सुशील मोदी की लव स्टोरी: ट्रेन में केरल की क्रिश्चियन लड़की को दिल दे बैठे थे सुशील, घरवाले ऐसे हुए थे राजी!

सुशील मोदी और जेसी जॉर्ज की शादी में अटल बिहारी वाजपेयी भी शामिल हुए थे. (Photo- Social Media)
सुशील मोदी और जेसी जॉर्ज की शादी में अटल बिहारी वाजपेयी भी शामिल हुए थे. (Photo- Social Media)

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के पहले चरण के मतदान की पूरी तैयारी हो चुकी है. 28 अक्टूबर को इसके लिए वोट डाले जाएंगे. देशभर के तमाम दिग्गज नेता (Indian Leaders) पूरी ताकत झोंक रहे हैं, ताकि बिहार (Bihar) की सत्ता पर उनकी पार्टी का कब्जा हो. इस विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान हमने 'नेताओं की लव स्टोरी' (Love Stories of Indian Leaders) से जुड़ी सीरीज शुरू की है. आज इस सीरीज में हम आपको बिहार के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM of Bihar) सुशील मोदी की लव स्टोरी (Love Story of Sushil Modi) के बारे में बताने जा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 1:10 PM IST
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पटना. उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी (Deputy CM Sushil Modi) और उनकी पत्नी जेसी जॉर्ज (Jessie george) की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. पहली बार सुशील मोदी (Sushil Modi) और जेसी जॉर्ज (Jessie George Modi) ने एक-दूसरे को चलती ट्रेन में देखा था. देखते ही देखते एक-दूसरे को दोनों पसंद करने लगे, बात बढ़ती गई. दोनों ने एक-दूजे के साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं. लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था. दरअसल, परंपरा की दीवार को उस जमाने में लांघ पाना बेहद ही मुश्किल था. हालांकि, दोनों ने साथ जीने का ठान लिया था तो उनके प्यार के आगे सब पीछे हट गए.

बता दें कि उस वक्त सुशील मोदी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े थे, लेकिन जेसी जॉर्ज का राजनीति के प्रति कोई लगाव नहीं था. ऊपर से वह केरल (Kerala) की रहने वाली एक ईसाई परिवार (Christian Family) से ताल्लुक रखती थीं, तो भाषाई और धर्म की दीवार भी थी. हालांकि, इन सब के बावजूद सुशील मोदी-जेसी जॉर्ज की कहानी प्यार की भाषा के सहारे आगे बढ़ती गई. बात लगभग 35 साल पहले की है. इस बारे में एक अखबार से बात करते हुए सुशील मोदी के मित्र रहे सरयू राय ने कहा था कि सुशील किसी ट्रेन से जा रहे थे, विद्यार्थी परिषद के काम से. तब उनकी बहुत यात्राएं होती थीं. उसी दौरान ट्रेन में ही जेसी से मुलाकात हो गयी. इस मुलाकात के बाद दोनों ने एक-दूसरे के साथ शादी करने का फैसला कर लिया. मोदी इसके पहले पटना विश्वविद्यालय में उस छात्र संघ के महासचिव थे जिसके अध्यक्ष लालू प्रसाद निर्वाचित हुए थे. हालांकि दोनों की राजनीतिक जमीन जुदा-जुदा थीं. (पढ़ें पप्पू यादव और रंजीत रंजन की लव स्टोरी)

बहरहाल, हम लौटते हैं मोदी और जेसी की प्रेम कहानी पर. सरयू राय के मुताबिक, 'दोनों के प्यार की खबर जब घर के लोगों को पता चली तो वे लोग नाराज हो गये. घरवालों ने समझाने की भरसक कोशिश की. उन्हें डर था कि इनका प्यार कहीं विवाह की राह पर न चल पड़े. पर दोनों के बीच यह कोई क्षणिक प्यार नहीं था. दोनों ने शिद्दत के साथ इसे निभाने का फैसला तो पहले से ही कर लिया था.



सरयू राय ने बताया कि पारंपरिक मारवाड़ी परिवार में ऐसी शादी को आसानी से मंजूर किया जाना आसान नहीं लग रहा था. पर सुशील मोदी के घरवालों को समझाया गया. काफी मुश्किल से वे राजी हो गये. इस तरह 1987 में दोनों की शादी हो गयी. तब इनकी शादी में अटल बिहारी वाजपेयी भी शरीक हुए थे. शादी के 3 साल बाद सन् 1990 में विधानसभा का चुनाव हुआ और पहली बार मोदा विधानसभा पहुंते. वहीं, शादी के करीब 15 सालों बाद लालू-राबड़ी राज में जेसी जार्ज मोदी लेक्चरर बन गयीं. फिलहाल वह एक कॉलेज की प्राचार्य हैं. शादी के बाद 1990 में विधानसभा का चुनाव हुआ और पहली बार मोदी विधानसभा पहुंचे.
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