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बिहार: NDA सरकार में बनेगा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम, नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट्स को भी मिलेगी जगह

बिहार के सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद (फाइल फोटो)
बिहार के सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद (फाइल फोटो)

Nitish Government Common Minimum Program: बिहार की नई सरकार के लिए बनाए जाने वाले इस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में सात निश्चय पार्ट-2 जैसी योजनाओं के अलावा BJP और एनडीए के घटक दलों के वादों को भी शामिल किया गया है.

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पटना. बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही एनडीए (NDA) के सभी घटक दलों को मिलाकर एक कॉमन मिनिमम प्रोगाम (Common Minimum Program) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके तहत बीजेपी, जेडीयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और वीआईपी के शीर्ष नेतृत्व आपस में बैठकर कॉमन मिनिमम प्रोगाम पर चर्चा करेंगे. माना जा रहा है कि अगले 5 साल में विकास के उन सभी कामों की प्रमुखता दी जाएगी, जो एनडीए के घटक दलों ने जनता से वादा किया है. इसके तहत सभी चारों घटक दलों के घोषणापत्र को किए गए वादों को शामिल किया जाएगा और विकास कार्य को जोर शोर से शुरू किया जाएगा.

सरकार में होने वाले नए कैबिनेट विस्तार को लेकर के भी आपस में बैठकर तय करने की रणनीति बनी है. माना जा रहा है कि एनडीए के चारों घटक दल आपस में मिलकर नए कैबिनेट विस्तार में मंत्रिमंडल का बंटवारा करेंगे ताकि साथियों के बीच आपसी तालमेल बना रहे और विकास के कारण ज्यादा से ज्यादा हो सके.

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर सियासत शुरू
एनडीए में बनने वाले कॉमन मिनमम प्रोग्राम को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. जेडीयू नेता संजय सिंह ने दावा करते हुए कहा कि सभी दलों के नेता आपस में बैठकर जहां विकास कार्य की नई रणनीति बनाएंगे और विकास का नया इतिहास रचा जाएगा तो गठबंधन ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. कांग्रेस नेता राजेश राठौर ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि दरअसल यह बीजेपी के नीतियों को लागू करने की कोशिश है. नीतीश कुमार अब तक स्वतंत्र होकर अपना एजेंडा चलाते रहे हैं पर अब वह बीजेपी के नीतियों को लागू करने के लिए मजबूर हैं.
आरजेडी बोला


आरजेडी नेता सुबोध राय ने कहा पिछले 15 सालों में जब साथ मिलकर विकास कार्य नहीं कर पाए भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा तो नए बनने वाले का नाम कॉमन मिनिमम प्रोगाम से क्या होगा. राज्यपाल के भाषण में भी विकास की कोई खास रूपरेखा नहीं रखी गई. वैसे काम जिसपर एनडीए की प्रमुखता होगी. चुनाव के दौरान बीजेपी, जेडीयू, हम और वीआईपी ने घोषणा पत्र के जरिए जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे जिसे पूरा करना नई सरकार की चुनौती होगी.

ये हैं कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के मुख्य बिंदु
कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के संभावित एजेंडों में सात निश्चय-2 पर मजबूती से काम करने के अलावा हर खेत तक पानी पहुंचाना शामिल है.
हर जिले में मेगा स्किल सेंटर खोलना, युवाओं को रोजगार के लिए नई तकनीकी शिक्षा देना, इंटर पास करने पर महिलाओं को 25 हजार, स्नातक पास करने पर सभी महिलाओं को 50 हजार की सहायता देना.
सभी गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाना, बेघर और भूमिहीन लोगों के लिए बहुमंजिला इमारत बनाना और सभी जिलों में वृद्धाश्रम की व्यवस्था.
यातायात की सुविधा के लिए सभी शहरों में बाईपास बनाना, हर गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना और बीजेपी के आत्मनिर्भर बिहार को पूरा करना.
हर बिहारवासी को कोरोना वैक्सीन का निशुल्क टीका, मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य तकनीकी शिक्षा को हिन्दी भाषा में उपलब्ध कराना.
एक साल में पूरे प्रदेश में 3 लाख नए शिक्षकों की भर्ती, नेक्स्ट जेनरेशन आईटी हब में पांच साल में पांच लाख रोजगार, एक करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, एक लाख लोगों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी देना.
2024 तक दरभंगा एम्स शुरू करना, धान और गेहूं के बाद दलहन की खरीद MSP दर पर 30 लाख लोगों को 2022 तक पक्का मकान का वादा भी है.
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