लाइव टीवी

बिहार में क्या RJD को माइनस कर महागठबंधन बनाने की चल रही तैयारी?
Patna News in Hindi

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: February 15, 2020, 10:48 AM IST
बिहार में क्या RJD को माइनस कर महागठबंधन बनाने की चल रही तैयारी?
शुक्रवार को पटना के होटल चाणक्य में महागठबंधन के चार बड़े नेताओं की गुप्त मीटिंग हुई

महागठबंधन के तीन घटक दलों के नेताओं के साथ शरद यादव (Sharad Yadav) की हुई मीटिंग पर आरजेडी (RJD) ने कड़ा एतराज जताया है. पार्टी के नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बगैर तेजस्वी यादव के महागठबंधन की कल्पना नहीं की जा सकती

  • News18 Bihar
  • Last Updated: February 15, 2020, 10:48 AM IST
  • Share this:
पटना. क्या बिहार (Bihar) में मौजूदा महागठबंधन (Grand Alliance) बिखर चुका है? क्या अब बिहार में माइनस राष्ट्रीय जनता दल (RJD) महागठबंधन का स्वरूप बनाने की कोशिश हो रही है? क्योंकि जनता दल युनाइटेड (JDU) का तो दावा है कि बिहार में महागठबंधन टूट के औपचारिक ऐलान का इंतजार है तो वहीं आरजेडी का कहना है कि उसके और तेजस्वी यादव के बगैर महागठबंधन की बात बेमानी है.

चार बड़े नेताओं की मीटिंग का मतलब
दरअसल शुक्रवार को राजधानी पटना के होटल चाणक्य में महागठबंधन की एक बैठक हुई थी. इसमें शरद यादव, आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी शामिल थे. बंद कमरे में क्या बात हुई यह जानने की न्यूज़ 18 ने कोशिश की तो सबने चुप्पी साध ली.

बताया गया था कि बैठक के बाद सभी नेता प्रेस से बात करेंगे लेकिन ऐसा नही हुआ. बगैर कांग्रेस और आरजेडी के हुई बैठक के बाद शरद यादव को छोड़ सभी नेता बिना कुछ कहे बाहर निकल गये. फिर लगा कि शरद यादव कुछ बोलेंगे, लेकिन उन्होंने भी दो दिन तक कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. अलबत्ता जीतन राम मांझी ने सिर्फ इतना कहा कि वो 18 फरवरी को बात करेंगे.

बीजेपी ने बताया महागठबंधन की चोंचलेबाजी
इस पूरे प्रकरण को बीजेपी ने नाटक करार देते हुए कहा कि सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए महागठबंधन के लोग ये चोंचलेबाजी कर रहे हैं. बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल ने कहा कि महागठबंधन में ऐसे दल शामिल हैं जो जनता द्वारा बुरी तरह से नकारे दिये गये हैं. अब महागठबंधन के दलों को कोई नहीं पूछ रहा तो उनके नेता सियासी ड्रामा कर मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं.

महागठबंधन के नेताओं के बीच तेजस्वी यादव को अपना नेता मानने को लेकर मतभेद है (फोटो: पीटीआई)
महागठबंधन के दलों को RJD की चेतावनी
हालांकि पटना के होटल में हुए महागठबंधन के तीन घटक दलों के नेताओं के साथ शरद यादव की मीटिंग पर आरजेडी ने कड़ा एतराज जताया है. आरजेडी के नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बगैर तेजस्वी यादव के महागठबंधन की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने शरद यादव के साथ बैठक करने वाली पार्टियों को एक तरह से चेतावनी देते हुए कहा कि, जो तेजस्वी के रथ पर सवार नहीं होगा, उसकी नैया डूब जाएगी.

कांग्रेस की नजर में तेजस्वी यादव
बगैर आरजेडी और कांग्रेस के महागठबंधन की बैठक पर कांग्रेस के नेता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है. होटल में चार नेताओं की मुलाकात के कोई मायने नहीं निकाले जाना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन का नेता कौन होगा. ये आपस में मिल बैठकर तय किया जाएगा.

तेजस्वी की उल्टी गिनती शुरू- जेडीयू
वहीं जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी यादव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. क्योंकि पहले सिर्फ कांग्रेस तेजस्वी यादव को नापसंद करती थी, अब महागठबंधन के तमाम नेता तेजस्वी यादव के नाम पर सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन रहे या ना रहे नतीजे के तौर पर आरजेडी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की स्थिति वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव परिणाम से भी बदतर होने जा रही है. बता दें कि 2010 में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को 243 में से 206 सीटों पर जीत हासिल हुई थी.

बहरहाल अब आने वाले वक्त में देखना होगा कि महागठबंधन की स्थिति क्या रहती है. क्योंकि सूत्र बताते हैं कि शरद यादव के साथ तीन दलों के नेताओं की बैठक नाहक और सिर्फ मिलना-जुलना नहीं था. यह आने वाले समय में बीजेपी-जेडीयू से निपटने के लिए वैकल्पिक गठजोड़ के लिए चर्चा थी. जिसमें पप्पू यादव के साथ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को भी शामिल कराया जा सकता है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 15, 2020, 10:24 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर