मध्य प्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन का निधन, नीतीश ने बताया- अपूरणीय क्षति
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मध्य प्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन का निधन, नीतीश ने बताया- अपूरणीय क्षति
बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ लालजी टंडन की फाइल फोटो

85 साल के लालजी टंडन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और वो कई तरह की बीमारी से ग्रसित थे. उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था.

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पटना. इस वक्त की बड़ी खबर लखनऊ से आ रही है जहां मध्य प्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन (Lalji Tondon Death) का निधन हो गया है. लालजी टंडन का निधन मंगलवार की सुबह इलाज के दौरान मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में हो गया. उनके निधन की पुष्टि बेटे और यूपी सरकार में मंत्री आशुतोष टंडन ने की है. आशुतोष टंडन ने ट्वीटर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है बाबूजी नहीं रहे.

अगस्त 2018 में बने थे बिहार के राज्यपाल

85 साल के लालजी टंडन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और वो कई तरह की बीमारी से ग्रसित थे. उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था. उन्हें किडनी और लिवर में दिक्कत के बाद उन्हें 11 जून को अस्पताल में एडमिट कराया गया था. लालजी टंडन को अगस्त 2018 में बिहार का गवर्नर बनाया गया था. इसके बाद 2019 में उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया. वो बिहार में भी काफी लोकप्रिय थे और उन्होंने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कई अहम फैसले भी लिए थे. लखनऊ में लालजी टंडन की लोकप्रियता समाज के हर समुदाय में थी. वे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के काफी करीबी और अहम सहयोगी भी थे.



अटल जी के खास सहयोगी के तौर पर मिली थी पहचान
लालजी टंडन प्रदेश की बीजेपी सरकारों में कई बार मंत्री भी रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी के रूप में जाने जाते रहे. उन्होंने वाजपेयी के चुनाव क्षेत्र लखनऊ की कमान संभाली थीऔर  निधन बाद लखनऊ से ही 15वीं लोकसभा के लिए भी चुने गए. 2004 में लोक सभा के चुनाव की पूर्व संध्या पर अपने जन्म दिवस के अवसर पर साड़ी बांट रहे थे जिसमे भगड़र मच गई और 21 महिलाओं की मौत हो गई. बाद में टंडन को सभी आरोप से मुक्त कर दिया गया.

नीतीश ने बताया अपूरणीय क्षति

लालजी टंडन के निधन पर बिहार के कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे राजनीति के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि लालजी टंडन एक कुशल प्रशासक और लोकप्रिय नेता थे. उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अपूरणीय क्षति हुई है. उनके निधन पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान समेत कई अन्य राजनेताओं ने भी शोक प्रकट किया है.
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