बिहार सरकार का बड़ा एक्‍शन, बेऊर सहित कई जेलों के सुपरिटेंडेंट बदले

नीतीश सरकार ने बेउर और नवादा मंडल कारा अधीक्षक निलंबित किए.

नीतीश सरकार ने बेउर और नवादा मंडल कारा अधीक्षक निलंबित किए.

नीतीश सरकार (Nitish Government) ने जिला जेलों में आपत्तिजनक चीजें मिलने के बाद कई अधीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है. इसके अलावा कई लोगों का ट्रांसफर किया गया है.

  • Share this:
पटना. पिछले दिनों बिहार की सभी जिलों के जेलों (Jails) में हुई राज्यव्यापी छापेमारी में भारी मात्रा में आपत्तिजनक चीजें मिलने से खलबली मच गई थी. इसके पहले भी मीडिया में जिलों से संबंधित खबरें जिस तरीके से सामने आईं, उससे जेलों की आंतरिक व्यवस्था पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता नजर आ रहा था. ऐसे में बिहार जेल विभाग ने जेलों के अंदर की व्यवस्था को दुरुस्त करने के मकसद से कड़े और प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में बिहार की सबसे बड़ी जेल केंद्रीय कारा बेउर (Central Kara Beur) और नवादा मंडल कारा के अधीक्षक को एक साथ निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया है.

इस बीच केंद्रीय कारा बेउर पटना में पदस्थापित जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार पर कर्तव्यहीनता और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर आरोप लगा है कि वह प्रतिबंधित सामग्रियों का प्रवेश और उसका उपयोग जेल के अंदर रोक पाने में सक्षम नहीं हैं. साथ ही उन्हें अपने जेल के वार्डों की सामान्य जानकारी तक नहीं है. यही नहीं, उनका अधीनस्थ कर्मियों पर कोई नियंत्रण नहीं है जिसके कारण वे चुस्त प्रशासनिक व्यवस्था कायम करने में विफल रहे हैं. कैदियों द्वारा जेल के अंदर से अपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं इससे समाज और जेल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है.

Youtube Video


दरअसल पिछले दिनों पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह के नेतृत्व में प्रशासन ने छापेमारी की थी जिसमें मोबाइल और चार्जर के साथ ही एक डायरी भी मिली थी जिसमें 5 बैंकों के अकाउंट का विवरण दिया गया था. इस पूरे मामले में जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी. यही नहीं, जेल में साइबर क्रिमिनल कुणाल शर्मा की उठक-बैठक का वीडियो वायरल हुआ था. इसको लेकर भी जेल आईजी मिथिलेश मिश्र ने उनसे स्पष्टीकरण की मांग की थी लेकिन उनके द्वारा सौंपा गया स्पष्टीकरण विरोधाभास से भरा था. सत्येंद्र कुमार को निलंबित करते हुए निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय केंद्रीय कारा पूर्णिया निर्धारित किया गया है.
इन पर भी गिरी गाज

यही नहीं, मंडल कारा नवादा के अधीक्षक महेश रजक को भी कर्तव्यहीनता, जेल सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही बरतने, अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण रखने में सक्षम नहीं होने और जेल के प्रबंधन में पूर्ण तरीके से विफल रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पिछले दिनों नवादा जेल में हुई छापेमारी में जेल के अंदर से 9 मोबाइल, 4 चार्जर, 3 मोबाइल बैटरी, एक हेडफोन और कई आपत्तिजनक चीजें बरामद की गईं थीं. नीतीश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए केंद्रीय जेल मोतिहारी से सम्बद्ध दिया है. इस कड़े एक्शन से जेल विभाग में हड़कंप मच गया है.

बता दें कि पटना के बेऊर, पूर्णिया सेंट्रल जेल, नवादा के डिवीजन और बेनीपट्‌टी के सब जेल में नए सुपरिटेंडेंट की पोस्टिंग कर दी गई है. पूर्णिया के सेंट्रल जेल की अब तक कमान संभाल रहे सुपरिटेंडेंट जितेंद्र कुमार को पटना के बेऊर जेल की जिम्मेवारी सौंपी गई है. इसके अलावा जेल आईजी के असिस्टेंट रहे राजीव कुमार झा को पूर्णिया सेंट्रल जेल की कमान सौंपी गई है. वहीं, बेनीपट्‌टी के सब जेल के सुपरिटेंडेंट का ट्रांसफर नवादा की डिवीजन जेल में किया गया है. जबकि पोस्टिंग के लिए इंतजार कर रहे मोती लाल को बेनीपट्‌टी सब जेल का नया सुपरिटेंडेंट बनाया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज