CM नीतीश के मित्र ने लिखा पत्र- ऐसा न हो कि आपका नाम इतिहास के काले अक्षरों में लिखा जाए

बिहार के पूर्व क़षि मंत्री नरेंद्र सिंह व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

बिहार के पूर्व क़षि मंत्री नरेंद्र सिंह व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

Bihar News: वर्ष 2014 से पहले नरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट का हिस्सा थे और उनके करीबी मंत्रियों में से एक माने जाते थे. उनके बेटे सुमित सिंह वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं.

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  • Last Updated: April 15, 2021, 9:34 AM IST
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पटना. बिहार के कई जिलों में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. खास तौर पर राजधानी पटना में जिस गति से कोरोना संक्रमितों के आंकड़े बढ़े हैं वो काफी भयावह हैं. आलम यह है कि यहां के श्मशान घाटों पर चिता की आग ठंडी नहीं हो रही है. शव जलाने वालों की भी कतार लगने लगी है. मरीजों की संख्या में वृद्धि के साथ ही सरकार की व्यवस्था की खामियां भी अब लगातार सामने आ रही हैं. प्रवासी मजदूरों का बिहार आने का तांता लगा हुआ है. महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से लौट रहे लोगों में से सैकड़ों की संख्या में कोरोना संक्रमित भी बिहार पहुंच रहे हैं.

ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने बड़ी चुनौती ये है कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण कर सूबे की अर्थव्यवस्था को भी कैसे सुचारू रखी जाए. इन सब चुनौतियों के बीच सीएम नीतीश के पुराने मित्र व बिहार के पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने उन्हें पत्र लिखा है जो काफी चर्चा में है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि नीतीश जी कहीं ऐसा न हो कि आपका नाम इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाए.

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नरेंद्र सिंह ने अपने पत्र में लिखा, बिहार में कोरोना के बढ़ते हालात से आप अवगत हैं. पूरा बिहार इस महामारी की चपेट में है. उचित उपचार के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं. मैं यह पत्र आपकी आलोचना के लिए नहीं बल्कि कोरोना नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने का अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं. नीतीश जी कहीं ऐसा न हो कि कोरोना को लेकर जब इतिहास लिखा जाए तो आपका नाम काले अक्षरों में लिखा जाए, क्योंकि बिहार में कोरोना को लेकर सरकार जो काम कर रही है वह नाकाफी है.

नरेंद्र सिंह ने सीएम नीतीश को कुछ सुझाव भी दिए हैं. इसके तहत उन्होंने पटना के कंकड़बाग में बना जयप्रभा मेदांता अस्पताल को पूरी तरह से कोरोना पीड़ितों को समर्पित कर दिए जाने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने सीएम से आग्रह किया है कि बिहार में जितने भी बड़े निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं वहां भी कोरोना मरीजों के लिए बेड इंतजाम करने का आदेश दिया जाए और इसका सारा खर्च राज्य सरकार वहन करे. नरेंद्र सिंह ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार कोरोना मरीजों के इलाज में आने वाले खर्च की दर तय करे, जिससे निजी अस्पताल मनमानी कीमत न वसूल पाएं.

बता दें कि वर्ष 2014 से पहले नरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट का हिस्सा थे और उनके करीबी मंत्रियों में से एक माने जाते थे. इतना ही नहीं नरेंद्र सिंह के बेटे सुमित सिंह जमुई से निर्दलीय विधायक चुने गए थे और वर्तमान में बिहार सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री का कार्यभार संभाल रहे हैं.
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