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बिहार में जमीन का दाखिल-खारिज बना जी का जंजाल, केवल पटना में 59 हजार पेंडिंग केस

राजधानी पटना के विभिन्न अंचलों में दाखिल खारिज के 59 हजार केस पेंडिंग हैं (सांकेतिक चित्र)

राजधानी पटना के विभिन्न अंचलों में दाखिल खारिज के 59 हजार केस पेंडिंग हैं (सांकेतिक चित्र)

Patna News: राजधानी पटना में इतनी भारी संख्या में दाखिल खारिज के लंबित मामलों की जानकारी पटना के डीएम को भी है. पटना के जिलाधिकारी डॉ चंदशेखर सिंह कहते हैं कि दाखिल खारिज को लेकर समस्या है लेकिन एक अभियान चलाकर इस मामले का निपटारा कर दिया जाएगा.

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पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार नियम का सूत्र सिस्टम राजधानी पटना समेत समूचे बिहार के लिए दाखिल खारिज करने के मामले में पूरी तरह फेल है. अमूमन दाखिल खारिज 22 दिन होने में की बात कहीं जाती है लेकिन पटना के 23 अंचलों में कई अंचल ऐसे हैं जहां 4 साल पुराने मामले भी पेंडिंग (Online Land Work) चल रहे हैं. लोग परेशान हैं और सरकारी बाबू अपने हिसाब से काम करने को स्वतंत्र हैं. बिहार सरकार ने राज्य के लोगों को दाखिल खारिज (Dakhil-Kharij) से मुक्ति दिलाने से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया यह कह कर शुरू की कि 22 दिनों में सभी तरह की जमीन का ऑनलाइन दाखिल खारिज हो जाएगा लेकिन सुदूर जिलों की बात छोड़िए राजधानी पटना में ही दाखिल खारिज के लिए लोग अंचलों का चक्कर लगा लगा कर थक गए हैं.

सरकार द्वारा निर्धारित अवधि 22 दिन है लेकिन लोग 4-4  सालों से चक्कर लगाकर अपने काम के लिए थक चुके हैं. दरअसल कई लोगों की मानें तो सरकारी बाबू अड़ंगा डाल कर उन्हें परेशान कर रहे हैं. जब यह कार्यालय आते हैं तब न तो सीओ साहब मिलते हैं और ना ही सीआई साहब, नतीजतन उनका काम पेंडिंग पड़ा हुआ है. राजधानी पटना में 59000 लोग ऐसे हैं जिनके दाखिल खारिज का काम पेंडिंग पड़ा हुआ है. बिहार सरकार दाखिल खारिज को लेकर भले ही नए नियम बना रही हो लेकिन पटना में ही कई ऐसे अंचल है जहां जमीन के मालिक निष्पादन के लिए चक्कर लगाने को मजबूर है लेकिन राजस्व कर्मचारी कोई न कोई बहाना बनाकर टाल मटोल करके चलता कर देते हैं.

पटना जिले के सभी अंचलों में कुल 59 हज़ार से अधिक मामले पेंडिंग है. केवल पटना सदर अंचल की बात कर ले तो यहां दाखिल खारिज के 9035 मामले पेंडिंग है और अंचलों का भी हाल काफी बुरा है. पटना के अन्य अंचलों में लंबित दाखिल खारिज के मामलों की बात करें तो पर फतुहा में 2502, नौबतपुर में 3563 पुनपुन में 3160, मसौढ़ी में 3095, धनरुआ में 2077, बिक्रम में 1237, दुल्हिनबाज़ार में 1662, पालीगंज में 2328, बाढ़ में 1736, बख्तियारपुर में 1331, खुसरूपुर में 1218, मोकामा में 773, अथमलगोला में 349, पंडारक में 1033, बेलछी में 671, घोसवरी में 235, दनियावां में 64, पटना सदर में 9035, फुलवारी में 4966, संपतचक में 3753, दानापुर में 5476, बिहटा में 4940, मनेर में 30456 केस पेंडिंग हैं.

सरकारी सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं साथ ही हजारों परिवार जमीन पर दखल लगान रसीद और भू स्वामित्व की प्रक्रिया से अनावश्यक परेशान हो रहे हैं. जमीन संबंधी मामलों का निपटारा होने में समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. जमीन का दाखिल खारिज नहीं होने से पीएम नरेंद्र मोदी का प्रोजेक्ट पीएम किसान योजना में से भी हजारों हजारों की संख्या में लोग वंचित हैं. दरअसल जिन के नाम से राजस्व रसीद कट रहा है उन्हीं को पीएम किसान योजना का पात्र भी माना जाता है. पटना के जिलाधिकारी डॉ चंदशेखर सिंह भी मानते हैं कि दाखिल खारिज को लेकर समस्या है लेकिन वह एक अभियान चलाकर इस मामले का निपटारा करने का दावा करते नजर आ रहे हैं.

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