News 18 E एजेंडा बिहार: राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त, न कोई दुश्मन- जीतन राम मांझी

न्यूज 18 के एजेंडा में जीतन राम मांझी और अन्य
न्यूज 18 के एजेंडा में जीतन राम मांझी और अन्य

कांग्रेस एमएलसी प्रेम चंद्र मिश्र (Premchandra Mishra) ने जेडीयू की अवसरवादिता के सवाल पर कहा कि लालू के साथ रहना कांग्रेस की वैचारिक प्रतिबद्धता है. जेडीयू का गठबंधन ठीक, लेकिन हमारा गठबंधन मजबूरी, ये कैसी बात है.

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पटना. बिहार विधानसभा के चुनाव (Bihar Assembly Elections) की घोषणा का इंतजार हो रहा है. सभी पॉलिटिकल पार्टियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है. इसी कड़ी में देश के सबसे बड़े न्यूज़ नेटवर्क न्यूज़ 18 की ओर से भी चुनावी चर्चा के तहत एजेंडा बिहार कार्यक्रम का आयोजन किया. पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हुए इस कार्यक्रम में बिहार के सत्ता और विपक्ष के नेता अपनी राय रखी.  न्यूज 18 से बात करते  हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी(Jitan ram Manjhi), कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्र (Congress MLC Premchandra Mishra) और जेडीयू नेता अजय आलोक (JDU leader Ajay Alok) ने अपनी बात रखी. इस दौरान मांझी ने महागठबंधन में बिखराव की खबरों पर कहा कि राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त, न कोई स्थायी दुश्मन. एनडीए में जाने की खबरें फिलहाल अटकलें हैं.

जीतन राम मांझी ने कहा कि बात सम्मान और अपमान की नहीं. लोग किसी भी पार्टी के हों निर्णय सामूहिक तौर पर लेना चाहिए. मेरी मांग समन्वय समिति बनाने की है. मेरी मांगों से इतर कहा जा रहा है कि जिसे रहना है वो रहे जिसे जाना है वो जाए. हालांकि मेरे लिए लालू फिलहाल मजबूरी हैं. आने वाले समय में जो भी स्थिति आए लेकिन न्यूट्रल लोगों को सच बोलने से कोई दिक्कत नहीं. बिहार में अगर महागठबंधन की चीजें सही हो जाएं तो काफी हद तक स्थिति बदल सकती है. लालू प्रसाद मेरी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं. मैंने चार बार अल्टीमेटम दिया है.

वहीं कांग्रेस एमएलसी प्रेम चंद्र मिश्र ने जेडीयू को जवाब देते हुए  जीतन राम मांझी को भी निशाने पर लिया. कांग्रेस ने जेडीयू की अवसरवादिता के सवाल पर कहा कि लालू के साथ रहना कांग्रेस की वैचारिक प्रतिबद्धता है. जेडीयू का गठबंधन ठीक, लेकिन हमारा गठबंधन मजबूरी, ये कैसी बात है.  वहीं मांझी को सलाह देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि राजद के पास ताकत है तो उसे मानना चाहिए. इस पर जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा कि जिस राजद ने कांग्रेस पर संगीन आरोप लगाए उन्हीं के साथ कांग्रेस खड़ी है.



अजय आलोक ने कहा कि नीतीश कुमार लालू के पास नहीं गए थे बल्कि लालू ने उनको फोन किया था. अवसरवादिता के कारण कुछ लोग आवाजाही करते हैं. उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में लोगों ने दिखा दिया है कि लोग किसे पसंद करते हैं और क्यों कर रहे हैं. बिहार में कांग्रेस दूसरे के सहारे ही वजूद में है.
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