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Nirbhaya Case: तलाक की अर्जी का तिकड़म भी नहीं बचा पाया गुनहगार अक्षय को
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News18 Bihar
Updated: March 20, 2020, 9:17 AM IST
Nirbhaya Case: तलाक की अर्जी का तिकड़म भी नहीं बचा पाया गुनहगार अक्षय को
अक्षय ठाकुर की पत्नी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी.

चारो दोषियों में एक बिहार के औरंगाबाद जिले का अक्षय ठाकुर भी था. फांसी की तारीख से दो दिन पहले ही उसने अक्षय की पत्नी पुनीता सिंह ने जिले के फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी, जिसे उसे बचाने के हथकंडे के रूप में देखा गया था.

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पटना. निर्भया सामूहिक बलात्कार केस (Nirbhaya gang rape case) के चार दोषियों- मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31)  को शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटका दिया गया. हालांकि सूत्रों के मुताबिक मरने से चंद लम्हे पहले तक ये सभी फांसी से बचने के तिकड़म करते रहे. मरने से पहले वे चारो गिड़गिड़ाते रहे, माफी मांगते हुए जमीन पर भी लेट गए थे. हालांकि जल्लाद ने इनकी एक नहीं सुनी और इन्हें इनके अंजाम तक पहुंचा दिया.

पत्नी ने दाखिल की थी तलाक की अर्जी
इन चारो दोषियों में एक बिहार के औरंगाबाद जिले का अक्षय ठाकुर भी था. फांसी की तारीख से दो दिन पहले ही उसने अक्षय की पत्नी पुनीता सिंह ने जिले के फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी, जिसे उसे बचाने के हथकंडे के रूप में देखा गया था.

फांसी टालने की थी एक चाल!



पुनीता देवी ने कहा था कि मैं बलात्कारी की विधवा की पहचान के साथ जीना नहीं चाहती. गुरुवार को दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर उऩ्होंने कहा, मैं भी न्याय चाहती हूं. मुझे भी मार दो. मैं जीना नहीं चाहती. मेरा पति निर्दोष है.



पटियाला हाउस कोर्ट तक पहुंची थी पत्नी
अपने आठ साल के बच्चे के साथ आई अक्षय की पत्नी ने जज से कहा कि मुझे न्याय नहीं मिल रहा. उन्होंने कहा, मुझे और मेरे बेटे को भी फांसी दे दो. हम कैसे जी पाएंगे? मैं भी न्याय चाहती हूं. मेरे और मेरे बेटे के बारे में तो सोचिए. इसपर जज ने कहा, यहां निर्भया की मां भी मौजूद हैं. आप उनसे अपनी बात कहिए.

वारदात के 5 दिन बाद पकड़ा गया था अक्षय
गुनहगार अक्षय ठाकुर बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड के टंडवा थाना क्षेत्र में गांव लहंग-कर्मा का रहने वाला था. दोषी अक्षय अपनी पढ़ाई छोड़कर दिल्ली भाग गया था. उसे वारदात के पांच दिन बाद उसके गांव से पकड़ा गया था.

मुख्य आरोपी राम सिंह से थी दोस्ती
यह उस राम सिंह का दोस्त था जो इस पूरे कांड का मुख्य आरोपी था. राम सिंह ने गैंगरेप के बाद निर्भया को लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा था. मार्च 2013 में खुदखुशी कर ली थी. अक्षय पर बलात्कार, हत्या और अपहरण के साथ ही घटना के बाद सुबूत मिटाने की कोशिश करने का भी आरोप था.

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First published: March 20, 2020, 9:17 AM IST
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