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नालंदा जहरीली शराब कांड: जांच के लिए पहुंचे केके पाठक, झारखंड के रास्ते पहुंची थी स्प्रिट

नालंदा जहरीली शराब कांड: जांच के लिए पहुंचे केके पाठक, झारखंड के रास्ते पहुंची थी स्प्रिट

बिहार के नालंदा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राज्यव्यापी रेड की जा रही है

बिहार के नालंदा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राज्यव्यापी रेड की जा रही है

Nalanda Poisonous Liquor Death Case: बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा में जहरीली शराब से हुई मौत के बाद से बिहार की सियासत गरमाई हुई है और विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. जांच के दौरान पता चला है कि जिस स्प्रिट से जहरीली शराब बनाई गई थी वो झारखंड के रास्ते होकर नालंदा पहुंची थी.

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पटना. बिहार के नालंदा जिला स्थित सोहसराय में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की हुई मौत (Nalanda Poisonous Liquor Death Case) के मामले में जांच के बाद चौंकाने वाले खुलासे सामने आये हैं. मद्य निषेध विभाग की टीम ने जांच के दौरान यह पाया है कि जहरीली शराब में जिस स्प्रिट का उपयोग किया गया है वह झारखंड के रास्ते नालंदा पहुंची थी. बिहारशरीफ की छोटी पहाड़ी पर ही शराब बनाई गई थी. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की प्राथमिक जांच में अब तक यह बात सामने आई है.

विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक, उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने सोमवार को नालंदा का दौरा किया और डीएम-एसपी के साथ स्थल का निरीक्षण किया. मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों की मानें तो पुलिस की एक विशेष टीम इस मामले की जांच के लिए झारखंड जाएगी और मामले की जांच करेगी. नालन्दा में पूरे मामले की जांच के बाद पटना लौटे उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने बताया कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन के साथ डॉक्टरों और पीडि़त के परिजनों ने भी जहरीली शराब पीने की जानकारी दी है, ऐसे में मौत की वजह जहरीली शराब ही प्रतीत हो रहा है.

उत्पाद आयुक्त की मानें तो इस मामले में थानेदार पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं और उत्पाद विभाग के भी जो अधिकारी दोषी होंगे उन्हें भी नही बख्शा जाएगा. उनके विरुद्ध विभागीय कार्रर्वाई की जाएगी.  नालंदा के छोटी और बड़ी पहाड़ी इलाके में पहुंचे उत्पाद विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने नालन्दा के जिलाधिकारी और एसपी को अविलंब इलाके में अवैध ढंग से रह रहे लोगों को हटाने का निर्देश दिया. जांच में यह बात आई है कि अतिक्रमण की आड़ में यहां लंबे समय से अवैध शराब बनाई और बेची जा रही थी.

स्थानीय प्रशासन को ऐसे इलाकों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है. उत्पाद विभाग द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है उस अभियान के तहत केवल जनवरी माह के पहले 15 दिनों में पांच हजार लोगो को  गिरफ्तार किया गया हैं. पहले पखवारे में पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्रवाई में करीब डेढ़ लाख लीटर अवैध शराब जब्त की गई है. इस दौरान 598 वाहनों को भी जब्त किया गया है. पिछले एक सप्ताह में पुलिस ने 11 हजार जबकि उत्पाद विभाग द्वारा चार हजार से अधिक छापेमारी की गई है इसमें 311 लोगों को शराब की होम डिलीवरी मामले में गिरफ्तार किया गया है, साथ ही अभियोग के 1900 से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं.

Tags: Nalanda news, Poisonous liquor case

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