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Bihar: बीजेपी ने फिर दिया चिराग पासवान को बड़ा झटका, LJP के कई नेता BJP में हुए शामिल

एलजेपी में लगातार उठापटक हो रही है साथ ही कई नेता पार्टी को छोड़ते जा रहे हैं.

एलजेपी में लगातार उठापटक हो रही है साथ ही कई नेता पार्टी को छोड़ते जा रहे हैं.

चुनाव के दौरान चिराग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करते हुए नीतीश कुमार के खिलाफ प्रचार किया था. अब चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी को सैकड़ों नेताओं ने मोदी में आस्था जताकर भाजपा का दामन थाम लिया है.

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पटना. लोक जनशक्ति पार्टी की बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद से पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ रहे हैं. चुनाव के दौरान चिराग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करते हुए नीतीश कुमार के खिलाफ प्रचार किया था. इससे नीतीश कुमार की पार्टी को नुकसान भी हुआ. लेकिन अब एलजेपी के कई नेता चिराग पासवान को छोड़कर नीतीश कुमार और भाजपा में जाने लगे हैं. चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह के मुखर समर्थक हैं, लेकिन इसके बाद भी भाजपा ने उनके कई नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराकर उन्हें झटका दे दिया. पश्चिम चम्पारण में एलजेपी के दिग्गज नेताओं व 175 पंचायतों के अध्यक्ष सहित सैकड़ों नेता मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए.

एलजेपी छोड़कर आने वाले नेताओं को मंगलवार को पश्चिम चम्पारण के जिला मुख्यालय बेतिया में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई. एलजेपी छोड़ बीजेपी में शामिल होने वालों में पूर्व प्रदेश महासचिव व सीतामढ़ी के प्रभारी विश्वनाथ प्रसाद कुशवाहा, दलित सेना के प्रदेश महासचिव रामेश्वर हजरा, प्रधान जिला महासचिव प्रेमचंद्र हजरा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामनंद चौरसिया, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम राय तथा पूर्व जिला महासचिव दलरमण कुशवाहा व रामानाथ शर्मा शामिल हैं. युवा एलजेपी के पूर्व जिला महासचिव ओमप्रकाश कुमार कुशवाहा, महासचिव संजय कुशवाहा तथा सचिव विकास कुमार कुशवाहा भी दल बदलने वालों में शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को 200 से अधिक एलजेपी नेताओं ने केशव सिंह के नेतृत्व में जेडीयू का दामन थाम लिया. एलजेपी से जेडीयू में शामिल केशव सिंह ने 18 फरवरी को दावा किया था कि हर महीने की 18 तारीख को एलजेपी में टूट होगी. लेकिन 25 नेताओं के एक समूह को जेडीयू की भी हवा रास नहीं आई और दो हफ्ते के अंदर ही विश्वनाथ कुशवाहा के नेतृत्व में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली. विश्वनाथ कुशवाहा एलजेपी के टिकट पर चनपटिया सीट से विधान सभा चुनाव लड़ चुके हैं.



पिछले ही दिनों एलजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रामेश्वर चौरसिया ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनके किसी पार्टी में शामिल होने की अबतक कोई खबर नहीं है. बीते दिनों एमएलसी नूतन सिंह ने भी एलजेपी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गईं. एलजेपी की सत्ता से दूरी,पार्टी में टूट की बड़ी वजह मानी जा रही है.
एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे थे. 43 सीटों पर सिमटी जेडीयू ने अपने ज्यादातर उम्मीदवारों की हार के लिए चिराग पासवान को जिम्मेदार ठहराया था. लिहाजा जेडीयू की हिसाब-किताब बराबर करने की रणनीति के तहत एलजेपी नेताओं को शामिल कराए जाने की मुहिम शुरु हुई.

कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद पश्चिम चंपारण में एलजेपी दो फाड़ हो गई है. इससे पूर्व विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर नाराज प्रदेश महासचिव व सीतामढ़ी के प्रभारी विश्वनाथ प्रसाद कुशवाहा तथा प्रदेश दलित सेना के महासचिव रामेश्वर हजरा सहित पश्चिम चंपारण के 30 नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. नेताओं के पार्टी छोडऩे की बाबत विश्वनाथ प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि चिराग पासवान कुछ लोगों के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं. वे मनमानी कर रहे हैं और एलजेपी में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो चुका है. एलजेपी छोडऩे वाले नेता भी चिराग पासवाल की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में आस्था व्यक्त कर रहे हैं.
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