लोकसभा चुनाव: दूसरे चरण की 5 सीटों पर 12 दिग्गजों में टक्कर, पढ़ें जीत-हार का समीकरण

एक तथ्य ये है कि इन सभी 5 सीटों पर मुस्लिमों की बड़ी तादाद है. यही वजह है कि इन सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी का दबदबा है.

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: April 18, 2019, 11:36 AM IST
लोकसभा चुनाव: दूसरे चरण की 5 सीटों पर 12 दिग्गजों में टक्कर, पढ़ें जीत-हार का समीकरण
फाइल फोटो
Vijay jha | News18 Bihar
Updated: April 18, 2019, 11:36 AM IST

बिहार में दूसरे चरण के मतदान के लिए वोट डाले जा रहे हैं. इनमें पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका लोकसभा सीटें शामिल हैं. इन सीटों का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि 2014 के चुनाव में मोदी लहर भी काम नहीं आया था. हालांकि तब समीकरण दूसरे थे और जेडीयू अलग चुनाव लड़ी थी. इस बार जेडीयू बीजेपी के साथ है और बीजेपी ने एनडीए का खाता खोलने की जिम्मेदारी उसी के कंधे पर दी है.


दरअसल इन सभी सीटों पर जेडीयू ने अपने कैंडिडेट मैदान में उतारे हैं. हालांकि एक तथ्य ये है कि इन सभी सीटों पर मुस्लिमों की तादाद बड़ी है. यही वजह है कि इन सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी का दबदबा है. 2014 के चुनाव नतीजों पर गौर करें तो पांच सीटों में से महज एक सीट (पूर्णिया) पर जेडीयू जीती थी, बाकी सभी महागठबंधन के खाते की सीटें हैं.


बहरहाल आइये हम इस बार के चुनाव के मद्देनजर इन पांचों सीटों पर सियासी समीकरण को समझते हैं.


किशनगंज- तिकोने मुकाबले की संभावना



किशनगंज मुस्लिम बहुल सीट है और यहां मुस्लिमों की संख्या 70 प्रतिशत है. यही वजह है कि सभी उम्मीदवारों ने मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. इस बार इस सीट से14 प्रत्याशी मैदान में हैं.


इनमें कांग्रेस से डॉ. मोहम्मद जावेद, जेडीयू से सईद महमूद अशरफ और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) अख्तरुल इमान प्रमुख हैं. हालांकि यहां का सियासी मुकाबला कांग्रेस, जेडीयू और AIMIM त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है.




किशनगंज से जेडीयू के महमूद अशरफ और कांग्रेस के डॉ जावेद

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कटिहार: कांग्रेस के गढ़ में JDU की चुनौती


कटिहार की सियासत में बीते तीन दशक से तारिक अनवर की उपस्थिति अनवरत है. वे यहां से पांच बार सांसद चुने गए हैं. शायद यही वजह है कि इस लोकसभा क्षेत्र की सियासत तारिक अनवर के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है.


हालांकि यहां से 9 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन इसबार महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के तारिक अनवर तो एनडीए की ओर से जेडीयू के दुलाल चंद्र गोस्वामी के बीच मुख्सय मुकाबला माना जा रहा है.




कटिहार से कांग्रेस के उम्मीदवार तारिक अनवर और जेडीयू के प्रत्याशी दुलालचंद्र गोस्वामी

एनसीपी से कांग्रेस में आए तारिक अनवर मुस्लिम, यादव और दलित के सहारे जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं. जबकि जेडीयू सवर्ण और ओबीसी मतों के सहारे संसद पहुंचने के जुगत में है.


बांका: JDU-RJD  की जंग में पुतुल कुमारी की दमदार दस्तक


बांका लोकसभा सीट पर कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं. जेडीयू से गिरिधारी यादव मैदान में हैं, आरजेडी के जय प्रकाश नारायण यादव मुख्य मुकाबले में माने जा रहे हैं. लेकिन बीजेपी से बागवत कर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पुतुल कुमारी ने सारा समीकरण बिगाड़ दिया है.


जाहिर है उनके निर्दलीय उतरने से जेडीयू के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है. बता दें कि पुतुल कुमारी इस सीट से सांसद रह चुकी हैं और पूर्व विदेश राज्य मंत्री दिग्विजय सिंह की पत्नी हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में पुतुल कुमारी आरजेडी के जय प्रकाश नारायण यादव से महज 10 हजार वोटों से हार गई थीं.




बांका से निर्दलीय प्रत्याशी पुतुल कुमारी, आरजेडी के उम्मीदवार जयप्रकाश यादव और जेडीयू के कैंडिडेट गिरधारी यादव

पूर्णिया: कांग्रेस-JDU में कांटे की टक्कर


पूर्णिया लोकसभा सीट से कांग्रेस ने बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को मैदान में उतारा है. वहीं जेडीयू ने मौजूदा सांसद संतोष कुमार कुशवाहा को दोबारा चुनावी जंग में खड़ा किया है.


उदय सिंह बीजेपी से नाता तोड़कर कांग्रेस का दामन थामा है. ऐसे में एक बार फिर सियासी मुकाबला 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही नजर आ रहा है. पिछले चुनाव में इन्हीं दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक लड़ाई हुई थी, जिसमें कांग्रेस के अमरनाथ तिवारी के चलते उदय सिंह को कुशवाहा के हाथों मात खानी पड़ी थी.




पूर्णिया से जेडीयू के प्रत्याशी संतोष कुशवाहा और कांग्रेस के उम्मीदवार उदय सिंह

हालांकि इस बार सियासी समीकरण बदल गए हैं और कांग्रेस से उदय सिंह उतरकर यादव, मुस्लिम और राजपूत मतों के सहारे जीत की आस लगाए हुए हैं, जबकि संतोष कुशवाहा को ओबीसी, दलित और सवर्ण वोटरों का आसरा है.


भागलपुर: मंडल Vs मंडल की जंग


 भागलपुर लोकसभा सीट मोदी लहर में भी बीजेपी जीत नहीं सकी थी. इस बार सीट शेयरिंग में जेडीयू के खाते में गई है. भागलपुर लोकसभा सीट से आरजेडी ने मौजूदा सांसद शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल और जेडीयू ने अजय कुमार मंडल सहित 9 प्रत्याशी मैदान में है.


2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के शाहनवाज हुसैन को आरजेडी के शैलेष कुमार मंडल ने 9,485 मतों से जीत हासिल की थी. हालांकि इस बार की सियासी जंग मंडल बनाम मंडल के बीच होती नजर आ रही है.




भागलपुर से आरजेडी के बुलो मंडल और जेडीयू के अजय मंडल

बूलो मंडल को जहां मुस्लिम, यादव और मंडल (गंगौता) मतों पर भरोसा है वहीं अजय मंडल को ओबीसी, महादलित और सवर्ण वोट की आस है. हालांकि बीजेपी की परंपरागत सीट बन गई भागलपुर सीट जेडीयू के खाते में जाने से शहरी मतदाताओं में थोड़ी निराशा जरूर दिख रही है.


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