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बिहार में मोटी कमाई का मौका! शुरू करेंगे यह काम तो सरकार देगी 3 लाख का अनुदान

बिहार में मोटी कमाई का मौका! शुरू करेंगे यह काम तो सरकार देगी 3 लाख का अनुदान

नीतीश सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन दे रही है.

नीतीश सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन दे रही है.

Self Employment Opportunities in Bihar: यह योजना सिर्फ उन्हीं प्रखंडों में मान्य होगी जहां पेट्रोल पंप व सर्विस सेंटर के अतिरिक्त एक भी मोटरवाहन प्रदूषण जांच केंद्र नहीं है. इसका नाम प्रदूषण जांच केंद्र प्रोत्साहन योजना रखा गया है. योजना की स्वीकृति के बाद परिवहन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. इससे ग्रामीण इलाकों में भी गाडियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित तो किया ही जाएगा, साथ ही प्रखंड स्तर पर रोजगार का भी सृजन हो सकेगा.

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    पटना. बिहार सरकार लगातार प्रदेश में रोजगार के अवसर पैदा करने की जुगत में लगी है. इसी क्रम में कई जिलों में रोजगार मेले का भी आयोजन किया गया है. इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत युवाओं को रोजगार का मौका भी उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रही है. युवा उद्यमी योजना के तहत जहां 10 लाख तक का ऋण देने की कवायद जारी है. इसी तरह बिहार के सभी प्रखंडों में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का अवसर देकर रोजगार का मौका दे रही है. वाहन प्रदूषण केंद्रों की स्थापना के लिए राज्य सरकार अधिकतम 50 प्रतिशत या तीन लाख रुपये का अनुदान भी देगी.

    मिली जानकारी के अनुसार यह योजना सिर्फ उन्हीं प्रखंडों में मान्य होगी जहां पेट्रोल पंप व सर्विस सेंटर के अतिरिक्त एक भी मोटरवाहन प्रदूषण जांच केंद्र नहीं है. इसका नाम प्रदूषण जांच केंद्र प्रोत्साहन योजना रखा गया है. योजना की स्वीकृति के बाद परिवहन विभाग ने इसकी अधिसूचना करीब एक महीने पहले ही जारी कर दी है. इससे ग्रामीण इलाकों में भी गाडियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित तो किया ही जाएगा, साथ ही प्रखंड स्तर पर रोजगार का भी सृजन हो सकेगा.

    मिली जानकारी के अनुसार प्रोत्साहन राशि से प्रदूषण जांच केंद्र के लिए स्मोक मीटर, गैस एनलाइजर, डेस्कटाप, प्रिंटर आदि की खरीद की जाएगी. प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना के लिए जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन करना होगा. इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर विज्ञापन का प्रकाशन होगा. योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा, जो प्रदूषण जांच केंद्र विहीन प्रखंड के स्थायी निवासी होंगे. इसके साथ ही आवेदक मोटरवाहनों के रखरखाव एवं उसकी सर्विसिंग का व्यवसाय करता हो या मोटरवाहन से संबंधित किसी ट्रेड में आइटीआइ हो.

    प्रोत्साहन राशि का भुगतान सड़क सुरक्षा निधि से किया जाएगा. बता दें कि राज्य में 534 प्रखंड हैं. इनमें 387 प्रखंडों में एक हजार से अधिक प्रदूषण केंद्र चल रहे हैं. अब भी 140 से अधिक प्रखंड ऐसे हैं, जहां प्रदूषण जांच की सुविधा नहीं है. परिवहन विभाग का लक्ष्य योजना की मदद से एक साल के अंदर एक हजार और प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का है. विभाग की इस योजना से लोगों को रोजगार मिल सकेगा.

    Tags: Bihar Government, Bihar News, Employment, Employment News, Nitish Government, Patna News Update, Pollution, Unemployment

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