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...तो क्या किसानों के साथ 'छल' कर रही नीतीश सरकार? बिहार में केवल 5 प्रतिशत हो सकी धान की खरीद

...तो क्या किसानों के साथ 'छल' कर रही नीतीश सरकार? बिहार में केवल 5 प्रतिशत हो सकी धान की खरीद

बिहार में धान खरीद की रफ्तार बेहद सुस्त

बिहार में धान खरीद की रफ्तार बेहद सुस्त

Bihar News: सरकारी एजेंसियों की ओर से कहा गया है कि इसी महीने की 31 तारीख तक ही खरीद होगी. ऐसे में स्थिति यह है कि दक्षिण बिहार में अभी कटनी ही चल रही है. इस साल राज्य में पहली बार तीन चरणों धान की खरीद शुरू हुई. सरकार का यह प्रयोग बहुत सफल होता नहीं दिख रहा है. एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच जो अतिरिक्त समय सरकार ने दिया उसमें बीस हजार टन धान की खरीद नहीं हो सकी.

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    पटना. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार की एनडीए सरकार किसानों के हित को लेकर तमाम दावे करती है, लेकिन इन दावों के बीच सच्चाई यह है कि बिहार में समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है. बताया जा रहा है कि इसमें सरकारी अधिकारियों की मनमानी सामने आ रही है जिस कारण किसानों को स्थानीय महाजनों से ही औने-पौने मूल्य लेकर ही अपने धान बेचने पड़ रहे हैं. कारण धानों में तय मानक से अधिक नमी की बात कहकर धान खरीदने से सरकारी एजेंसियां इनकार कर दे रही हैं. एक तो मौसम की मार, दूसरा अगली फसल लगाने का दबाव और तीसरा सरकारी एजेंसियों की इस बेरुखी के कारण किसानों के सामने विकल्पहीनता की स्थिति बन जा रही है. ऐसे में स्थानीय महाजनों की बल्ले-बल्ले हो रही है.

    बता दें कि खरीद की शुरुआत एक नवम्बर से हुई है और इसी साल 31 दिसंबर तक खरीद होनी है. सरकार ने 45 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है. लेकिन, पूरे प्रदेश में केवल अब तक दो लाख टन धान की भी खरीद नहीं हो सकी है. यानी खरीद लक्ष्य का पांच प्रतिशत भी आंकड़ा नहीं हासिल नहीं हो सका है. राज्य में अब तक 6976 एजेंसियों ने धान की खरीद शुरू की है. इन एजेंसियों में सबसे अधिक खरीद सुपौल जिले में 18 हजार टन हो सकी है.

    इस जिले में खरीद पहले चरण यानी एक नवंबर से शुरू है. लेकिन सरकारी आंकड़ों के हवाले से एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट के अनुसार मुंगेर में मात्र तीन टन की खरीद हुई है. लखीसराय में मात्र दो सौ टन धान की खरीद हुई है. सबसे खास तो यह कि लगभग आधा दर्जन जिले तो ऐसे हैं जहां खरीद नाम मात्र की हुई है. हैरान करने वाला आंकड़ा यह भी है कि अब तक समर्थन मूल्य का लाभ पाने वाले किसानों की संख्या भी मात्र 27 हजार ही है.

    सरकारी एजेंसियों की ओर से कहा गया है कि इसी महीने की 31 तारीख तक ही खरीद होगी. ऐसे में स्थिति यह है कि दक्षिण बिहार में अभी कटनी ही चल रही है. इस साल राज्य में पहली बार तीन चरणों धान की खरीद शुरू हुई. सरकार का यह प्रयोग बहुत सफल होता नहीं दिख रहा है. एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच जो अतिरिक्त समय सरकार ने दिया उसमें बीस हजार टन धान की खरीद नहीं हो सकी. मिली जानकारी के अनुसार 15 नवंबर से राज्य के सभी जिलों में खरीद शुरू हुई. उसके बाद आंकड़ा थोड़ा बढ़ा, लेकिन अभी अधिसंख्य जिलों में धान तैयार होने में समय लगेगा. इसका मुख्य कारण धान में नमी की अधिक मात्रा का होना है.

    बता दें कि अभी सरकार 17 प्रतिशत नमी वाला धान ही खरीदती है. बिहार में दिसंबर तक धान में नमी 20 प्रतिशत से कम नहीं होती है. ऐसे में किसानों को बहुत नुकसान होता है. ऐसी स्थिति में किसानों का कहना है कि ऐसे में धान खरीद का नया प्रयोग तभी सफल हो सकेगा जब खेती का समय बदला जाए. उसके बाद भी सरकार को नमी की मात्रा बढ़ानी पड़ेगी.

    Tags: Bihar News, CM Nitish Kumar, Farmer, Kisan, Nitish Government, Paddy crop, Paddy Harvesting, Patna News Update, Pm Kisaan Samman Nidhi Yojana

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