बिहार के हर अस्पताल में ‘दीदी की रसोई’ परोसेगी मरीजों को खाना, नई व्यवस्था के लिए करार

पटना में नई सेवा के एमओयू का आदान प्रदान करते अधिकारी

पटना में नई सेवा के एमओयू का आदान प्रदान करते अधिकारी

Didi Ki Rasoi: दीदी की रसोई से खाना सीधा अस्पताल में भर्ती मरीजों तक पहुंच सकेगा. इस नई व्यवस्था को लेकर दो विभागों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं. दीदियों को नाश्ता-भोजन कराने के बदले 150 रुपए मिलेंगे.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: February 22, 2021, 10:37 AM IST
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पटना. बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी जिला और अनुमंडल अस्पतालों में दीदी की रसोई (Didi Ki Rasoi) शुरुआत करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि आशा दीदियां अब हर अस्पताल में खाना बनाकर खिलाएंगी. इससे मरीजो को बेहतर खाना मिलेगा और जीविका दीदियां आत्मनिर्भर भी बनेगी. उन्हें नाश्ता और भोजन कराने के बदले अब 100 रुपए की जगह 150 रुपए मिला करेंगे.

इस योजना के लिए ग्रामीण विकास विभाग और बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. यह हस्ताक्षर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बाला मुरुगन डी और राज्य स्वास्थ्य समिति के निदेशक मनोज कुमार ने किये. करारनामे के मुताबिक मार्च के महीने में राज्य के 10 जिलों में दीदी की रसोई शुरू कर दी जाएगी. फिलहाल बक्सर, शिवहर, सहरसा, गया, शेखपुरा, पूर्णिया, वैशाली और शेरघाटी को मिलाकर कुल 7 जिलों में में ये दीदी रसोई चल रही है. सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि पूर्णिया में हमने देखा था कि आशा की दीदियां 100 रु में नाश्ता और भोजन दोनों करा रही हैं, हमने इसे 150 रुपए करने को कहा.

अब सभी को मिलेगी टेलीमेडिसिन से सुविधा

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की है. ई संजीवनी नाम से शुरू किए गए टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिये अब सुदूर गांव में रहने वाले लोग भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अपना इलाज करवा सकते हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा प्रबंध होगा जिससे लोगों को मजबूरी में इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े.

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