बिहार: महागठबंधन में रार ! सुपौल, मधुबनी और मधेपुरा में 'अपनों' के ही विरोध में उतरे उम्मीदवार

फाइल फोटो
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मधेपुरा सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार शरद यादव के खिलाफ पप्पू यादव निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं जबकि उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस प्रत्याशी हैं.

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बिहार में महागठबंधन के भीतर जिस तरह से उथल-पुथल है इससे ये तो साफ जाहिर है कि 'ऑल इज वेल' नहीं है. एक ओर जहां सुपौल में कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत रंजन के विरोध में आरजेडी के कार्यकर्ता उतर आए हैं, वहीं मधुबनी में कांग्रेस के डॉ शकील अहमद ने वीआईपी कैंडिडेट के विरोध में खुद खड़े हो गए हैं.

वहीं मधेपुरा सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार शरद यादव के खिलाफ पप्पू यादव निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं जबकि उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस प्रत्याशी हैं.

रंजीत रंजन की राह में RJD का कांटा



सुपौल से कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत रंजन के विरोध में आरजेडी कार्यकर्ता गोलबंद हैं. पहले तो आरजेडी के कार्यकर्ता दिनेश यादव ने नामांकन दाखिल किया, इसके बाद आरजेडी की जिला ईकाई ने उसे समर्थन दे दिया. इतना ही नहीं आरजेडी के विधायक और पार्टी के जिलाध्यक्ष यदुवंश यादव ने तो यह भी कह दिया है कि रंजीत रंजन को हराने के लिए वह डोर-टू-डोर कैम्पेन चलाएंगे. जाहिर है सुपौल में आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने है.
मधुबनी में कांग्रेस के 'बागी' ने खड़ी की मुश्किल

बिहार के मधुबनी से टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेता शकील अहमद ने सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया.  दरअसल, गठबंधन के तहत मधुबनी की सीट 'विकासशील इंसान पार्टी ' (वीआईपी) के खाते में चली गयी है. अहमद पहले भी मधुबनी से सांसद रहे हैं, इसलिए वह इस सीट से टिकट मांग रहे थे. अब तो उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर लिया है.

गौर करने वाली बात ये भी है कि कांग्रेस ने डॉ शकील अहमद के कदम का खुलकर विरोध भी नहीं किया. हां इतना जरूर कहा कि उन्हें मना लेंगे. बहरहाल उनकी उम्मीदवारी ने महागठबंधन पेंच तो जरूर फंसा दिया है.

 

मधेपुरा में फंसे शरद यादव

मधेपुरा सीट से लोकसभा चुनाव 2014 में पप्पू यादव ने शरद यादव को मात दी थी. तब शरद यादव जेडीयू में थे और पप्पू यादव आरजेडी में. अब पप्पू यादव कांग्रेस के करीब माने जाते हैं और शरद यादव आरजेडी के सिंबल पर चुनाव मैदान में हैं. हालांकि महागठबंधन से दोनों का नाता होते हुए भी वे आमने-सामने हैं.

अब दुविधा ये है कि मधेपुरा और सुपौल आसपास की सीटें हैं, कांग्रेस-आरजेडी कार्यकर्ता दुविधा में फंस गए हैं कि वो किसका साथ दें.

शिवहर में महागठबंधन का 'सत्ता संघर्ष'

शिवहर सीट से आरजेडी  ने सैयद शाह फैसल को टिकट दिया है, लेकिन कांग्रेस की लवली आनंद उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकती हैं. दरअसल आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद पिछले दिनों कांग्रेस में आईं थीं टिकट की उम्मीद में, लेकिन ये सीट आरजेडी के खाते में चली गई अब उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी के विरोध का मन बनाया है. उन्होंने यहां से निर्दलीय लड़ने का ऐलान भी कर दिया है.

वहीं इसी सीट को लेकर लालू के दो बेटों तेजस्वी और तेजप्रताप में ठनी हुई है. तेजप्रताप चाहते हैं कि उनके चहेते अंगेश कुमार सिंह को टिकट दिया जाए, लेकिन तेजस्वी ने साफ मना कर दिया है. जबकि तेजप्रताप ने अंगेश का साथ देने की बात कही है.
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