बिहार मंत्रिमंडल विस्तार- जानें नीतीश कैबिनेट में शामिल होने की रेस में JDU के कौन से चेहरे हैं आगे ?

सूत्रों के मुताबिक बहुत जल्द ही बिहार में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी (फाइल फोटो)

सूत्रों के मुताबिक बहुत जल्द ही बिहार में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी (फाइल फोटो)

Nitish Cabinet Expansion: बिहार में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल का विस्तार प्रतीक्षा में है और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कई पुराने चेहरों को भी नीतीश कुमार इस बार अपनी मंत्रिमंडल में फिर से शामिल करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 11:41 AM IST
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पटना. बिहार में जारी सियासी सरगर्मी के बीच नीतीश मंत्रिमंडल (Nitish Cabinet Expansion) का विस्तार कभी भी हो सकता है. इस ख़बर के बाद सियासी हलके में सम्भावित मंत्रियों के नाम की चर्चा तेज हो गई है. JDU के सूत्रों से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक़ JDU कोटा के मंत्रियों के जो सम्भावित नाम है उसमें जातीय समीकरण और क्षेत्र का खास ख्याल रखा गया है. यही कारण है कि सभी कोटे से कई चेहरों के नाम मंत्री की रेस में चल रहे हैं. मंत्री की कुर्सी की इस रेस में पिछली सरकार के भी मंत्री शामिल हैं.

अति पिछड़ा कोटा- इस कोटे से बिहार की नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री मदन सहनी रेस में सबसे आगे हैं. ख़बर है कि मुकेश सहनी के काट के तौर पर भी उन्हें मौक़ा मिल सकता है लेकिन MLC भीष्म सहनी भी रेस में बने हुए हैं जो नीतीश कुमार के नजदीकी मानें जाते हैं.

दलित कोटा — नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में दलित मंत्री के तौर पर दो नाम सबसे आगे हैं. इनमें पूर्व DG और गोपालगंज जिला से आने वाले साफ सुथरे छवि के सुनील कुमार और पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी जो नीतीश कुमार के मुखर मंत्री के रूप में जाने जाते हैं का नाम आगे हैं.

कुर्मी और कुशवाहा कोटा —- नीतीश कुमार के खास माने जाने वाले और बिहार विधान सभा में संसदीय कार्य पर गहरी पकड़ रखने वाले पूर्व मंत्री श्रवण कुमार रेस में कुर्मी कोटा से सबसे आगे हैं. वहीं कुशवाहा कोटा से युवा नेता और बांका से JDU के जयंत राज कुशवाहा सबसे आगे हैं. वो युवा हैं और फ़िलहाल JDU के राजनीति में लव कुश समीकरण में फ़िट बैठते है. इसके अलावा बिहारीगंज से जीत कर आने वाले वरिष्ठ नेता निरंजन मेहता भी कुशवाहा कोटा से रेस में आगे चल रहे हैं.
राजपूत कोटा — राजपूत कोटा में पूर्णिया से आने वाली और JDU की मुखर महिला राजपूत नेत्री लेसी सिंह सबसे आगे हैं. चर्चा निर्दलीय विधायक और पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के बेटे सुमित सिंह की भी है लेकिन उनके साथ एक मुश्किल आ रही है की वो आधिकारिक रूप से JDU में शामिल नहीं हैं. हां पार्टी को समर्थन जरूर दे रहे हैं लेकिन नीतीश कुमार ने उन्हें भी आश्वासन दिया है मंत्री बनाने को. इस रेस में वल्मिकी नगर से दूसरी बार चुनाव जीत कर आने वाले रिंकु सिंह भी बहुत पीछे नहीं है क्योंकि चंपारण इलाके से जीत कर आने वाले वो गिने-चुने विधायकों में से एक हैं.

मुस्लिम कोटा — नीतीश कुमार के पार्टी से एक भी मुस्लिम विधायक जीत कर नहीं आए हैं लेकिन इसी बीच BSP के एक मात्र विधायक जमा खान JDU में शामिल हो गए हैं और मुस्लिम कोटा से मंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं. इस रेस में एक नाम MLC ग़ुलाम गौस का भी चल रहा है जो पसमांदा समाज से आते है और काफ़ी वरिष्ठ नेता भी हैं.

इन चेहरों के अलावा बिहार के पूर्व मंत्री और नीतीश कुमार के बेहद नज़दीकी माने जाने वाले संजय झा भी मंत्री बनने की रेस में हैं. ऐसे में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में इन संभावित चेहरों में से किसे जगह मिलती है, ये देखना रोचक होगा.

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