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फ्लैश बैक: तो रास्ते में ही टपका दिए जाते मुख्तार अंसारी! जानें क्या था प्लान और कैसे होता काम तमाम

पंजाब के रोपड़ जेल से बहुबली व‍िधायक मुख्‍तार अंसारी को उत्‍तर प्रदेश की बांदा जेल में बुधवार सुबह श‍िफ्ट कर द‍िया गया.

पंजाब के रोपड़ जेल से बहुबली व‍िधायक मुख्‍तार अंसारी को उत्‍तर प्रदेश की बांदा जेल में बुधवार सुबह श‍िफ्ट कर द‍िया गया.

Bihar Crime: दावे के अनुसार इस योजना में सुनील पांडेय के अलावा उत्‍तर प्रदेश के एक और बाहुबली बृजेश सिंह का भी हाथ होने की बात सामने आई थी. लंबू शर्मा को दबोचने वाली दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया था कि वह मुख्तार अंसारी के कत्‍ल की साजिश का अहम हिस्सा था.

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पटना. पंजाब के रोपड़ जेल से  उत्‍तर प्रदेश के बांदा जेल में शिफ्ट किए जाने के दौरान बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के साथ अनहोनी हो जाने की आशंका से परिजन परेशान थे. सोशल मीडिया पर भी मंगलवार को लगातार ट्रेंड करता रहा कि कहीं यूपी पुलिस की गाड़ी न पलट जाए या फिर उनकी हत्‍या न हो जाए. हालांकि, वे सुरक्षित बांदा जेल पहुंच गए हैं पर रोपड़ से बांदा तक की यात्रा जिस तरीके से मीडिया के कैमरे की नजरों में रही, और इससे जुड़े कयासों के कारण साल 2015 की एक घटना की भी चर्चा होने लगी. दरअसल उस घटना के खुलासे में भी मुख्तार अंसारी को रास्ते में ही टपका (मर्डर) दिए जाने की साजिश की बात सामने आई थी.

दरअसल इस वाकये के तार बिहार के आरा कोर्ट में हुई उस वारदात से जुड़ते हैं जिसमें कोर्ट परिसर में मानव बम विस्फोट किया गया था. पूरा वाकया कुछ यूं था कि 23 जनवरी 2015 को सिविल कोर्ट परिसर के हाजत के पास बम विस्फोट हुआ था. विस्फोट में भोजपुर पुलिस का एक जवान अमित कुमार शहीद हो गया था और  20 लोग घायल भी हुए थे. कोर्ट में बम लेकर आई यूपी के बलिया की एक महिला नगीना देवी की मौत हो गई थी और बम विस्फोट के बाद जेल से पेशी के लिए लाए गए कुख्यात अपराधी लंबू शर्मा और अखिलेश उपाध्याय फरार हो गए थे.

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ऐसे हुआ साजिश का खुलासा!
दिल्ली पुलिस के दावे के अनुसार बिहार के भोजपुर जिले के पीरो से चुने गए बाहुबली विधायक नरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ सुनील पांडेय ने 50 लाख रुपये में एक अपराधी को मुख्‍तार की हत्‍या की सुपारी दी थी. इस साजिश को अंजाम देने के लिए बाकायदा एक और साजिश रच उस अपराधी को जेल से भगाया गया था. बाद में अपराधी की गिरफ्तारी के बाद यह राज खुला.

मानव बम की थी साजिश
दावे के अुसार सुनील पांडेय  मुख्‍तार अंसारी को अपने रास्‍ते से हटाना चाहते थे. पुलिस के मुताबिक मुख्तार अंसारी को जेल से कोर्ट ले जाते वक्‍त बम धमाके में मार देने की साजिश रचाी गई थी. इसके लिए आरा कोर्ट की ही तरह मानव बम का इस्‍तेमाल किया जाना था. इस पूरी साजिश में मुख्‍तार के एक करीबी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी, लेकिन साजिश नाकामयाब रही क्योंकि भागने के कुछ ही दिनों बाद लंबू शर्मा को दिल्‍ली पुलिस ने पकड़ लिया.

दिल्ली पुलिस का खुलासा
23 जून 2015 को लंबू शर्मा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया था कि लंबू शर्मा को जेल से भगाने में उसकी प्रेमिका नगीना को मानव बम बनाने की साजिश रची गई थी. दिल्ली पुलिस ने यह भी खुलासा किया था कि नगीना को धोखे में रखकर यह काम करवाया गया. उसे पता नहीं था कि उसका इस्‍तेमाल मानव बम की तरह किया जाएगा. बम के धमाके बीच मची अफरातफरी के माहौल में लंबू न्‍यायिक हिरासत से फरार हो गया, लेकिन फरारी जब लंबू शर्मा पकड़ाया तो बिहार, यूपी और दिल्‍ली पुलिस को उसके भागने  के पीछे की कहानी का पता चला.

साजिश के कई एंगल
दावे के अनुसार इस योजना में सुनील पांडेय के अलावा उत्‍तर प्रदेश के एक और बाहुबली बृजेश सिंह का भी हाथ होने की बात सामने आई थी. दिल्ली पुलिस के अनुसार लंबू को दबोचने वाली दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया था कि वह मुख्तार के कत्‍ल की साजिश का अहम हिस्सा था. इस पूरी साजिश में मुख्‍तार के एक करीबी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी. मुख्‍तार गैंग का सबसे बड़ा दुश्‍मन बृजेश सिंह पूरी साजिश को लीड कर रहा था.

विधायक ने किया इनकार
हालांकि साजिश में खुद पर लगे आरोपों से विधायक सुनील पांडेय ने ने हमेशा इनकार किया. कोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया जा सका. दूसरी ओर अगस्त 2019 में आरा कोर्ट बमकांड में मंगलवार को अदालत ने मुख्य आरोपित कुख्यात लंबू शर्मा को फांसी और सात अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने आरोपितों पर पांच-पांच हजार आर्थिक दंड भी लगाया.
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