लोकसभा चुनाव 2019: BJP के प्रेशर में नीतीश, JDU ने अब तक नहीं जारी किया घोषणापत्र

राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बीजेपी चाहती है कि जेडीयू अपने घोषणापत्र में कुछ मु्द्दों का जिक्र न करे. हालांकि इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तैयार नहीं हैं.

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: May 2, 2019, 1:39 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: BJP के प्रेशर में नीतीश, JDU ने अब तक नहीं जारी किया घोषणापत्र
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
Vijay jha | News18 Bihar
Updated: May 2, 2019, 1:39 PM IST
लोकसभा चुनाव के चार चरण खत्म हो चुके हैं, लेकिन जेडीयू ने अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है. पहले जेडीयू ने कहा था कि वह भी अपना घोषणा पत्र जिसे वह 'निश्चय पत्र' कहती है, लाएगी और पहले चरण के चुनाव से पहले इसे घोषित किया जाएगा. बाद में डेट बदली गई और 14 अप्रैल को लाने का दावा किया. लेकिन अब जेडीयू भी अपने घोषणा पत्र से मुकर रही है. ऐसा लग रहा है कि अब वह घोषणा पत्र जारी भी नहीं कर पाएगी. अगर जेडीयू चुनाव खत्म होने तक घोषणापत्र जारी नहीं करती है तो ऐसा 2003 में पार्टी के बनने के बाद से यह पहली बार होगा. अब सवाल उठता है कि आखिर इसमें पेच क्या है?

राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बीजेपी चाहती है कि जेडीयू अपने घोषणापत्र में कुछ मु्द्दों का जिक्र न करे. हालांकि इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तैयार नहीं हैं. दरअसल जेडीयू धारा 370 की पक्षधर है, जो जम्मू और कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता है.



वहीं समान नागरिक संहिता पर भी जेडीयू की राय बीजेपी से अलग है, जबकि राम मंदिर निर्माण को लेकर भी बीजेपी और जेडीयू में मतभेद है. इतना ही नहीं हाल के दिनों में जेडीयू ने पूर्वत्तर में एनआरसी के मुद्दे पर भी बीजेपी के स्टैंड का विरोध किया है.

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दूसरी ओर बीजेपी के दबाव की वजह से नीतीश की पार्टी इन तीनों मु्द्दों पर कोई बयान नहीं दे रही है. जाहिर है जेडीयू नेताओं को चिंता सता रही है कि आर्टिकल 370, आर्टिकल 35ए, यूनिफॉर्म सिविल कोड और राम मंदिर पर उनकी राय बीजेपी से अलग है. ऐसे में जनता को मतभेद दिखा तो राज्य में उनके गठबंधन (NDA) को नुकसान हो सकता है. बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 28 अप्रैल को इसपर चुटकी भी ली थी.

तेजस्वी यादव के 28 अप्रैल को किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉट


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गौरतलब है कि दोनों ही पार्टियां बिहार में एकसाथ चुनाव तो लड़ रही हैं, लेकिन कई मुद्दों पर दोनों पार्टियों की राय बिल्कुल अलग है. इसका डर दोनों को सता भी रहा है. यही वजह है कि चार चरणों की वोटिंग होने के बावजूद जेडीयू ने अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है. इस बीच केसी त्यागी और वशिष्ठ नारायण सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि पार्टी का इन तमाम मुद्दों पर रुख स्पष्ट है ऐसे में कोई न तो कोई दबाव है और न ही कोई दुविधा.

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बहरहाल जेडीयू लगातार इस बात से इनकार भले करे, लेकिन अब सोमवार ( 6 मई) को लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण की वोटिंग होनी है. अगर जेडीयू ने तब तक अपना घोषणा पत्र जनता के सामने नहीं रखा तो यह साफ है कि जेडीयू बीजेपी के प्रेशर में ही ऐसा कर रही है.

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