नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, कोरोना से हुई मौत तो रिटायरमेंट तक परिवार को मिलेगी पेंशन
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नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, कोरोना से हुई मौत तो रिटायरमेंट तक परिवार को मिलेगी पेंशन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

बिहार में कोरोना काल में ड्यूटी से गायब रहने वाले 8 सरकारी डॉक्टरों पर नीतीश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने 8 डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है.

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पटना. बिहार में नीतीश सरकार (Nitish Government) कोरोना से मौत पर सरकारी सेवकों को पारिवारिक पेंशन (Pension) देगी. इस बात की मुहर नीतीश कैबिनेट की बैठक में लगी. कोरोना काल (Corona Warrior) में काफी समय बाद शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने केबिनेट की बैठक बुलाई. वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा हुई इस बैठक में 18 एजेंडों पर मुहर लगी. इस बैठक में नीतीश सरकार ने कोरोना महामारी के दौर में कई अहम फैसले लिए जिनमे कोरोना के कारण मौत होने पर सरकारी सेवकों को पारिवारिक पेंशन की घोषणा के साथ ही सेवा से गायब रहने वाले 8 चिकित्सा पदाधिकारी की बर्खास्तगी का मामला भी अहम रहा.

कोरोना से मौत पर मिलेगा पारिवारिक पेंशन

कोरोना काल में नीतीश सरकार ने सरकारी सेवकों के लिए बड़ा फैसला किया है. सरकारी सेवकों को विशेष पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाएगा. कोरोना संक्रमण से अगर किसी सरकारी कर्मी की मौत होती है तो उसे विशेष से पारिवारिक पेंशन दिया जाएगा. साल 2004 के बाद सेवा में आने वालों के लिए सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है.



ये 8 चिकित्सा पदाधिकारी सेवा से किए गए बर्खास्त
कोरोना काल में ड्यूटी से गायब रहने वाले 8 सरकारी डॉक्टरों पर नीतीश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने 8 डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. इनकी बर्खास्तगी के प्रस्ताव पर नीतीश कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. सेवा में लापरवाही के आरोप में जिन डॉक्टरों को बर्खास्त किया गया है उनमें सीतामढ़ी सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉ संजीव कुमार, वायसी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा पदाधिकारी के तौर पर तैनात डॉ शाहिना तनवीर, सीतामढ़ी के डुमरा पीएचसी में चिकित्सा के तौर पर तैनात डॉ साधना कुमारी, छपरा सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉ कामेश्वर नारायण दुबे, कटिहार स्थित कुष्ठ नियंत्रण इकाई में चिकित्सा पदाधिकारी के तौर पर तैनात डॉ अजीत कुमार सिन्हा, सारण के तरैया स्थित रेफरल हॉस्पिटल में चिकित्सा पदाधिकारी के तौर पर तैनात डॉ अशोक कुमार, सीतामढ़ी के नानपुर माली बाजार स्थित पीएचसी में तैनात डॉ वेणु झा, कैमूर के रामपुर स्थित पीएचसी में तैनात डॉ प्रीति शर्मा शामिल हैं. इन सभी को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का दोषी पाते हुए बर्खास्त किया गया है.

इन एजेंडो पर भी लगी मुहर

केबिनेट की बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है. सरकार ने प्रथम अनुपूरक बजट के तौर पर ढाई सौ करोड़ रुपए के अतिरिक्त व्यय को मंजूरी दी है. 3 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सरकार इसे पेश करेगी. इसके अलावा सरकार होमगार्ड नियमावली में संशोधन करने जा रही है. इससे संबंधित प्रस्ताव पर भी आज कैबिनेट ने मुहर लगाई है. श्रम संसाधन विभाग के तहत कर्मचारी राज्य बीमा योजना का लाभ नर्स को दिए जाने के संबंध में भी स्वीकृति दी गई है. सरकार ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को भर्ती, प्रोन्नति और सेवा शर्त संसोधन नियमावली के तहत सुविधा देने का फैसला किया है. सरकार ने निलंबित चल रहे मद्य निषेध विभाग के अवर निबंधक को बर्खास्त करने का फैसला किया है, इसके अलावा राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है.
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