर तरफ बाढ़ की बेबसी थी और लाखों लोगों को मदद की दरकार थी तो हमने इस खास मुहिम की शुरुआत की थी. दो महीने तक चली इस मुहिम में न्यूज़ 18 ने ऐसे लोगों की पहचान की है जिन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद में काफी आगे रहे. हमने ऐसे लोगों को खोज निकला जो बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुँचाने में लगतार जुटे रहे और जिकने लिए मानवता ही सर्वोपरि है. ‘बाढ़ में आपके साथ’ अभियान की सफल कामयाबी के बाद हमने ऐसे लोगों को सम्मानित करने का फैसला किया जो बाढ़ में मदद का हाथ लेकर आगे आये थे. राजधानी पटना में हुए एक विशेष कार्यक्रम में जल संसाधन और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने सभी बाढ़ बहादुरों को सम्मानित किया. न्यूज़ 18 की तरह से सभी बाढ़ बहादुरों को मोमेंटों और शॉल देकर सम्मानित किया गया. मंत्री संजय कुमार झा ने सभी बाढ़ बहादुरों को शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताई कि न्यूज़ 18 ऐसे ही जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा और लोगों की मदद करता रहेगा. समारोह के समापन पर बिहार के डिप्टी सीएम सहित बड़े मंत्रियों और नेताओं ने न्यूज़ 18 को शुभकामनाएं दी. सरकार की तरफ से एक नहीं दो-दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए.

    गांधी जयंती के मौके पर हमारा नया अभियान…
    बाढ़ में आपके साथ मुहिम की बड़ी कामयाबी के बाद अब हम एक नया अभियान शुरू करने जा रहे हैं. 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर हम इस अभियान की शुरुआत करेंगे. हमारे संवाददाता ‘क्लीन रिपोर्टर’ बनकर आपके बीच आएंगे और आपके इलाके में साफ-सफाई की स्थिति पर रिपोर्ट करेंगे. महीने भर चलने वाली इस मुहिम में हम लोगों को साफ-सफाई के फायदों के बारे में जागरूक भी करेंगे और ऐसे लोगों का सम्मान भी करेंगे जो इस मुहिम में हमारे साथ होंगे. इस मुहिम के दौरान हम एक्सपर्ट को भी अपने साथ जोड़ेंगे जो हमें जरूरी टिप्स देंगे. कई दिनों की बारिश और फिर बाढ़ के बाद जगह-जगह गंदगी का अंबार है. निगम कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के बाद हालात और बुरे हुए हैं. इस मुहिम के जरिये हमारी कोशिश होगी कि हालात बदलें और हर जगह साफ-सफाई का माहौल हो.

    Tags: Bihar floods, News 18 Hindi Special

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