लाइव टीवी

बिहार: कई आयोग सालों से नहीं दे रहे आय-व्यय का हिसाब, विपक्ष ने की CBI जांच की मांग

News18 Bihar
Updated: November 13, 2019, 10:21 AM IST
बिहार: कई आयोग सालों से नहीं दे रहे आय-व्यय का हिसाब, विपक्ष ने की CBI जांच की मांग
सूचना के अधिकार के तहत ये खुलासा हुआ है कि बिहार के कई आयोग कई सालों से अपनी आय-व्यय का सालाना ब्योरा नहीं दे रहे.

इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. विपक्षी दल कंग्रेस जहां इसे गंभीर मामला बताकर विधानमंडल के आगामी सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति में जुटी है वहीं, राजद सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर रहा है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: November 13, 2019, 10:21 AM IST
  • Share this:
पटना. बिहार में सरकारी संस्थाओं में आय-व्यय (Income and expenses) की पारदर्शिता के मकसद से वार्षिक रिपोर्ट (annual report) का प्रवाधान है. अलग-अलग विभागों से जुड़े आयोगों के लिए भी इसी तरह के नियम लागू हैं, लेकिन सूचना के अधिकार (Right to information) के तहत जो खुलासा हुआ है वह बेहद चौकाने वाला है. दरअसल राज्य के कई आयोगों ने पिछले कई सालों से आय़-व्यय का ब्योरा ही नहीं सौंपा है.


सरकार को भी उपलब्ध है जानकारी

बिहार विधानसभा की प्रत्यायुक्त विधान समिति शाखा (legislation committee branch) में उपलब्ध जानकारी ने बिहार के कई आयोगों की बड़ी हकीकत खोल कर रख दी है. ऐसे आयोगों की लंबी फेहरिस्त है. आइये एक नजर डालते हैं इस सूची पर-



आयोग का नाम                                   प्रशासी विभाग                             कब से लंबित

1. बिहार राज्य सूचना आयोग               सामान्य प्रशासन                             3 साल 

Loading...

2. बिहार विधुत विनियामक आयोग       उर्जा विभाग                                    3 साल  

3. बिहार लोक सेवा आयोग                   सामान्य प्रशासन                             2 साल

4. बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग      समाज कल्याण                               4 साल 

5. बिाहर राज्य बाल श्रमिक आयोग       श्रम संसाधन विभाग                        5 साल 

6. बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग     अल्पसंख्यक कल्याण आयोग           4 साल 


ये तो महज उऩ आयोगों के नाम हैं जिनके बारे में जानकारी दी गई है. छानबीन में इऩकी संख्या में बढो़तरी होनी तय है. सबसे बड़ी बात यह है कि आयोग तो लापरवाह हैं ही उऩके प्रशासी विभाग भी इसके लिए कम जिम्मेवार नही हैं.


विपक्ष ने CBI जांच की मांग की

बहरहाल इस इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. विपक्षी दल कंग्रेस जहां इसे गंभीर मामला बताकर विधानमंडल के आगामी सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति में जुटी है वहीं, राजद  सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर रहा है.


आंदोलन करेगा विपक्ष

कॉग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने न्यूज 18 के खुलासे पर धन्यवाद देते हुए कहा है कि इस तरह के मामले में पारदर्शिता जरूरी है.  उधर राजद नेता विजय प्रकाश ने कहा है कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो उनकी पार्टी इसके खिलाफ आंदोलनात्मक कदम उठाएगी.


जदयू ने दिया गोल-मटोल जवाब

हालांकि जदयू नेता राजीव रंजन इस बबात पूछे जाने पर गोल मटोल जवाब देकर बचने कोशिश करते नजर आते हैं.  जानेमाने पत्रकार रवि उपाध्याय की मानें तो इस तरह के मामले वित्तीय अनियमितता के प्रत्यक्ष प्रमाण है.



जाहिर है कि मामला गंभीर है औऱ ऐसे में सरकार में शामिल दलों को बोलना भारी पड़ रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को लेकर किस तरह हल्ला बोलता है और सत्ता पक्ष इसका क्या जवाब देता है.


ये भी पढ़ें-

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 13, 2019, 10:14 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...