News 18 का 'E एजेंडा बिहार': कुशवाहा-पप्पू ने पलायन पर CM नीतीश को घेरा, JDU ने कही ये बात

 News 18 'E एजेंडा बिहार में अपनी बात रखते हुए पप्पू यादव, नीरज कुमार व उपेंद्र कुशवाहा.
News 18 'E एजेंडा बिहार में अपनी बात रखते हुए पप्पू यादव, नीरज कुमार व उपेंद्र कुशवाहा.

उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर नीतीश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिहार के लोगों से किया झूठा वादा किया गया.

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  • Last Updated: June 25, 2020, 12:48 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा के चुनाव (Bihar Assembly Elections) में अब चंद महीने ही शेष हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस कड़ी में देश के सबसे बड़े न्यूज़ नेटवर्क न्यूज़ 18 की ओर से भी चुनावी चर्चा के तहत एजेंडा बिहार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हो रहे इस कार्यक्रम में बिहार के सत्ता और विपक्ष के नेता अपनी राय रख रहे हैं. इसी क्रम में सत्र चार में न्यूज 18 से बात करते पूर्व केंद्रीय मंत्री व आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, (Upendra Kushwaha) बिहार सरकार में मंत्री व जेडीयू नेता  नीरज कुमार सिंह (Neeraj Kumaar singh) और जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव (Pappu Yadav) उर्फ राजेश रंजन मे अपनी बात रखी.

उपेंद्र कुशवाहा ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर नीतीश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि पलायन को लेकर नीतीश सरकार ने बिहार के लोगों से किया झूठा वादा. पलायन की ताजा तस्वीर सच्चाई बयां कर रही है. बिहार में पलायन फिर से शुरू होने कारण मरता क्या नहीं करता है. विपक्ष बेरोजगार नहीं लेकिन लोगों को बहलाने की कोशिश हो रही है. विपक्ष के लोगों से ज्यादा बिहार के लोगों को रोजगार की जरूरत है. कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार 12 सालों तक लोगों से वादा करते रहे, दावा करते रहे लेकिन 15 साल तक मौका मिलने पर भी काम नहीं किया. बिहार उनके द्वारा किए गए वादों में बिहार पीछे हो गया है.

वहीं, जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि झारखंड से बंटवारे के बाद बिहार में सिर्फ नदियां बची. बिहार में डेनमार्क से अधिक दूध है, लेकिन एक भी दूध से रिलेटेड फैक्ट्री नहीं. रोजगार के मामले में सबसे पिछड़ा है बिहार. 75 फीसदी से अधिक लोग खेती पर निर्भर हैं. 12वीं जाते-जाते बिहार के अधिकांश लोग पढ़ाई छोड़ देते हैं. नीतीश कुमार पलायन रोकने के दावे में फेल रहे हैं. लाख कोशिशों के बाद भी पलायन जारी है.




वहीं, बिहार सरकार में मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि मानव विकास सूचकांक में विकास दर में बिहार का दर बरकरार है. बिहार के गांव विकास के परिचायक हैं. बिहार में स्किल मैपिंग की गई है. जनसंख्या घनत्व के कारण परेशानी है लेकिन फिर भी हम बेहतर कर रहे. पलायन विश्लेषण का विषय है. जिन गांवों में नरसंहार हुआ था वहां 15 साल पहले और अभी की स्थिति देखने लायक है.  नीतीश कुमार के कारण ही घर लौट सके हैं प्रवासी मजदूर. बिहार सरकार नहीं देती राशि तो पलायित लोगों की घर वापसी मुश्किल थी.


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