आंदोलन के बीच बिहार में किसानों के लिए बड़ा ऐलान, नीतीश सरकार ने बढ़ाई धान अधिप्राप्ति की सीमा

नीतीश सरकार ने किसानों से धान अधिप्राप्ति की सीमा बढ़ा दी है.

बिहार में पहले रैयत किसानों (Farmers) से 200 क्विंटल तक धान (Paddy) खरीदा जाता था, अब इसे बढ़ाकर 250 क्विंटल कर दिया गया है. जबकि गैर रैयत किसानों से धान खरीदारी की सीमा 75 क्विंटल से बढ़ाकर 100 क्विंटल कर दी गयी है.

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पटना. देशभर में चल रहे किसान आंदोलन (Farmer Agitation) के बीच बिहार में धान अधिप्राप्ति को लेकर सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने महत्वपूर्ण घोषणा की है. सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों के साथ धान अधिप्राप्ति पर समीक्षा बैठक करते हुए कई दिशा-निर्देश दिए. नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक करते हुए किसानों से लिये जाने वाले धान की सीमा बढ़ाने की घोषणा की है. पहले राज्य में रैयत किसानों से जहां 200 क्विंटल तक धान लिया जा सकता था, अब इसे बढ़ाकर 250 क्विंटल कर दिया गया है. जबकि गैर रैयत किसानों से धान अधिप्राप्ति की सीमा 75 क्विंटल से बढ़ाकर 100 क्विंटल कर दी गयी है. इस घोषणा के बाद किसानों को बड़ी राहत मिल पाएगी.

सहकारिता विभाग में अलग से निबंधन की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसानों से धान अधिप्राप्ति को और आसान बनाते हुए सहकारिता विभाग में अलग से निबंधन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. नीतीश कुमार ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जिन किसानों का कृषि विभाग में निबंधन है, उन्हें स्वतः निबंधित मानकर धान अधिप्राप्ति के लिए योग्य समझा जाये.



धान अधिप्राप्ति की न्यूनतम लक्ष्य 45 लाख मीट्रिक टन 
बिहार सरकार ने इस साल धान अधिप्राप्ति की न्यूनतम लक्ष्य को बढ़ाते हुए 45 लाख मीट्रिक टन कर दिया है. समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव विनय कुमार ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रुपये, जबकि ए-ग्रेड धान का समर्थन मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है.

बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में देशभर के किसान इनदिनों आंदोलन पर हैं. केन्द्र सरकार के साथ बातचीत का दौर जारी है. पर अबतक कुछ ठोस नतीजा निकलकर सामने नहीं आया है.

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