• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • उपेंद्र कुशवाहा के साथ आए माधव आनंद, अब क्या नीतीश के साथ जाएंगे कुशवाहा?

उपेंद्र कुशवाहा के साथ आए माधव आनंद, अब क्या नीतीश के साथ जाएंगे कुशवाहा?

बसपा के साथ जाने की बात पर माधव आनंद आरएलएसपी से अलग हो गए थे, पर अब फिर पार्टी के साथ हैं.

बसपा के साथ जाने की बात पर माधव आनंद आरएलएसपी से अलग हो गए थे, पर अब फिर पार्टी के साथ हैं.

बीएसपी के साथ गठबंधन में जाने के कारण माधव आनंद ने पार्टी से अपने-आप को अलग करने का फैसला किया था. लेकिन अब उपेंद्र कुशवाहा के साथ मुलाकात के बाद एक बार फिर उन्होंने पार्टी के साथ होने का फैसला किया है.

  • Share this:
पटना. उपेंद्र कुशवाहा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव के पद पर माधव आनंद की वापसी हो गई है. यह जानकारी खुद माधव आनंद ने ट्वीट कर दी है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त माधव आनंद ने आरएलएसपी से अपना इस्तीफा दे दिया था. लेकिन, पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने उस वक्त इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया था. उस वक्त बीएसपी के साथ गठबंधन में जाने के कारण माधव आनंद ने पार्टी से अपने-आप को अलग करने का फैसला किया था. लेकिन अब उपेंद्र कुशवाहा के साथ मुलाकात के बाद एक बार फिर उन्होंने पार्टी के साथ होने का फैसला किया है.

बिहार का सियासी समकरण

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले बन रहे सियासी समीकरण के बीच आरएलएसपी के एनडीए के साथ आने की चर्चा तेज थी. सूत्रों के मुताबिक, उस वक्त पार्टी की तरफ से प्रधान महासचिव माधव आनंद ने ही मोर्चा संभाला था. लेकिन, उस वक्त एनडीए से बात नहीं बन पाई और बीएसपी के साथ जाने के कुशवाहा के फैसले के बाद माधव आनंद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. हालाकि, बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद उपेंद्र कुशवाहा की नीतीश कुमार के साथ नजदीकी की चर्चा फिर तेज हो गई है. पिछले दिनों नीतीश कुमार के साथ उपेंद्र कुशवाहा की हुई मुलाकात बिहार में सियासी चर्चा के केंद्र में थी.



कुशवाहा का सॉफ्ट कॉर्नर

इसके पहले नीतीश कुमार के पुराने साथी रहे कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर किए गए तेजस्वी यादव के व्यक्तिगत हमले के खिलाफ बोला था. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था, ‘नीतीश कुमार मेरे बड़े भाई हैं, अगर उन पर इस तरह से कोई बोलेगा तो उपेंद्र कुशवाहा चुप नहीं बैठेगा. तेजस्वी का बयान बर्दाश्त करने लायक नहीं है. नीतीश कुमार बिहार के सम्मानित नेता हैं और वरिष्ठ हैं. उनके प्रति इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है.’

पुराने साथियों को जोड़ने की सुगबुगाहट

उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान के बाद से ही बिहार में नीतीश कुमार के फिर से पुराने साथियों को जोड़ने की सुगबुगाहट बढ़ने लगी थी. चर्चा इस बात की तेज है क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में लव-कुश के समीकरण को फिर से मजबूत करने की कोशिश करने में लगे हैं. विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद तो ऐसा ही लगता है. क्योंकि अभी बिहार में जेडीयू की ताकत पहले से कम हो गई है. यहां तक कि विधानसभा में सीटों की संख्या भी लगभग आधी रह गई है.

लव-कुश समीकरण

लव-कुश समीकरण को मजबूत करने और फिर से पुराने घर में वापसी के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने उस वक्त भी कहा था, कल क्या होगा किसने जाना है और राजनीति तो सम्भावनाओं का खेल है. ऐसे में एनडीए के साथ जाने के हिमायती रहे माधव आनंद की पार्टी के प्रधान महासचिव के पद पर वापसी एक राजनीतिक संकेत भी दे रही है. सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा को साथ लाने और कुशवाहा की घर वापसी की कवायद तेज होने वाली है. इस कड़ी में पार्टी के प्रधान महासचिव माधव आनंद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज