पटना गैंगरेप के मुख्‍य आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर, पुलिस के दावे की खुली पोल
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पटना गैंगरेप के मुख्‍य आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर, पुलिस के दावे की खुली पोल
पटना गैंगरेप के मुख्‍य आरोपी विनायक सिंह ने पुलिस को दिया चकमा.

पटना गैंगरेप (Patna Gangrape) के मुख्य आरोपी विनायक सिंह (Vinayak Singh) ने पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. इसके साथ ही पटना पुलिस के मंसूबे पर पानी फिर गया है, जो हर हाल में आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा कर रही थी.

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पटना. पटना के बहुचर्चित बीबीए छात्रा गैंगरेप (Gangrape) के मुख्य आरोपी विनायक सिंह (Vinayak Singh) ने पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. जबकि आरोपी के कोर्ट में सरेंडर करने के साथ ही पटना पुलिस (Patna Police) के मंसूबे पर पानी फिर गया. पुलिस ने दावा किया था कि वो मुख्‍य आरोपी को हर हाल में गिरफ्तार करेगी. अब सवाल उठ रहा है कि पुलिस का दावा हवा कैसे साबित हो गया और विनायक सिंह को कोर्ट में सरेंडर करने की मोहलत कैसे मिल गई? क्या उसको गिरफ्तार करने के लिए पटना पुलिस ने जरूरत से ज्यादा अपने पर कान्फिडेंस कर लिया या फिर वह पुलिस से ज्यादा तेज निकला.

आरोपी के पिता और चाचा ने पटना पुलिस के अधिकारी से साधा था संपर्क
न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए पटना पुलिस के एक आलाधिकारी ने स्वीकार किया है कि जिस तरीके से पटना पुलिस ने विनायक सिंह को पकड़ने की दबिश की रणनीति बनाई, उससे घबराकर उसके पिता और चाचा ने आज पुलिस के सामने उसे पेश करने का वायदा किया था. पटना पुलिस के अधिकारी को एक घंटे में विनायक को लेकर पहुंचने का वायदा करने वाले उसके अभिभावक उसे लेकर कोर्ट पहुंच गए. विनायक सिंह के कोर्ट में सरेंडर कटने की खबर जैसे ही मीडिया में आई पटना पुलिस में खलबली मच गई. हालात ऐसे बन गए कि जब मीडियाकर्मियो ने आलाधिकारियों को फोन कर आरोपी विनायक के सरेंडर की खबर की पुष्टि करनी चाही तो उनके पास कोई जवाब नहीं था.

पुलिस ने किया ये काम



पीरबहोर थाना अध्यक्ष रिजवान अहमद को आनन फानन में न्यायलय भेजा गया और तब जाकर पुलिस आश्वस्त हुई कि विनायक सिंह ने सरेंडर कर दिया है. यकीनन इस मामले में पुलिस से चूक हो गई और उसकी का फायदा आरोपी के पिता और चाचा ने उठा लिया. अगर पुलिस सादे लिबास में सिविल कोर्ट के आसपास अपने लोग लगाए होते तो वह फजीहत से बच जाती, लेकिन ऐसा हो नहीं सका.



विनायक सिंह को मिल जायेगा फायदा
गैंगरेप के आरोपी को ज्यूडिशियल कस्टडी में फुलवारी जेल भेज दिया गया है. अब पटना पुलिस उसे तभी अपने कस्टडी में ले पाएगी, जब कोर्ट की इजाज़त मिलेगी. ऐसे में जब तक पटना पुलिस उसे रिमांड पर नहीं लेती है तब तक वह तमाम तरह की कहानियां गढ़ने की कोशिश कर सकता है.

 

पुलिस पर उठ रहे सवाल
एक तरफ निर्भया केस के आरोपियों को फांसी की सजा मुकर्रर की गई है, वहीं पटना में बीबीए छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना में पुलिस की लापरवाही सामने आई है. एक तरफ इस कांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की राह पुलिस देखती रह गई तो दूसरे आरोपी कुश गिरफ्तारी के बाद पाटलिपुत्र थाने में फोन पर बात करने सुविधा उपलब्ध थी. जी हां, कुश सिंह पाटलीपुत्र थनाध्यक्ष के कमरे में आराम से फोन पर बात करता रहा था.

क्या है मामला
6 जनवरी की शाम पटना के पॉश इलाके बोरिंग रोड के जीबी मॉल की पार्किंग से चार युवकों विनायक सिंह, संदीप मुखिया, कुश और विकाश ने पिस्टल की नोक पर बीबीए छात्रा को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम देकर खलबली मचा दी थी.

 

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