Pol Dance : बिहार की राजनीति के मझधार में फंसे मांझी, माइनस आरजेडी का प्लान B हुआ फुस्स
Patna News in Hindi

Pol Dance : बिहार की राजनीति के मझधार में फंसे मांझी, माइनस आरजेडी का प्लान B हुआ फुस्स
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जीतन राम मांझी माइनस आरजेडी प्लान फुस्स हुआ.

महागठबंधन (grandalliance) के दूसरे सहयोगियों ने यहां तक कह दिया कि अगर बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) के खिलाफ 2020 में महागठबंधन को चुनाव जीतना है तो हर हाल में आरजेडी को साथ लेकर ही चलना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 21, 2020, 11:37 PM IST
  • Share this:
पटना. महागठबंधन में जीतनराम मांझी (Jitanram Manjhi) का फार्मूला - माइनस आरजेडी - महज 24 घंटे के भीतर ही फेल हो गया. महागठबंधन की बाकी सहयोगी पार्टियों ने यह साफ कर दिया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी का कोई विकल्प नहीं. महागठबंधन (grandalliance) के दूसरे सहयोगियों ने यहां तक कह दिया कि अगर बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) के खिलाफ 2020 में महागठबंधन को चुनाव जीतना है तो हर हाल में आरजेडी को साथ लेकर ही चलना होगा. यही नहीं कांग्रेस (Congress) से लेकर वीआईपी और वामदल ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया कि तत्काल बिहार में न तो कोई थर्ड फ्रंट की गुंजाइश है और न ही इसपर दांव लगाना कोई बुद्धिमानी. मतलब साफ है जीतन राम मांझी जिस बुनियाद पर आरजेडी के खिलाफ ताल ठोक रहे थे, उन्हीं सहयोगियों ने मांझी का बीच मंझधार में साथ छोड़ दिया.

वैसे तो महागठबंधन के भीतर मतभेद और मनभेद की खबर कोई नई बात नहीं है. लेकिन इस बार जीतन राम मांझी का आरजेडी के खिलाफ खेला गया दांव अब उनके लिए ही उल्टा पड़ने लगा है. महागठबंधन के भीतर अकेले मांझी को छोड़कर बाकी सहयोगी पार्टियां आरजेडी से इतर कोई दूसरे विकल्प के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या मांझी केवल हवा बनाने में लगे हैं. मांझी ने जिस तेवर से 1 दिन पहले आरजेडी के खिलाफ हुंकार भरा था, वह अगले ही दिन बिल्कुल ठंडा पड़ गया.

न्यूज 18 ने जानना चाहा



दरअसल न्यूज़ 18 ने मांझी के आरजेडी के खिलाफ दिए गए तल्ख बयान को लेकर जब महागठबंधन के बाकी सहयोगियों से यह जानने की कोशिश की कि क्या 2020 के चुनाव में आरजेडी को छोड़कर महागठबंधन किसी दूसरे विकल्प के लिए भी तैयार है? क्या मांझी का प्लान B और उनके फार्मूले के जरिए जिस तरह से आरजेडी को अल्टीमेटम दिया जा रहा है, तो क्या बाकी सहयोगी भी मांझी के इस फैसले के साथ खड़े हैं?
जवाब बेहद चौंकानेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने दो टूक में कहा - आरजेडी के साथ हमारा पुराना रिश्ता है. ऊपर से बीजेपी के खिलाफ अगर चुनाव जीतना है, तो सबको एकजुट रहना होगा. वहीं VIP के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि आरजेडी को अलग रखने का सवाल ही नहीं है. मांझी जी कभी-कभी नाराज हो जाते हैं. हम खुद मांझी जी को समझाएंगे. वैसे भी थर्ड फ्रंट का इस चुनाव में कोई वजूद नहीं है. इसके अलावा वाम दल (CPI) ने भी साफ कर दिया कि आरजेडी के इतर कोई अलग फ्रंट (तीसरा फ्रंट) बेकार है. जरूरी ये है कि सब को एकजुट रहना है और आरजेडी के साथ मिलकर ही हम बीजेपी और जेडीयू को इस विधानसभा चुनाव में पछाड़ सकते हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी भी कमोबेश बाकी सहयोगियों की तरह ही महागठबंधन की एकजुटता की बात कर रही है. ऐसे में आरजेडी का सीना 56 इंच का हो गया है. आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि 2020 के विधानसभा चुनाव की जीत के लिए तेजस्वी एक्सप्रेस पहले ही निकल चुकी है. अब जो लोग इसपर सवार होंगे उनका तो बेड़ा पार होगा. लेकिन जो लोग इसको चूके तो यकीनन पूरी जिंदगी उन्हें पछतावा पड़ेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading